पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी का देशव्यापी शंखनाद: 17 जून को कोटा से शुरू होगा राष्ट्रीय आंदोलन; पटना, प्रयागराज और दिल्ली में भी महासम्मेलन
पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी का देशव्यापी शंखनाद


नई दिल्ली, 13 जून। मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) के कथित पर्चा लीक मामले और परीक्षाओं में हुई धांधली को लेकर देश के युवाओं में उपजे आक्रोश को अब कांग्रेस एक बड़े राष्ट्रीय आंदोलन का रूप देने जा रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस देशव्यापी अभियान की कमान संभालेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के छात्र वर्ग को एक मंच पर लाकर एक पारदर्शी व निष्पक्ष भर्ती प्रणाली की मांग बुलंद करना है। इस बड़े आंदोलन का शंखनाद आगामी 17 जून को राजस्थान की कोचिंग सिटी कोटा से किया जाएगा।


कोटा से शुरुआत के बाद देश के प्रमुख शहरों में जुटेंगे छात्र
राजस्थान के कोटा से इस अभियान की शुरुआत करने के बाद कांग्रेस इसे देश के अन्य बड़े शिक्षा और कोचिंग हब तक ले जाएगी। पार्टी द्वारा तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार, आगामी 10 जुलाई को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज), 11 जुलाई को बिहार की राजधानी पटना और 14 जुलाई को देश की राजधानी नई दिल्ली में विशाल छात्र सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।


इस मुहिम के जरिए पार्टी का लक्ष्य एक बड़ा जनसमर्थन जुटाना है। इन सम्मेलनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे अभ्यर्थी, छात्र, युवा संगठन, प्रबुद्ध शिक्षक और परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं से सीधे तौर पर प्रभावित हुए पीड़ित परिवार बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। यह आंदोलन उन लाखों युवा भारतीयों की पीड़ा और संघर्ष को उजागर करेगा, जिनका भविष्य बार-बार होने वाले पेपर लीक, परीक्षाओं के महंगे फॉर्म और प्रशासनिक तंत्र की विफलता के कारण अधर में लटका हुआ है।
कोचिंग सेंटरों और विश्वविद्यालयों में विशेष संवाद की रणनीति
राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जाने वाले इस महाअभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए राहुल गांधी छात्रों के साथ सम्मेलनों की एक पूरी श्रृंखला को संबोधित करेंगे। इस आंदोलन को धार देने के लिए कांग्रेस अपनी सभी छात्र और युवा इकाइयों— जैसे एनएसयूआई (NSUI) और युवा कांग्रेस— के साथ-साथ प्रादेशिक व जिला स्तर के संगठनों को मैदान में उतारेगी।
इसके तहत देश भर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों, कोचिंग सेंटरों, केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालयों, हॉस्टलों और युवा केंद्रों में जाकर सीधे छात्रों से संवाद स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही इस पूरे अभियान को डिजिटल माध्यमों से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया कैंपेन और छात्र सम्मेलनों की लाइव स्क्रीनिंग भी की जाएगी, ताकि देश के कोने-कोने तक इस मुद्दे की गूंज पहुंचाई जा सके।


