MGSU का 23वां स्थापना दिवस पर 4 नए भवनों का लोकार्पण में केंद्रीय शोध सुविधा भवन का नाम आचार्य तुलसी भवन रखा

एमजीएसयू भवन लोकार्पन अर्जुनराम मेघवाल द्वारा
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026
  • राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने किया 4 नए भवनों का लोकार्पण, तकनीकी शिक्षा के लिए 2 बड़े MoU
  • परीक्षा केंद्र भवन — (गुरु जम्भेश्वर भवन), केंद्रीय शोध सुविधा भवन — (आचार्य तुलसी भवन), विज्ञान भवन — (मां करणी भवन), कला भवन — (संत रामसुखदास भवन)

बीकानेर, 7 जून। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (MGSU), बीकानेर का 23वां स्थापना दिवस रविवार को भव्य लोकार्पण समारोह के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में चार नव-निर्मित अत्याधुनिक भवनों का लोकार्पण किया गया, वहीं विद्यार्थियों के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए दो अत्यंत महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। समारोह में राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा तथा बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास ऑनलाइन माध्यम से जुड़े, जबकि केंद्रीय विधि एवं न्याय (स्वतंत्र प्रभार) व संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी उमेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि गरिमामयी कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान, राजस्थान गीत और विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुआ। इसके बाद विश्वविद्यालय की गौरवमयी विकास यात्रा पर आधारित एक विशेष वृत्तचित्र (डॉक्युमेंट्री) का प्रदर्शन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु (कुलपति) प्रो. मनोज दीक्षित ने अपने स्वागत भाषण में अतिथियों का अभिनंदन करते हुए संस्थान की हालिया शैक्षणिक उपलब्धियों और भविष्य की दूरगामी योजनाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया।

pop ronak

शर्मा ने बताया कि ‘प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान’ (PM-USHA) योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित चार महत्वपूर्ण भवनों का ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से संयुक्त रूप से लोकार्पण किया गया। इन भवनों का नामकरण प्रदेश की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक धरोहर के प्रतीक महापुरुषों के नाम पर किया गया है, जो इस प्रकार हैं। परीक्षा केंद्र भवन — (गुरु जम्भेश्वर भवन), केंद्रीय शोध सुविधा भवन — (आचार्य तुलसी भवन), विज्ञान भवन — (मां करणी भवन), कला भवन — (संत रामसुखदास भवन)

इसके साथ ही, डिजिटल युग में विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने नैसकॉम (NASSCOM) आईटी-आईटीईएस सेक्टर स्किल काउंसिल तथा राजस्थान नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (RKCL) के साथ दो बड़े एमओयू का आदान-प्रदान किया।

एमजीएसयू भवन लोकार्पन

लोकार्पण के बाद अपने वर्चुअल संबोधन में राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय 23 वर्ष का सफर पूर्ण कर देश में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। उन्होंने नव-निर्मित शोध और विज्ञान ढांचों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ हमारी भावी पीढ़ी में नैतिक संस्कार, उच्च स्तरीय अनुसंधान (रिसर्च) और कौशल का समावेश होना अनिवार्य है। राज्यपाल ने प्रबंधन से आह्वान किया कि जिन महापुरुषों और संतों के नाम पर इन भवनों का नामकरण किया गया है, उनके प्रेरक जीवन परिचय और सिद्धांतों से विद्यार्थियों को अवश्य अवगत कराया जाए।

समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री  अर्जुनराम मेघवाल ने बीकानेर के दूरदर्शी महाराजा गंगा सिंह जी को नमन किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार महाराजा गंगा सिंह की ऐतिहासिक ‘गंग नहर परियोजना’ ने मरुस्थलीय क्षेत्र के भूगोल को बदलकर यहां जीवन और समृद्धि का संचार किया, ठीक उसी प्रकार यह विश्वविद्यालय ज्ञान, नवाचार और उच्च शोध के माध्यम से समाज और राष्ट्र को एक नई वैचारिक दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इन नव-निर्मित आधुनिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर देश के विकास में अपना अहम योगदान दें।

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने भी उच्च शिक्षा संस्थानों को नवाचार एवं कौशल विकास का मुख्य केंद्र बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक डिग्रियां देने के बजाय रोजगारोन्मुख (जॉब-ओरिएंटेड) व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री यशपाल आहूजा ने ऑनलाइन व ऑफलाइन जुड़े सभी अतिथियों, प्रबुद्ध नागरिकों और छात्र-छात्राओं के प्रति धन्यवाद व आभार ज्ञापित किया।

sesumo school
sjps