सादूल राजस्थानी रिसर्च इन्स्टीट्यूट में दो दिवसीय प्रदर्शनी का समापन
सादूल राजस्थानी रिसर्च इन्स्टीट्यूट में दो दिवसीय प्रदर्शनी का समापन



बीकानेर, 13 अगस्त । सादूल राजस्थानी रिसर्च इन्स्टीट्यूट, बीकानेर के तत्वावधान में आजादी की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित प्राचीन पांडुलिपियों तथा ‘राजस्थान भारती’ के दुर्लभ एवं प्राचीन अंकों की दो दिवसीय प्रदर्शनी का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। इस प्रदर्शनी में राजस्थान की साहित्यिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े कई दुर्लभ दस्तावेज, प्राचीन पांडुलिपियां और ‘राजस्थान भारती’ पत्रिका के ऐतिहासक अंक प्रदर्शित किए गए, जिन्हें देखने के लिए दो दिनों में सैकड़ों शोधार्थियों, साहित्यकारों, विद्यार्थियों एवं आमजन की भीड़ उमड़ी।


प्रदर्शनी प्रभारी एवं साहित्यकार राजाराम स्वर्णकार ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राजस्थान की समृद्ध साहित्यिक व सांस्कृतिक धरोहर से युवा पीढ़ी और शोधार्थियों को रूबरू कराना तथा दुर्लभ साहित्यिक सामग्री के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाना था।


पांडुलिपियों का संरक्षण वर्तमान पीढ़ी का दायित्व- हीरालाल हर्ष
समापन समारोह के मुख्य अतिथि एवं मुक्ति संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट हीरालाल हर्ष ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी उन्नत समाज की वास्तविक पहचान उसकी सांस्कृतिक स्मृति और साहित्यिक विरासत से होती है। प्राचीन पांडुलिपियों को सुरक्षित रखना वर्तमान पीढ़ी की महती जिम्मेदारी है। ऐसी प्रदर्शनियां न केवल लोगों को उनके गौरवशाली अतीत से जोड़ती हैं, बल्कि शोधार्थियों को अमूल्य प्राथमिक शोध सामग्री भी उपलब्ध कराती हैं। उन्होंने इन्स्टीट्यूट के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने पर बल दिया।
डिजिटलीकरण समय की बड़ी मांग- विमल शर्मा
समारोह की अध्यक्षता करते हुए पुस्तकालयाध्यक्ष विमल शर्मा ने कहा कि पुस्तकालयों, शोध संस्थानों और संग्रहालयों में सुरक्षित दुर्लभ धरोहरें हमारी सामूहिक पूंजी हैं। उन्होंने पांडुलिपियों एवं प्राचीन साहित्यिक सामग्री के डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए कहा कि भावी पीढ़ियों तक इस ज्ञान को सुरक्षित पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाना समय की आवश्यकता है।
प्रदर्शनी के दौरान पधारे शोधार्थियों और प्रबुद्धजनों ने प्रदर्शित दुर्लभ सामग्री में विशेष रुचि दिखाई तथा आयोजकों से इस तरह के प्रदर्शनियों को वृहद स्तर पर आयोजित करने का सुझाव दिया।

