अहंकार पतन का द्वार है- साध्वी त्रिशला कुमारी


- अहंकार पतन का द्वार है- साध्वी त्रिशला कुमारी
- गंगाशहर में भक्तिभाव से मनाया गया ‘सामायिक दिवस’
बीकानेर \ गंगाशहर 11 सितम्बर । गंगाशहर स्थित तेरापंथ भवन में आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या साध्वी श्री त्रिशला कुमारी जी के पावन सान्निध्य में पर्युषण महापर्व का तीसरा दिन ‘सामायिक दिवस’ के रूप में अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में स्थानीय तेयुप के तत्वावधान में ‘अभिनव सामायिक’ का आयोजन हुआ।


अहंकार और विनम्रता पर साध्वीश्री का प्रेरणादायी बोध
साध्वी श्री त्रिशला कुमारी जी: उन्होंने विशाल जनमेदिनी को संबोधित करते हुए कहा कि अहंकार हथौड़ा है और विनम्रता चाबी है। हथौड़ा ताले को तोड़कर बेकार कर देता है, जबकि चाबी उसे खोलकर सुरक्षा का साधन बनाती है। अभिमान ऐसा दुर्गुण है जो व्यक्ति के सभी सद्गुणों को समाप्त कर देता है। जब तक अहं की कनात रहेगी, तब तक आत्म-दर्शन संभव नहीं हैं।


भगवान महावीर के मरीचि भव का वर्णन: साध्वीश्री ने बताया कि कैसे भगवान महावीर की आत्मा ने अपने तीसरे भव (मरीचि) में अहंकार के कारण नीच गोत्र का बंध कर लिया था। भरत चक्रवर्ती के समक्ष भगवान ऋषभदेव द्वारा अपना उज्ज्वल भविष्य सुनकर मरीचि अहंकार में आ गया। इसी अहंकार के कारण उन्हें आगामी भवों में याचक कुल में जन्म लेना पड़ा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं आध्यात्मिक उपक्रम
सामायिक प्रयोग व गीतिका: कार्यक्रम की शुरुआत “संघ अपना प्राण है” गीत के साथ हुई। साध्वी निश्चयप्रभा जी ने त्रिपदी वंदना एवं ध्यानयोग के प्रयोग करवाए। साध्वी रश्मिप्रभा जी ने सामायिक के महत्व पर सारगर्भित विचार रखे तथा “सामायिक समता साधना” गीतिका की प्रस्तुति दी।
जमीकंद त्याग का आह्वान: साध्वी कल्पयशा जी ने पर्युषण की पांच प्रमुख तिथियों का महत्व बताते हुए श्रावक-श्राविकाओं को इन तिथियों पर जमीकंद का परिहार करने का संकल्प दिलाया।
श्रावक निष्ठापत्र वाचन एवं तेरापंथ कार्ड नवीनीकरण
निष्ठापत्र वाचन: तेरापंथ सभा के अध्यक्ष नवरतन बोथरा ने बताया कि साध्वीश्री ने तेरापंथ की मर्यादाओं का सांगोपांग वर्णन किया, जिसके पश्चात पूर्व अध्यक्ष अमरचंद सोनी ने श्रावक निष्ठापत्र का वाचन किया।
अखंड जप व कार्ड नवीनीकरण: भवन में 24 घंटे का जप अखंड रूप से चल रहा है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। इसके साथ ही सभा द्वारा तेरापंथ कार्ड के नवीनीकरण और नए कार्ड बनाने का कार्य पीयूष लुणिया, धनपत भंसाली और ऋषभ लालाणी के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। तेयुप अध्यक्ष देवेंद्र डागा ने सभी आगत श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
