गंगाशहर सैटेलाइट अस्पताल में वातानुकूलित वार्ड और शीतल पेय की अनूठी व्यवस्था
गंगाशहर सैटेलाइट अस्पताल में वातानुकूलित वार्ड और शीतल पेय की अनूठी व्यवस्था



गंगाशहर, 15 जून। राजस्थान में जेठ के महीने की चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी जगजाहिर है। इस वर्ष पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के कारण दो जेठ होने से गर्मी का प्रकोप और अधिक बढ़ गया है। इस प्रचंड लू और तपिश से मरीजों व आमजन को निजात दिलाने के लिए गंगाशहर नागरिक परिषद् द्वारा स्थानीय राजकीय सैटेलाइट अस्पताल में व्यापक और बेहद सुदृढ़ व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।


उल्लेखनीय है कि गंगाशहर निवासियों और कोलकाता प्रवासियों की अग्रणी संस्था ‘गंगाशहर नागरिक परिषद्’ ने वर्ष 2006 से इस अस्पताल को गोद ले रखा है। संस्था द्वारा यहां चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, निर्माण, नवीनीकरण और रख-रखाव के कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में परिषद् द्वारा अस्पताल के सभी ओ.पी.डी. (OPD) कक्ष, सामान्य वार्ड, नेत्र विभाग, दंत विभाग, प्रसूति विभाग, प्रयोगशाला, एक्स-रे और सोनोग्राफी कक्ष को पहले ही पूरी तरह वातानुकूलित (AC) बनाया जा चुका है।


दवाओं की सुरक्षा और मरीजों की सहूलियत को प्राथमिकता
परिषद् के संयोजक ने बताया कि अत्यधिक तापमान के कारण जीवनरक्षक दवाओं की गुणवत्ता और उनकी प्रभावशीलता नष्ट न हो, इसे ध्यान में रखते हुए अस्पताल के दवा गोदामों को विशेष रूप से वातानुकूलित करवाया गया है। इसके साथ ही, भीषण गर्मी से राहत देने के लिए अस्पताल की प्रथम मंजिल (फर्स्ट फ्लोर) पर स्थित पुरुष वार्ड (मेल वार्ड) को भी पूरी तरह एसी (AC) से सुसज्जित कर दिया गया है।
अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए परिषद् के कोषाध्यक्ष महेंद्र चोपड़ा ने बताया कि प्रथम मंजिल पर मेल वार्ड के समीप वाटर प्यूरिफायर (एक्वागार्ड) युक्त एक नया वाटर कूलर स्थापित किया गया है। वर्तमान में अस्पताल में कुल दो प्याऊ और पांच वाटर कूलर पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं।
प्रवेश द्वार पर कूलर: मुख्य प्रवेश द्वार के पास स्थित रजिस्ट्रेशन काउंटर और दवा वितरण केंद्र के सामने बड़े आकार के कूलर लगवाए गए हैं।
छाया के लिए टेंट: ओपीडी और विज़िटिंग एरिया के खुले हिस्सों को टेंट से कवर किया गया है ताकि मरीजों और उनके परिजनों को सीधी धूप और लू के थपेड़ों से न गुजरना पड़े।
पिछले 45 दिनों से अनवरत जारी है स्वास्थ्यवर्द्धक शीतल पेय सेवा
परिषद् के सदस्य बच्छराज रांका ने बताया कि प्रचंड गर्मी को देखते हुए मई माह की शुरुआत से ही (पिछले लगभग 45 दिनों से) अस्पताल परिसर में आने वाले हजारों लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्यवर्द्धक शीतल पेय की व्यवस्था की जा रही है। इस सेवा के तहत पूरी तरह प्राकृतिक पदार्थों से निर्मित शुद्ध और हाइजीनिक छाछ, केरी-पुदीना का शरबत, तरबूज का जूस, मैंगो शेक, गन्ने का रस और पारंपरिक राजस्थानी राबड़ी (डोवा राब) का वितरण किया जा रहा है।
नृसिंह भट्टड़ ने बताया कि इस श्रमसाध्य कार्य में हनुमानमल बोथरा और पवन कुमार बोथरा की विशेष भूमिका रही है। इस पुनीत कार्य में श्री साधुमार्ग जैन श्रावक संघ, गंगाशहर-भीनासर के कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया।
बाल संस्कार की अनूठी मिसाल: श्रावक संघ के मंत्री सुनील कुमार सुराना ने बताया कि इस सेवा कार्य में आठ वर्षीय बालिका डिम्पल डागा प्रतिदिन अत्यधिक उत्साह और मनुहार के साथ आगंतुकों को शीतल पेय पिलाने के कार्य में अग्रणी रह कर सभी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का विशेष ध्यान
संस्था के कार्यकर्ताओं द्वारा इस सेवा कार्य में पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। प्लास्टिक और ‘यूज एंड थ्रो’ सामग्री का उपयोग बेहद सीमित मात्रा में किया जा रहा है तथा कचरे के निस्तारण की उचित व्यवस्था की गई है। पेय पदार्थ बनाने के दौरान निकलने वाले फलों के छिलकों और गन्ने के अपशिष्ट (वेस्ट) को सजगता से एकत्रित कर गऊशालाओं व गायों के लिए भिजवाया जा रहा है।
सत्र के अंत में अस्पताल अधीक्षक डॉ. बाल्मिकी एवं गंगाशहर नागरिक परिषद् के सम्पतलाल दूगड़ ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने वाले सभी उदारमना भामाशाहों, सौजन्यदाताओं और दिन-रात जुटे रहने वाले सैकड़ों कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीय आभार व्यक्त किया।


