बीकानेर के सरकारी समाचार
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- भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट 50 प्रतिभावान बच्चों को दिखाएगा बेहतर भविष्य की राह
- ट्रस्ट चलाएगा सुपर-50 कार्यक्रम, प्रत्येक विद्यार्थी पर खर्च होंगे तीन लाख
- करियर काउंसलिंग कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की घोषणा
- प्रतिभाशाली बच्चों को मिलेंगे आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर : मेघवाल
बीकानेर, 26 जून। जिले के 50 प्रतिभावान और जरूरतमंद युवाओं को करियर चयन में सहायता, संसाधन, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से ‘सुपर-50’ कार्यक्रम चलाया जाएगा। इनका चयन एक कमेटी द्वारा किया जाएगा। दसवीं और बारहवीं परीक्षा पास विद्यार्थी, इस योजना के तहत चयनित होंगे जो नीट, यूपीएससी सहित अन्य स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी करेंगे। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित करियर काउंसलिंग कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की।


केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा कि बीकानेर के प्रतिभावान बच्चे अवसर और संसाधनों की कमी के कारण बेहतर करियर से वंचित न रहें, इसके मद्देनजर भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा यह पहल की जा रही है। उन्होंने करियर काउंसलिंग कार्यक्रम किए मुख्य संयोजक श्री रवि शेखर मेघवाल को युवाओं के चयन के लिए कमेटी बनाने तथा चयन की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि करियर की बेहतर राह पर ले जाने के लिए प्रत्येक बच्चे पर 3 लाख रुपए तथा कुल डेढ़ करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रतिभावान बच्चों की संख्या अधिक होने पर इसका दायरा बढ़ाया भी जा सकेगा।


केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिवाली के आसपास वृहद करियर और रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इस मेले में 2000 से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर कंपनियों में रोजगार के अवसर मुहैया करवाए जाएंगे। श्री मेघवाल ने भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा लगातार दूसरे वर्ष आयोजित करियर काउंसलिंग कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि युवाओं को बेहतर करियर तक पहुंचने में ट्रस्ट सेतु का कार्य कर रहा है।
मेघवाल ने कहा कि आज के दौर में करियर के अनेक विकल्प हैं। युवा, सरकारी नौकरियों के अलावा भी बेहतर भविष्य की राह बढ़ सकते हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सर्वश्रेष्ठ विकल्प की ओर बढ़ाने का मार्गदर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने करियर के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प चुनने तथा चुने हुए लक्ष्य की प्राप्ति के लिए गंभीरता से छूटने का आह्वान किया। उन्होंने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से बच्चों को आगे बढ़ने की सीख दी।
खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने कहा कि भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य नियमित रूप से किया जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में आयोजित करियर काउंसलिंग कार्यक्रम युवाओं के लिए लाभदायक साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह नए और विकसित भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा। श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामगोपाल सुथार ने कहा कि युवा असफलता को चुनौती के रूप में लें तथा इससे निराश होने की बजाय अधिक ऊर्जा से आगे बढ़ें। उन्होंने शिक्षा के साथ कौशल क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक रवि शेखर मेघवाल में कहा कि सही समय और सही दिशा में बेहतर मार्गदर्शन के अभाव में युवा अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं कर पाते। ऐसे में प्रतिभा के साथ न्याय नहीं हो पाता। इसे ध्यान रखते हुए भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा यह पहल की गई है। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत गत वर्ष हुई। जिसके बेहतर परिणामों के बाद इसे सतत रूप से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट सेवा, शिक्षा और संस्कार को ध्यान रखते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। मेघवाल ने बताया कि कार्यक्रम के तहत पंजीकृत प्रत्येक विद्यार्थी को प्रमाण पत्र, डिक्शनरी तथा प्रोत्साहन स्वरूप 500 रुपए प्रदान किया जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि बच्चे इस राशि से पुस्तक खरीदें, जो कि उनके लिए उपयोगी साबित हों। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल की दूरगामी सोच के तहत प्रारम्भ होने वाला सुपर-50 कार्यक्रम क्षेत्र के युवाओं के लिए वरदान साबित होगा।
श्री ब्रह्म गायत्री सेवाश्रम के अधिष्ठाता दाताश्री रामेश्वरानंद महाराज ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों पर अपने विचार अनावश्यक रूप से ना थौंपे। बच्चों के विचार भी सुने जाएं तथा उन्हें सकारात्मक मार्गदर्शन दें। उन्होंने कहा कि बालक के मन की वृत्ति को समझना भी अभिभावकों का दायित्व है।इस दौरान श्री मदन स्वामी ने एनडीए की तैयारी करने और नेशनल करियर काउंसलर डॉ. चंद्रशेखर श्रीमाली ने करियर काउंसलिंग की आवश्यकता के बारे में बताया। वहीं यूपीएससी एग्जाम पास करने वाले सुश्री नमिता सोनी और श्री हिमांशु वर्मा ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के बारे में जानकारी दी। सुश्री दृष्टि मेघवाल ने युवाओं को सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने तथा लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ने की सीख दी। इससे पहले केंद्रीय मंत्री श्री मेघवाल सहित सभी अतिथियों में मां सरस्वती, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा सुश्री भावना मेघवाल के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान अनेक बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन श्री ओमाराम ढाल ने किया।
कार्यक्रम में श्याम पंचारिया, श्रीमती सुमन छाजेड़, पूर्व महापौर नारायण चोपड़ा, डॉ. सत्य प्रकाश आचार्य, विजय आचार्य, उपनिदेशक (स्थानीय निकाय) श्रीमती सुशीला वर्मा, नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष महावीर रांका,संतोषानंद महाराज, दीपक पारीक, दिलीप सिंह आडसर, पप्पू राम पवार आदि मंच पर मौजूद रहे।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर सभी नशे को छोड़ने और दूसरों को इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लें। कार्यक्रम के पश्चात मंत्री मेघवाल ने बच्चों के बीच पहुँचकर उनके करियर के बारे में जानकारी ली और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर बीकाजी के सहयोग से निर्विकल्प फाउंडेशन द्वारा संचालित करियर काउंसलिंग वैन के माध्यम से भी युवाओं को आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
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अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर नशे से दूर रहने का दिया संदेश
बीकानेर, 26 जून। पीबीएम अस्पताल स्थित मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम ‘वैश्विक नशीली दवाओं की समस्या: पुरानी समस्याएं, नई चुनौतियां और अभिनव उपाय’ रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. हरफूल सिंह एवं डॉ. श्रीगोपाल गोयल ने किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने नशीली दवाओं के दुष्प्रभाव, तस्करी की रोकथाम तथा नशे से होने वाले मानसिक एवं शारीरिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. हरफूल सिंह ने कहा कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग में अध्ययनरत युवा आसानी से नशे के जाल में फंस सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के व्यवहार, संगति और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने तथा शुरुआत से ही उन्हें नशे से दूर रखने का आह्वान किया।
डॉ. श्रीगोपाल गोयल ने कहा कि नशा आज समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। एक बार लत लगने के बाद व्यक्ति के लिए इससे बाहर निकलना कठिन हो जाता है, जिससे उसके सामाजिक, पारिवारिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत उपस्थित चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, स्टाफ, मरीजों एवं उनके परिजनों को नशा नहीं करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम इकाई के सीआरपी विनोद कुमार पंचारिया एवं नर्सिंग ऑफिसर राजोराम सहित विभाग के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
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अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस: नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला, दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ
बीकानेर, 26 जून। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान–विकसित भारत की पहचान’ के तहत 17 से 26 जून 2026 तक जिलेभर में विभिन्न स्तरों पर जनजागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के समापन अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के तहत जागरूकता कार्यशालाएं, शपथ ग्रहण समारोह और जनजागरण गतिविधियां आयोजित की गईं।
अभियान के दौरान ‘नशा मौज नहीं, मौत है’ विषयक फिल्म का प्रदर्शन किया गया तथा सार्वजनिक स्थलों पर कठपुतली शो एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। जिले के विभिन्न कोचिंग संस्थानों एवं नर्सिंग कॉलेजों में युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए ‘नशे को ना, जीवन को हां’ विषय पर शपथ दिलाई गई। ई-प्रतिज्ञा के माध्यम से भी बड़ी संख्या में लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
टीबी अस्पताल के सभागार में ‘नशा करता, जीवन नाश’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों ने सहभागिता की।
कार्यशाला में टीबी अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एवं डी-एडिक्शन क्लिनिक के डॉ. सी. एस. मोदी ने नशे के विभिन्न प्रकार तथा शरीर के अंगों पर उसके दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं पीबीएम अस्पताल के मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीगोपाल ने नशे से होने वाले मानसिक, सामाजिक एवं पारिवारिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एल. डी. पंवार ने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान’ को सफल बनाने के लिए सामाजिक सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने ‘नशा भारत छोड़ो’ का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही समाज को नशामुक्त बनाया जा सकता है।
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