बीकानेर में बदलेगी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था: कचरा गाड़ी आने से पहले मोबाइल पर आएगा अलर्ट

बीकानेर में बदलेगी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था: कचरा गाड़ी आने से पहले मोबाइल पर आएगा अलर्ट
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  • नगर निगम ने 89 करोड़ का नया टेंडर किया तैयार, कचरे के वजन के बजाय ‘हर घर पहुंच’ के आधार पर होगा भुगतान

बीकानेर, 4 जुलाई । बीकानेर शहर की स्वच्छता और घर-घर कचरा संग्रहण (डोर-टू-डोर कलेक्शन) व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक और अधिक जवाबदेह बनाने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है. निगम प्रशासन ने पूरी व्यवस्था को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए तीन साल की अवधि के लिए लगभग 89 करोड़ रुपये का नया टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी और अनूठी खासियत यह होगी कि अब कचरा गाड़ी (ऑटो टिपर) आपके घर पहुंचने से पहले ही संबंधित परिवार के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ‘गाड़ी आ रही है’ का अलर्ट संदेश (SMS) पहुंच जाएगा.

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परफॉरमेंस के आधार पर भुगतान, दो हिस्सों में बंटा टेंडर

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नगर निगम के नए नियमों के मुताबिक, अब ठेकेदार फर्म को भुगतान कचरे के कुल वजन के आधार पर नहीं, बल्कि ‘हाउसहोल्ड कवरेज’ यानी वह कितने घरों तक वास्तव में पहुंची है और उसका कार्य प्रदर्शन (परफॉरमेंस) कैसा है, इस आधार पर किया जाएगा. नए टेंडर में निगम का मुख्य फोकस शत-प्रतिशत घरों को कवर करने पर है, ताकि हर घर से सीधे कचरा उठाया जा सके.

निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इस बार पूरे शहर (80 वार्डों) का एक टेंडर करने के बजाय, बीकानेर पूर्व और बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए गए हैं. इससे दोनों क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की कमान और जवाबदेही अलग-अलग तय हो सकेगी.

संकरी गलियों के लिए मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और जीपीएस ट्रैकिंग
शहर के परकोटा क्षेत्र और संकरी गलियों को ध्यान में रखते हुए निगम ने विशेष कार्ययोजना बनाई है. जिन तंग गलियों में बड़े ऑटो टिपर नहीं प्रवेश कर सकते, वहां कचरा संग्रहण के लिए मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का उपयोग किया जाएगा. इसके लिए दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कम से कम 25-25 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल तैनात की जाएंगी, ताकि कोई भी घर इस सेवा से वंचित न रहे. नई व्यवस्था के तहत जैसे ही ऑटो टिपर सुबह गैराज से रवाना होंगे, वैसे ही उपभोक्ताओं के मोबाइल पर नोटिफिकेशन या संदेश चला जाएगा, जिससे लोग समय पर अपना कचरा वाहन को सौंप सकेंगे.

तकनीक और डैशकैम से होगी लाइव मॉनिटरिंग
इस बार पूरी कचरा संग्रहण प्रणाली की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी. इसके लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर और मोबाइल ऐप तैयार किया जा रहा है. वाहनों की लाइव लोकेशन, चालकों की उपस्थिति और सड़कों पर कचरा उठाने की प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए वाहनों में ‘डैशकैम लाइव सिस्टम’ (Dashcam Live System) इंस्टॉल किया जाएगा.

नए टेंडर की प्रमुख विशेषताएं और कड़े नियम
कार्य आधारित भुगतान: ठेकेदार का मूल्यांकन सिर्फ इस बात से होगा कि गाड़ी प्रत्येक घर के दरवाजे तक पहुंची या नहीं.

इंटीग्रेटेड सिस्टम: प्राइमरी (घरों से उठाना) और सेकेंडरी (कचरा डंपिंग यार्ड तक पहुंचाना) दोनों काम एक ही टेंडर के तहत होंगे.

भारी वाहनों का अनुबंध: ऑटो टिपर के अलावा जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की व्यवस्था भी इसी कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा होगी. सड़कों पर बिखरा कचरा उठाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाई जाएंगी.

समय की पाबंदी: सभी ऑटो टिपर सुबह ठीक 7:30 बजे गैराज से रूट के लिए रवाना हो जाएंगे.

पेनल्टी का प्रावधान: व्यवस्था की कड़ाई से पालना के लिए अलग से मॉनिटरिंग स्टाफ तैनात रहेगा. यदि तय मानकों में किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही पाई जाती है, तो ठेकेदार पर भारी पेनल्टी लगाने का प्रावधान भी टेंडर में जोड़ा गया है.

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