कलेक्टर निशान्त जैन के कड़े तेवर, जलाशयों की मॉनिटरिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित राहत के आदेश, लापरवाही पर जताई नाराजगी
कलेक्टर निशान्त जैन के कड़े तेवर, जलाशयों की मॉनिटरिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित राहत के आदेश, लापरवाही पर जताई नाराजगी


- नहरबंदी के बाद सुचारू जलापूर्ति और अघोषित कटौती रोकने के सख्त निर्देश
बीकानेर, 17 मई। भीषण गर्मी के दौर में आमजन को राहत देने के लिए जिला कलेक्टर निशान्त जैन ने रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जलदाय, विद्युत और इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने नहरबंदी की समाप्ति के बाद जिले में सुचारू पेयजल आपूर्ति और सुदृढ़ विद्युत व्यवस्था की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पेयजल वितरण की स्थितियां पूरी तरह सामान्य होने तक अगले दो-तीन दिन जलदाय और जल संसाधन विभाग पूर्ण गंभीरता के साथ आपसी समन्वय से काम करें।


जिला कलेक्टर ने बीछवाल और शोभासर जलाशयों तक पानी पहुंचने की स्थिति पर वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टैंकरों से की जा रही जलापूर्ति में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण से जुड़ी हर समस्या का त्वरित और समयबद्ध निस्तारण किया जाए। इसके लिए उन्होंने निचले स्तर की मशीनरी को एक्टिव करने, अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने और नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे पूरी तरह सक्रिय रखने की हिदायत दी।


बिजली आपूर्ति की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने बीकेएसएल (BKESL) और विद्युत निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में बार-बार अघोषित बिजली कटौती की समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसमें तुरंत सुधार करने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में अंधड़ और बरसात के कारण क्षतिग्रस्त होने वाले ट्रांसफार्मर व पोल तथा तकनीकी खराबी से जलने वाले ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदलने और दुरुस्त करने की बात कही, ताकि उपभोक्ताओं को बेवजह परेशानी न झेलनी पड़े। बैठक में जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पुरोहित, अधीक्षण अभियंता खेमचंद सिंगारिया, राजेश पूनिया, विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र मीणा और बीकेएसएल के सुरेंद्र चौधरी सहित जल संसाधन विभाग के कई वरिष्ठ अभियंता उपस्थित रहे।


