उरमूल डेयरी खाजूवाला इकाई में संगोष्ठी का आयोजन
उरमूल डेयरी खाजूवाला इकाई में संगोष्ठी का आयोजन


- वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान में सरस पार्लर में बनेगा महिला प्रसाधन कक्ष
बीकानेर, 27 मई। जिला कलक्टर के आदेशों की अनुपालना में बुधवार को उरमूल डेयरी प्रबन्ध संचालक बाबूलाल बिश्नोई की अध्यक्षता तथा उरमूल डेयरी (खाजूवाला इकाई) के डायरेक्टर माननीय श्री राजेश गोदारा के नेतृत्व में ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में डेयरी परिसर को स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए।


डेयरी परिसर होगा सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त और डिजिटल
संगोष्ठी में दुग्ध संघ के भीतर स्वच्छता को एक व्यावहारिक आदत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रबन्ध संचालक बाबूलाल बिश्नोई ने बताया कि कार्यालय में साफ-सफाई को सुदृढ़ करने के लिए अब हर सप्ताह ‘साप्ताहिक श्रमदान’ का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, सभी कर्मचारी प्रतिदिन कुछ समय अपने कार्यस्थल (वर्कस्टेशन) को साफ रखने के लिए समर्पित करेंगे।


कार्यालय परिसर को पूरी तरह से ‘सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र’ घोषित करने और कचरा प्रबंधन को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। साथ ही, कागज़ के उपयोग को कम कर पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने के लिए कार्यालय में ‘ई-फाइलिंग प्रणाली’ (डिजिटलीकरण) को तेजी से बढ़ावा दिया जाएगा।
किसानों और महिलाओं के लिए बनेंगे आधुनिक प्रसाधन कक्ष
डायरेक्टर राजेश गोदारा ने सामाजिक और नैतिक दायित्वों को रेखांकित करते हुए कहा कि उरमूल डेयरी में प्रतिदिन दर्जनों किसान, पशुपालक और आमजन अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांगजन शामिल होते हैं। उन्हें गरिमापूर्ण और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाना हमारा मुख्य कर्तव्य है।
इस बात को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता अभियान के अंतर्गत उरमूल डेयरी कार्यालय परिसर में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग नए आधुनिक प्रसाधन कक्षों के निर्माण तथा सरस पार्लर परिसर में विशेष रूप से ‘महिला प्रसाधन कक्ष’ के निर्माण का निर्णय लिया गया।
हर डेयरी समिति लगाएगी 5-5 पौधे
पर्यावरण संरक्षण और राज्य सरकार की बजट घोषणा (वित्तीय वर्ष 2025-26 व 2026-27) की अनुपालना में प्रबन्ध संचालक ने एक बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने बताया कि पंजीकृत संघ के अंतर्गत आने वाली प्रत्येक दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति को अनिवार्य रूप से 5-5 पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का लक्ष्य आवंटित किया गया है।
‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण की दिलाई शपथ
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उप-रजिस्ट्रार शिशुपाल सिंह ने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को “वंदे गंगा“ जल संरक्षण अभियान-2026 के सिद्धांतों को जीवन में उतारने और पानी बचाने के संकल्प की सामूहिक शपथ दिलाई।
इस विशेष संगोष्ठी के दौरान उरमूल संयंत्र प्रभारी ओमप्रकाश भाम्भू, क्रय प्रभारी ऋषभ गोदारा, पीएण्डआई प्रभारी मोहनसिंह चौधरी, विपणन प्रभारी हरीश शर्मा और डॉ. अनिल दाधीच सहित डेयरी के तमाम तकनीकी अधिकारी, प्रशासनिक कर्मचारी और दुग्ध उत्पादक उपस्थित रहे।


