रक्तदाता समाज का निस्वार्थ सेवा प्रदाता- प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी
रक्तदाता समाज का निस्वार्थ सेवा प्रदाता- प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी


बीकानेर, 15 जून । पर्यटन लेखक संघ एवं महफिले-अदब के संयुक्त तत्वावधान में गंगाशहर रोड स्थित होटल मरुधर हेरिटेज में “रक्तदान व रक्तदाता का महत्व” विषय पर एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक आयोजन की अध्यक्षता पूर्व प्रिंसिपल, प्रखर चिंतक व लेखक प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी ने की, जबकि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात शायर अमर जुनूनी उपस्थित रहे। गोष्ठी का कुशल संचालन कार्यक्रम के संयोजक व वरिष्ठ शायर डॉ. जिया उल हसन कादरी द्वारा किया गया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी ने रक्तदान की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्तदान मात्र एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसी तड़पते हुए जीवन को नया जीवनदान देने का माध्यम है। डॉ. बिनानी ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए उन्हें समाज और राष्ट्र का निस्वार्थ सेवा प्रदाता बताया। उन्होंने भावुक कर देने वाले शब्दों में कहा कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति की कराहों को राहत देना ही सच्ची मानवता है। इस अवसर पर उन्होंने अपनी मर्मस्पर्शी काव्य रचना, “रक्तदान होता महादान, रक्तदाता को करते सलाम, देते वे निस्वार्थ है सेवा, मानव रूप में वे है देवा” प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।


कवियों ने रचनाओं से बांधा समां
काव्य गोष्ठी के मुख्य अतिथि शायर अमर जुनूनी ने भी अपनी बेहतरीन रचना पेश कर कार्यक्रम को ऊंचाइयों पर पहुंचाया। इसके साथ ही शहर के कई नामचीन रचनाकारों ने अपनी लेखनी के माध्यम से रक्तदान के संदेश को जनता तक पहुंचाया।
मुख्य रचनाकार: गोष्ठी में वरिष्ठ शायर डॉ. जिया उल हसन कादरी, राजस्थान उर्दू अकादमी के पूर्व सदस्य असद अली असद, वरिष्ठ शायर जाकिर अदीब, हनुमंत गौड़ नजीर और धर्मेंद्र राठौड़ धनंजय ने अपनी बहुआयामी रचनाओं की प्रस्तुतियां दीं।
श्रोताओं की वाहवाही: सभी कवियों और शायरों की ओजस्वी और संवेदनशील प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ खूब दाद दी।
कार्यक्रम के समापन पर सभी आगंतुकों और कवियों का आभार असद अली असद ने व्यक्त किया। यह गोष्ठी समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने और रक्तदाताओं के सम्मान को रेखांकित करने में बेहद सफल रही।


