बीकानेर RTO में तकनीकी पेच में उलझा ‘फेसलेस’ सिस्टम, हफ्ते भर से रजिस्ट्रेशन और परमिट ठप; करोड़ों के वाहन बॉर्डर पर खड़े

बीकानेर RTO में तकनीकी पेच में उलझा 'फेसलेस' सिस्टम, हफ्ते भर से रजिस्ट्रेशन और परमिट ठप; करोड़ों के वाहन बॉर्डर पर खड़े
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

बीकानेर, 8 जून। संभाग के सबसे बड़े रीजन वाले बीकानेर प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (RTO) में प्रशासनिक व तकनीकी उदासीनता के चलते पिछले एक सप्ताह से वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर और परमिट से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। सिटीजन पोर्टल पर वाहन संबंधी दस्तावेज ‘इनवार्ड’ (Inward) नहीं होने और अधिकारियों को कार्यालय आईडी (ID) का एक्सेस न मिलने के कारण ट्रक, बस, ट्रेलर से लेकर कार, जीप और मोटरसाइकिल तक के सैकड़ों मामले अटक गए हैं। इस अव्यवस्था से वाहन स्वामियों को भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

फेसलेस व्यवस्था का तकनीकी पेच, अन्य जिलों में काम सुचारू

pop ronak

जानकारी के अनुसार, परिवहन मुख्यालय ने 1 जून से प्रक्रियाओं के सरलीकरण के उद्देश्य से कुछ सेवाओं को ‘फेसलेस’ करने का प्रयास किया था। लेकिन तकनीकी खामियों के चलते यह नई व्यवस्था वाहन स्वामियों के लिए जी का जंजाल बन गई है। ऑनलाइन स्वतः इनवार्ड प्रणाली में आवेदन फीस और टैक्स तो जमा हो रहे हैं, लेकिन वे राज्य के किसी भी अन्य डीटीओ कार्यालय के हेड में चले जाते हैं, जहां से दस्तावेजों का अप्रूवल (स्वीकृति) करवाना स्थानीय वाहन मालिकों के लिए असंभव सा हो गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि बीकानेर रीजन से ही जुड़े अन्य डीटीओ कार्यालयों जैसे—श्रीगंगानगर, नोखा और हनुमानगढ़ में सिटीजन पोर्टल पर यह सभी कार्य आसानी से और सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं, जिससे बीकानेर आरटीओ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

खड़े वाहनों पर लग रही पेनल्टी, फाइनेंस की किस्त का बढ़ा बोझ

बीकानेर आरटीओ कार्यालय में नए पंजीयन के अलावा पुराने वाहनों के दस्तावेजों का बैकलॉग क्लियर करने और वाहन स्वामियों के मोबाइल नंबर अपडेट करने की व्यवस्था पर भी रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही कॉमर्शियल वाहनों के परमिट सरेंडर और नेशनल परमिट जमा करने का काम रुकने से नए परमिट जारी नहीं हो पा रहे हैं, जिसके कारण वाहन मालिकों को डेढ़ गुना तक पेनल्टी भुगतनी पड़ रही है। इस गतिरोध की वजह से सैकड़ों बसें, ट्रक और ट्रेलर या तो मालिकों के घरों पर खड़े हैं या फिर राज्य की सीमाओं (बॉर्डर) पर बिना परमिट के फंसे हुए हैं। लाखों रुपये का फाइनेंस करवाकर खरीदे गए इन कॉमर्शियल वाहनों के पहिए थमने से मालिकों पर ब्याज और किस्तों का आर्थिक भार लगातार बढ़ता जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने डीटीओ से की मुलाकात, राहत की मांग

इस गंभीर समस्या को लेकर ‘बीकानेर आरटीओ बार’ से जुड़े अधिवक्ताओं का एक शिष्टमंडल, जिसमें एडवोकेट हनुमान प्रसाद शर्मा, हरिराम जालप, बनवारी लाल, सुरेंद्र विश्नोई और प्रेम विश्नोई शामिल थे, बीकानेर डीटीओ से मिला। शिष्टमंडल ने डीटीओ को जमीनी हकीकत से अवगत कराते हुए मांग की कि जब तक पोर्टल की तकनीकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक डीटीओ स्तर पर विशेष कार्यालय आईडी उपलब्ध करवाकर संबंधित शाखाओं में मैनुअल या वैकल्पिक तरीके से इनवार्ड और वेरिफिकेशन का कार्य शुरू करवाया जाए, ताकि आमजन को भारी पेनल्टी और आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके। इस पर डीटीओ ने परिवहन मुख्यालय के आला अधिकारियों से वार्ता कर जल्द ही समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया है।

sesumo school
sjps