श्रीडूंगरगढ़ सड़क हादसा में घायल मासूम तन्वी ने भी दम तोड़ा, कार सवार हरियाणा के एक ही परिवार के सभी 7 लोगों की मौत
श्रीडूंगरगढ़ सड़क हादसा में घायल मासूम तन्वी ने भी दम तोड़ा, कार सवार हरियाणा के एक ही परिवार के सभी 7 लोगों की मौत



बीकानेर, 16 जून। बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में सोमवार को हुए भीषण सड़क हादसे में घायल दो वर्षीय मासूम बच्ची तन्वी ने भी आखिरकार दम तोड़ दिया। पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही तन्वी की मंगलवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस हृदयविदारक दुर्घटना में कार सवार सभी सात लोगों की जान चली गई है। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए और चालक का शव स्टेयरिंग और सीट के बीच बुरी तरह फंस गया था।


उल्लेखनीय है कि सोमवार दोपहर करीब 1:35 बजे श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में होटल सिजराल के पास नेशनल हाईवे-11 पर एक डंपर और हरियाणा नंबर की कार के बीच आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई थी। हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हुई थी।


सेवानिवृत्ति के महज 15 दिन बाद उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
मृतक परिवार हरियाणा के फतेहाबाद जिले के मतेना गांव का रहने वाला था। मतेना गांव के सरपंच दलबीर वर्मा ने बताया कि कार चला रहे ओमप्रकाश (50) सरकारी कार्यालय डीडीपीओ में सीनियर अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थे और गत 31 मई को ही सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के महज 15 दिन बाद वे पहली बार अपने पूरे परिवार को साथ लेकर बिश्नोई संप्रदाय के पवित्र तीर्थ स्थल ‘मुकाम धाम’ दर्शन कराने निकले थे।
परिवार रविवार को मुकाम धाम पहुंचा था और सोमवार को दर्शन कर वापस हरियाणा लौट रहा था, तभी नियति ने उन्हें रास्ते में ही घेर लिया। परिजनों के अनुसार, ओमप्रकाश वैसे तो हर महीने अकेले मुकाम धाम आते थे, लेकिन रिटायरमेंट की खुशी में इस बार वे पूरे परिवार को साथ लेकर आए थे। इस एक एक्सीडेंट ने उनके पूरे वंश को खत्म कर दिया।
हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों की सूची
श्रीडूंगरगढ़ सीओ निकेत पारीक के अनुसार, दुर्घटना में काल का ग्रास बने सभी सात लोग एक ही परिवार के थे। ओमप्रकाश (50): पुत्र भागीरथ बिश्नोई (गृहस्वामी व चालक) ,सोरमा देवी (55): पत्नी ओमप्रकाश ,प्रमिला (30): पुत्री ओमप्रकाश , यशवी (10): पुत्री अमित (ओमप्रकाश की दोहिती),खुशी (8): पुत्री संदीप (ओमप्रकाश की दोहिती), रोनित (4): पुत्र सुरेंद्र कुमार (ओमप्रकाश का इकलौता पोता), तन्वी (2): पुत्री संदीप (पीबीएम अस्पताल में दम तोड़ने वाली मासूम दोहिती)
इस हादसे में ओमप्रकाश की बेटी प्रमिला के साथ-साथ उनकी तीनों मासूम बेटियां (यशवी, खुशी और तन्वी) काल का ग्रास बन गईं, वहीं ओमप्रकाश के इकलौते बेटे का चार वर्षीय पुत्र रोनित भी असमय दुनिया छोड़ गया। इस दर्दनाक घटना की खबर जैसे ही मतेना गांव पहुंची, वहां मातम पसर गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।


