10 दिन में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी की जेब पर ‘ट्रिपल अटैक’
महंगाई का बड़ा झटका फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम


नई दिल्ली, 23 मई। शनिवार की सुबह देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों और वाहन चालकों के लिए एक बड़ा झटका लेकर आई है। सरकारी तेल कंपनियों ने एक बार फिर ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। पिछले 10 दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा किया गया है। वैश्विक राजनीति में मचे घमासान और मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के तनाव का सीधा असर अब भारत के हर घर के बजट पर दिखने लगा है।


ताजा बढ़ोतरी के बाद ₹100 के करीब पहुंचा पेट्रोल
शनिवार सुबह पेट्रोल पंपों पर नई दरें लागू होते ही उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा। इस ताजा वृद्धि के तहत पेट्रोल के दाम 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 99.51 रुपये प्रति लीटर हो चुकी है, जो 100 रुपये के मनोवैज्ञानिक आंकड़े से महज कुछ पैसे दूर है। वहीं, माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ माना जाने वाला डीजल अब 92.49 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।


10 दिनों में ₹5 तक महंगा हुआ ईंधन
इस पूरे संकट की शुरुआत पिछले सप्ताह हुई थी। सरकारी तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का बोझ उपभोक्ताओं पर डालना शुरू किया है:
15 मई: अचानक पेट्रोल-डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई।
19 मई: ईंधन की कीमतों में दोबारा 90 पैसे प्रति लीटर की मार पड़ी।
23 मई (आज): पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर और महंगा हो गया।
महज 10 दिनों के भीतर ईंधन के दाम लगभग 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं। यह तेज रफ्तार इस बात का संकेत है कि आने वाले दिन आम उपभोक्ताओं के लिए और भी मुश्किल भरे हो सकते हैं।
मिडिल ईस्ट के तनाव ने बिगाड़ा बजट का खेल
इस अचानक आई तेजी के पीछे भारत से हजारों किलोमीटर दूर मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक टकराव (Geopolitical Conflict) है। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति शृंखला (Global Oil Supply Chain) बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं। चूंकि भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार की इस तेजी का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ रहा है।
महंगाई बढ़ने का खतरा
यदि मिडिल ईस्ट का संकट जल्द नहीं सुलझा, तो दिल्ली सहित कई अन्य राज्यों में भी पेट्रोल बहुत जल्द 100 रुपये प्रति लीटर के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर जाएगा। आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, डीजल की बढ़ती कीमतें माल ढुलाई को महंगा करेंगी, जिससे आने वाले दिनों में फल, सब्जियां, दूध और राशन जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ना तय है।


