नोडल कृषि विश्वविद्यालय SKRAU ने सफलतापूर्वक कराई ‘जेट परीक्षा-2026
नोडल कृषि विश्वविद्यालय SKRAU ने सफलतापूर्वक कराई 'जेट परीक्षा-2026



- 95 केंद्रों पर 37 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने दी उपस्थिति
बीकानेर, 27 जून । राजस्थान के विभिन्न प्रतिष्ठित कृषि विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JET-2026) शनिवार को प्रदेशभर में पूर्णतः शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो गई। इस वर्ष परीक्षा के सफल और व्यवस्थित संपादन की जिम्मेदारी नोडल विश्वविद्यालय के रूप में ‘स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय’ (SKRAU), बीकानेर को सौंपी गई थी। परीक्षा को लेकर कृषि संकाय के छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह देखा गया।


परीक्षा समन्वयक डॉ. विजय प्रकाश ने आंकड़ों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए बीकानेर सहित जोधपुर, जयपुर, उदयपुर और कोटा जिला मुख्यालयों पर चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच कुल 95 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे। परीक्षा के लिए कुल 39 हजार 784 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से रिकॉर्ड 37 हजार 497 परीक्षार्थियों (94.25 प्रतिशत) ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।


यूजी (स्नातक) प्रवेश परीक्षा में रहा सबसे ज्यादा क्रेज, 94.6% छात्रों ने आजमाया भाग्य
समन्वयक डॉ. विजय प्रकाश के अनुसार, जेट-2026 के तहत अंडर ग्रेजुएट (UG) यानी स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कुल 35 हजार 840 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिनमें से 33 हजार 911 परीक्षार्थी (94.6 प्रतिशत) परीक्षा में शामिल हुए।
वहीं, उच्च शिक्षा के अंतर्गत प्री-पीएचडी (Pre-PhD) के लिए पंजीकृत 414 शोधार्थियों में से 397 (95.89 प्रतिशत) ने परीक्षा दी। इसी तरह पोस्ट ग्रेजुएट (PG) एग्रीकल्चर प्रवेश परीक्षा में पंजीकृत 2 हजार 790 विद्यार्थियों में से 2 हजार 509 (89.92 प्रतिशत) तथा हॉर्टिकल्चर (उद्यान विज्ञान) पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पंजीकृत 704 अभ्यर्थियों में से 651 परीक्षार्थी (92.4 प्रतिशत) परीक्षा में सम्मिलित हुए।
कुलगुरु डॉ. दुबे ने खुद परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर परखी व्यवस्थाएं, दिए कड़े निर्देश
परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजेंद्र बाबू दुबे ने सुबह से ही मॉनिटरिंग की कमान स्वयं संभाल रखी थी। कुलगुरु डॉ. दुबे ने बीकानेर संभाग के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण (सरप्राइज इंस्पेक्शन) किया और वहां सुरक्षा व बैठक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) से प्रदेश के अन्य चारों जिला मुख्यालयों के परीक्षा केंद्रों की पल-पल की रिपोर्ट ली और प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस मुस्तैदी के चलते संपूर्ण परीक्षा के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या अव्यवस्था की कोई शिकायत सामने नहीं आई।


