बीकानेर हाईकोर्ट बेंच आंदोलन, वकीलों ने सौंपा 197वां ज्ञापन, कहा– 1948 तक बीकानेर में थी हाईकोर्ट, अब हक लेकर रहेंगे
बीकानेर हाईकोर्ट बेंच आंदोलन, वकीलों ने सौंपा 197वां ज्ञापन, कहा– 1948 तक बीकानेर में थी हाईकोर्ट, अब हक लेकर रहेंगे


बीकानेर, 18 मई। बीकानेर में उच्च न्यायालय की स्थायी बेंच की स्थापना को लेकर बार एसोसिएशन, बीकानेर द्वारा चलाया जा रहा जन-आंदोलन लगातार गति पकड़ रहा है। प्रत्येक माह की 17 तारीख को आयोजित किए जाने वाले ‘प्रोटेस्ट डे‘ के तहत अधिवक्ताओं ने एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद की। बार अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित के नेतृत्व में “हाईकोर्ट बैंच मांग नहीं, अधिकार है” के बैनर तले अधिवक्ताओं ने जिला कलेक्टर निशांत जैन को राज्यपाल के नाम तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति (चीफ जस्टिस) के नाम 197वां ज्ञापन सौंपा।


इस अवसर पर बार अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित ने बीकानेर की ऐतिहासिक न्यायिक विरासत का हवाला देते हुए कहा कि यह मांग कोई नई नहीं है। वर्ष 1922 से 1948 तक बीकानेर में बकायदा हाईकोर्ट कार्यरत था, जिसे राजस्थान राज्य के गठन के समय बदली गई व्यवस्थाओं के तहत जोधपुर स्थानांतरित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बीकानेर संभाग सहित श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और सीमावर्ती क्षेत्रों के आमजन व पक्षकारों को न्याय के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर जोधपुर की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे जनता के समय, श्रम और आर्थिक संसाधनों की भारी हानि होती है। बढ़ते मुकदमों और भौगोलिक दूरी को देखते हुए बीकानेर में बेंच की स्थापना बेहद जरूरी हो गई है।


अधिवक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक बीकानेर में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह आंदोलन पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा। इस दौरान बार सचिव हेमंत सिंह चौहान, उपाध्यक्ष लेखराम धतरवाल, धर्मेंद्र वर्मा, सहायक सचिव गणेश टाक, मुखराम कुकणा, ओम भादाणी, नवल पुरोहित, सुरेंद्र पाल शर्मा, मनीराम विश्नोई, संजय रामावत, नवनीत नारायण व्यास, केदार सारस्वत, सुखदेव व्यास, पवन स्वामी, पवन कुमार व्यास, दीपा खत्री, रामनिवास, मनीष सांखला, प्रशांत तंवर, ताराचंद, भावना पारख, वीणा खडगावत, सुनील जोशी, गोपीराम, गर्वित पंवार, रशीद अली और दीवान सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।


