बिहार के अरवल में शाकद्वीपीय समाज की एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न
बिहार के अरवल में शाकद्वीपीय समाज की एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न



वैदिक शिक्षा और 16 संस्कारों पर दिया गया विशेष बल; बीकानेर के आर. शर्मा का हुआ अभिनंदन


अरवल/बीकानेर , 21 सितम्बर । सार्वभौम शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ (बिहार इकाई) के तत्वावधान में बिहार के अरवल जिले में ‘शाकद्वीपीय समाज का स्वर्णिम इतिहास-शिक्षा, चिकित्सा एवं कर्मकांड’ विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान एवं कार्यशाला का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में आधुनिक शैक्षणिक शिक्षा के साथ-साथ वैदिक शिक्षा और सामाजिक संस्कारों की पुनर्स्थापना पर गहन मंथन किया गया।


शास्त्रोचित कर्म और संस्कारों से मिलेगी समाज को नई दिशा: आचार्य पुरुषोत्तमानंद
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आचार्य पुरुषोत्तमानंद जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में आ रहे नैतिक बदलावों के बीच शास्त्रोचित कर्म और वैदिक संस्कार ही नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान कर सकते हैं।
वेद पाठशालाओं की आवश्यकता
कार्यशाला में समाज के संस्कारविहीन होने पर चिंता व्यक्त करते हुए स्थान-स्थान पर वेद पाठशालाएं शुरू करने की जरूरत बताई गई।
ब्राह्मण गरिमा की पुनर्स्थापना
वक्ताओं ने 16 संस्कारों के पालन और वैदिक नियमों के माध्यम से समाज में ब्राह्मणत्व और उसकी गरिमा को पुन: स्थापित करने पर बल दिया।
बीकानेर के आर. शर्मा सहित गणमान्य हस्तियों का बहुमान
समारोह के दौरान समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बीकानेर के आर. शर्मा को माल्यार्पण, अंगवस्त्र, शॉल, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न एवं पौधा भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
देशभर से पहुंचे मगबंधु
इस राष्ट्रीय कार्यशाला में बीकानेर से श्रीराम शर्मा, विजयशंकर शर्मा, सरला देवी के साथ-साथ राजस्थान, बिहार, ओडिशा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों व जिलों के सम्मानित पदाधिकारियों और मगबंधुओं ने भाग लिया। सभी अतिथियों का माल्यार्पण व अंगवस्त्र से अभिनंदन किया गया।
समारोह का उद्घाटन एवं मंच संचालन
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक उपाध्याय, मुख्य अतिथि आचार्य पुरुषोत्तमानंद जी महाराज, कमलेश पुण्यार्क, नागेंद्र पाठक, देवेंद्र पाठक, प्रेम रंजन मिश्र, आर.के. शर्मा, कामिनी भोजक, चतुर्भुज शर्मा, रमेश शर्मा ‘लल्लड़’, कन्हैया पाण्डेय, वीणा मिश्रा, डॉ. रघुनंदन, डॉ. प्रकाश मिश्र तथा संतोष कुमार पाठक द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित एवं मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन विनोद उपाध्याय एवं अनुराधा मिश्रा द्वारा किया गया।
