बीकानेर के आचार्य तुलसी कैंसर संस्थान में कमाल, 5 घंटे की जटिल सर्जरी कर महिला के पेट से निकाला 20 किलो का ट्यूमर
बीकानेर के आचार्य तुलसी कैंसर संस्थान में कमाल



- राज्य सरकार की योजना से मुफ्त हुआ इलाज
बीकानेर, 8 जून। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल से संबद्ध आचार्य तुलसी क्षेत्रीय कैंसर उपचार एवं अनुसंधान संस्थान (ATRCTRI) के चिकित्सकों ने चिकित्सा जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान के कैंसर सर्जरी विभाग की टीम ने एक अत्यंत जटिल, संवेदनशील और जोखिमपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 40 वर्षीय एक महिला के पेट से लगभग 20 किलोग्राम वजनी विशालकाय ओवेरियन ट्यूमर (अंडाशय की गांठ) बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। करीब पांच घंटे तक चली इस मैराथन सर्जरी के दौरान चिकित्सकों ने मरीज के गुर्दे, यूरेटर (मूत्रवाहिनी), मूत्राशय और प्रमुख रक्त वाहिनियों जैसे जीवन रक्षक अंगों को पूरी तरह सुरक्षित रखकर अपनी उच्च दक्षता का परिचय दिया।


रक्त वाहिनियों और अंगों पर था भारी दबाव, दैनिक जीवन था ठप


संस्थान के वरिष्ठ कैंसर सर्जन एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संदीप गुप्ता ने बताया कि श्रीगंगानगर की रहने वाली यह महिला लंबे समय से पेट में लगातार बढ़ रही भारी गांठ से गंभीर रूप से पीड़ित थी। ट्यूमर का आकार समय के साथ इतना विकराल हो चुका था कि महिला का उठना-बैठना, चलना-फिरना, खाना-पीना और यहां तक कि सीधा सोना भी पूरी तरह दूभर हो गया था। अस्पताल में की गई विस्तृत रेडियोलॉजिकल जांचों में सामने आया कि ट्यूमर ने पेट और पेल्विस (पेड़ू) के अधिकांश हिस्से को पूरी तरह घेर लिया था और शरीर की मुख्य रक्त वाहिनियों व यूरेटर को बुरी तरह दबा रखा था।
500 से अधिक ऑपरेशनों में सबसे चुनौतीपूर्ण केस
डॉ. संदीप गुप्ता ने बताया कि सभी चिकित्सा विशेषज्ञों की राय और जोखिमों के गहन तकनीकी मूल्यांकन के बाद ऑपरेशन का अंतिम फैसला लिया गया। सर्जरी के समय सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि ट्यूमर का आकार लगभग 138 × 236 × 261 मिलीमीटर था और यह अंदरूनी नाजुक अंगों से पूरी तरह सटा हुआ था। डॉ. गुप्ता के अनुसार, उन्होंने अपने करियर में अब तक 500 से अधिक ओवेरियन ट्यूमर के ऑपरेशन किए हैं, लेकिन यह मामला सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण और पेचीदा था। किसी भी छोटी सी चूक से अंगों को नुकसान या जानलेवा ब्लीडिंग हो सकती थी, लेकिन टीमवर्क और आधुनिक तकनीक के बल पर 20 किलो के इस ट्यूमर को सुरक्षित निकाल लिया गया। सफल ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है और उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।
सरकारी योजनाओं के तहत पूरी तरह निःशुल्क हुआ उपचार
संस्थान की निदेशक डॉ. नीति शर्मा और पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने इस बड़ी सफलता को कैंसर सेंटर के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि पीबीएम में अब कैंसर की जटिल से जटिल सर्जरियां नियमित रूप से की जा रही हैं। सरदार पटेल (एसपी) मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने विशेष रूप से जानकारी दी कि इस बेहद खर्चीले और जटिल ऑपरेशन का संपूर्ण इलाज राज्य सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं— मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, आरजीएचएस (RGHS) एवं आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पूरी तरह निःशुल्क (कैशलेस) किया गया है।
सफल ऑपरेशन में यह रही विशेषज्ञों की टीम
इस ऐतिहासिक और जटिल सर्जरी को कामयाबी तक पहुंचाने में कैंसर सर्जन डॉ. संदीप गुप्ता के साथ एनेस्थेटिक (निश्चेतन) टीम की डॉ. संगीता सेठिया, डॉ. पुष्पा व डॉ. उत्कर्ष, सर्जरी रेजिडेंट डॉ. पंकज, ओटी नर्सिंग स्टाफ के सदस्य कृष्णा स्वामी, अभिलाषा, रविंदर, सरोज, महेंद्र व पूनम तथा सहयोगी स्टाफ बाबू, साजिद और पूजा का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।


