भगवान के पाठशाला गमन, केवलज्ञान और मोक्ष के प्रसंगों का हुआ वाचन

भगवान के पाठशाला गमन, केवलज्ञान और मोक्ष के प्रसंगों का हुआ वाचन
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  • कल आदिनाथ, नेमिनाथ व पार्श्वनाथ के जीवन चरित्र का होगा श्रवण

बीकानेर ,13 सितम्बर । रांगड़ी चौक स्थित पौषधशाला में तपागच्छीय गच्छाधिपति पद्मश्री आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंदसूरिश्वरजी महाराज साहेब की आज्ञानुवर्तिनी साध्वीश्री प्रीतिरत्ना, साध्वीश्री प्रीतिसुधा एवं साध्वीश्री प्रीतियशा महाराजसा आदि ठाणा-3 के सान्निध्य में चातुर्मास एवं पर्वाधिराज पर्युषण के तहत धर्मसभा का आयोजन हुआ। धर्मसभा में प्रभु के जन्म-वाचन के उपरांत उनके पाठशाला गमन, ज्ञान साधना, केवलज्ञान प्राप्ति और मोक्ष गमन जैसे आध्यात्मिक प्रसंगों का भावपूर्ण वाचन किया गया।

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तीर्थंकरों के जीवन प्रसंग आत्मसाधना की प्रेरणा: साध्वीश्री

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आत्मशुद्धि और कर्मनिर्जरा: धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वीश्री ने कहा कि तीर्थंकरों के जीवन प्रसंग केवल चरित्र वाचन नहीं हैं, बल्कि यह संयम, तप, त्याग और आत्मसाधना की प्रेरणा हैं। केवलज्ञान और मोक्ष के प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को वीतरागता एवं कर्मनिर्जरा के मार्ग पर चलने की सीख दी गई।

तपस्या और बहुमान: चातुर्मास आयोजन समिति के शांतिलाल हनु कोचर ने बताया कि आज का क्रमिक आयंबिल शारदा देवी-विमल कोचर ने तथा क्रमिक अट्ठम तप बबीता बोथरा ने किया। कल का क्रमिक आयंबिल शुभलक्ष्मी कोचर और अट्ठम तप अंजू देवी-नरेंद्र कोचर करेंगी। श्रीसंघ पूजा का लाभ सूरजमल-प्रेमचंद एवं मानकचंद कोचर परिवार ने लिया। इस अवसर पर भिनासर में आठ की तपस्या करने वाली कनक कोचर (पत्नी उपेंद्र कोचर) का श्रीसंघ द्वारा बहुमान किया गया।

कल पढ़ा जाएगा आदिनाथ, नेमिनाथ और पार्श्वनाथ का जीवन चरित्र; लगेंगी बोलियां

त्रि-तीर्थंकर चरित्र वाचन

चातुर्मास लाभार्थी परिवार के शांतिलाल सेठिया ने जानकारी दी कि पर्युषण पर्व की श्रृंखला में सोमवार को प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ, 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ एवं 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के जीवन चरित्र का वाचन किया जाएगा।

धार्मिक बोलियां व संवत्सरी की ओर कदम

आयोजन के दौरान ज्ञान पूजा, वर्षा सूत्र और चित्र दर्शन सहित कुल 7 धार्मिक बोलियां लगाई जाएंगी। पर्युषण की आराधना अब संवत्सरी महापर्व की ओर बढ़ रही है, जहां प्रतिक्रमण और क्षमापना के जरिए ज्ञात-अज्ञात अपराधों की क्षमा याचना की जाएगी।

पार्श्वनाथ जिनालय भिनासर में गूंजे भक्ति के स्वर
पद्मप्रभु ट्रस्ट के अजय बैद ने बताया कि भिनासर स्थित पार्श्वनाथ भगवान जिनालय में रविवार रात्रि 8 बजे भव्य भक्ति संध्या का आयोजन हुआ। भक्ति संध्या में श्रद्धालुओं ने प्रभु भक्ति के भजनों की संगीतमय प्रस्तुतियां दीं, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। यह कार्यक्रम देर रात तक अनवरत चलता रहा।

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