दर्दनाक ट्रेन हादसा में बीकानेर की महिला समेत चार की मौत
दर्दनाक ट्रेन हादसा में बीकानेर की महिला समेत चार की मौत



- बागेश्वर धाम से लौटते समय आग की अफवाह के बाद हुआ हादसा
बीकानेर, 15 जून। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में रविवार शाम एक दिल दहला देने वाला ट्रेन हादसा सामने आया है, जिसमें ट्रेन में मोबाइल ब्लास्ट और आग लगने की अफवाह के बाद पटरी पर उतरे यात्री दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे में बीकानेर जिले के घेसूरा गांव की रहने वाली एक महिला समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका बीरमा देवी (55) अपने पीहर पक्ष के लोगों के साथ बागेश्वर धाम की तीर्थ यात्रा पर गई थीं। सोमवार शाम तक उनका शव पैतृक गांव घेसूरा पहुंचने की संभावना है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।


अफवाह के बाद मची भगदड़ बनी काल
रेलवे प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर हुआ। रविवार शाम करीब 4:15 बजे गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस हेतमपुर और धौलपुर स्टेशनों के बीच अचानक चेन पुलिंग होने के कारण रुक गई थी। इसी दौरान ट्रेन के भीतर मोबाइल ब्लास्ट होने और आग लगने की अफवाह फैल गई। अफवाह से घबराए यात्री जान बचाने के लिए आनन-फानन में ट्रेन से नीचे उतरकर रेलवे ट्रैक पर आ गए। इसी बीच सामने से तेज गति से आ रही एक अन्य ट्रेन की चपेट में आने से बीरमा देवी सहित चार यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई।


15 वर्ष पूर्व पति को खोया, संघर्षों के बीच किया बेटियों का पालन-पोषण
मृतका बीरमा देवी के जीवन का संघर्ष बेहद भावुक करने वाला रहा है। करीब 15 वर्ष पूर्व उनके पति गिरधारी गुसाईं की एक सड़क दुर्घटना में असमय मौत हो गई थी। पति के निधन के बाद बिना किसी सहारे के बीरमा देवी ने मां और पिता दोनों का फर्ज निभाया। उनका कोई पुत्र नहीं था, बल्कि चार बेटियां थीं। तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने अकेले दम पर चारों बेटियों की शिक्षा, परवरिश और विवाह की जिम्मेदारियों को बखूबी पूरा किया था। कुछ दिन पूर्व ही वे श्रीगंगानगर के रघुनाथपुरा स्थित अपने पीहर गई थीं, जहां से वे रिश्तेदारों और अन्य महिलाओं के साथ बागेश्वर धाम दर्शन के लिए रवाना हुई थीं।
गांव में पसरा सन्नाटा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बीरमा देवी की मौत की सूचना जैसे ही उनके गृह ग्राम घेसूरा पहुंची, वैसे ही पूरे गांव में मातम छा गया। आज उनकी सकुशल वापसी होनी थी, लेकिन इस दुखद खबर ने परिजनों और ग्रामीणों को गहरे सदमे में डाल दिया है। ससुराल पक्ष के लोग और ग्रामीण बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने उनके निवास पर पहुंच रहे हैं। मृतका की बेटियां भी गांव पहुंच चुकी हैं और शाम को शव आने के बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया जाएगा।


