बीकानेर के सरकारी समाचार

बीकानेर के सरकारी समाचार
STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025
खमत खामणा
  • विकसित भारत जन सेवा अभियान 2026
  • मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना से मिली 40 हजार की सहायता

बीकानेर, 28 सितम्बर। विकसित भारत जन सेवा अभियान के अंतर्गत पंचायत समिति बीकानेर में आयोजित शिविर में सरकार की जनकल्याणकारी योजना का लाभ धरातल पर देखने को मिला।

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शिविर के दौरान मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत ग्राम शेररा की श्रीमती पूजा देवी को उनके पशु के बीमा क्लेम की राशि 40 हजार रुपए प्रदान की गई।
योजना का लाभ प्राप्त कर श्रीमती पूजा देवी ने कहा इस सहायता से मेरे पशुओं के लिए बेहतर देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।

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उन्होंने बताया कि पशुधन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और बीमा राशि मिलने से उन्हें आर्थिक संबल मिला है। यह सहायता पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लाभार्थी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पशुपालन विभाग का आभार व्यक्त किया।
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  • विकसित भारत जन सेवा अभियान
  • कृषि यंत्र ने बदली किसान तोलाराम की तकदीर, आय में हुई वृद्धि

बीकानेर, 28 सितम्बर।  विकसित भारत जन सेवा अभियान के तहत शेरेरा गिरदावर सर्किल शिविर में किसान तोलाराम को सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना (एसएमएएम)
के अंतर्गत मल्टीक्रॉप थ्रेसर का लाभ
प्रदान किया गया।

तोलाराम ने बताया उसे को फसल की मड़ाई, सफाई और दाने अलग करने के लिए कड़ी मेहनत और अधिक समय लगता था तथा किराये के यंत्रों पर निर्भर रहने से उत्पादन कम और आय सीमित रहती थी। अब मल्टीक्रॉप थ्रेसर मिलने से गेहूं, चना, सरसों, मूंगफली सहित कई फसलों की थ्रेसिंग तेज गति और कम लागत में होने लगी है। जिससे समय की बचत, फसल की बर्बादी में कमी और कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है।लाभार्थी किसान ने बताया कि सरकार की योजना से थ्रेसर मिलने से उनकी मेहनत और समय दोनों की बचत हुई है और अब फसल की मड़ाई व थ्रेसिंग बहुत आसानी से हो जाती है तथा उत्पादन भी अधिक मिलने लगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
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  • खाद्य मंत्री सुमित गोदारा मंगलवार को लूणकरणसर क्षेत्र में करेंगे विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास

बीकानेर, 28 सितंबर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा मंगलवार को लूणकरणसर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे।

गोदारा प्रातः 11 बजे कल्याणसर में 24 लाख रुपए की लागत से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में निर्मित दो कक्षा-कक्षों का लोकार्पण करेंगे।

दोपहर 12 बजे रामसर में 94.64 लाख रुपए की लागत पानी की टंकी, राजकीय सी. सेकेंडरी स्कूल में 45 लाख रुपए की लागत से तैयार चार कक्षा-कक्ष, महात्मा गांधी स्कूल में 20 लाख रुपए की लागत के टीन शेड एवं एक कक्षा-कक्ष तथा 55 लाख रुपए की लागत से तैयार उपस्वास्थ्य केंद्र भवन k लोकार्पण करेंगे।

गोदारा 30 लाख रुपए की लागत से बनने वाली उपस्वास्थ्य केंद्र की चारदीवारी एवं सीसी ब्लॉक कार्य, मेघवाल मोहल्ले के स्कूल में 65.73 लाख रुपए के कार्यों का शिलान्यास करेंगे। गोदारा उपस्वास्थ्य केंद्र में स्व. श्री गणेशाराम चौधरी की मूर्ति का अनावरण करेंगे। खाद्य मंत्री दोपहर 2 बजे मूंडसर में 35.54 लाख रुपए की लागत के ट्यूबवेल तथा 55 लाख रुपए की लागत के उपस्वास्थ्य केंद्र भवन का शिलान्यास करेंगे।

गोदारा दोपहर 3 बजे सीथल में अंबेडकर वाचनालय में 7 लाख रुपए के फर्नीचर एवं विकास कार्य तथा सीथल से नापासर रेलवे स्टेशन तक 1 करोड़ रुपए की लागत की 3 किलोमीटर लंबी सड़क लोकार्पण करेंगे। मंत्री श्री गोदारा सायं 4 बजे बेलासर में 55 लाख रुपए की लागत से बने उप स्वास्थ्य केंद्र भवन, 6 लाख रुपए की लागत से बनी उप स्वास्थ्य केंद्र की चारदीवारी का लोकार्पण करेंगे। बेलासर से नापासर, गुसाईंसर सड़क के 5 किलोमीटर हिस्से का शिलान्यास करेंगे। इस 33/11 केवी जीएसएस पर 5 एमवीए के अतिरिक्त ट्रांसफार्मर का लोकार्पण, वार्ड नंबर 4 में श्मशान भूमि की चारदीवारी का 1 लाख रुपए, जल हौद निर्माण का 11 लाख रुपए का लोकार्पण किया जाएगा तथा वार्ड नंबर 4 में सामुदायिक भवन का 9.95 लाख रुपए की लागत से शिलान्यास किया जाएगा।

शेराराम के घर से सावतराम के घर की तरफ सीसी ब्लॉक सड़क में चौक निर्माण कार्य ,(10 लाख रुपए), राजकीय संस्कृत विद्यालय में प्याऊ निर्माण एवं दो कमरों की छत पर टाइल्स एवं रंग रोगन कार्य का (3.25 लाख रुपए), पीर गोविंददास के मंदिर के पीछे श्मशान भूमि में जल कुंड में टीन शेड निर्माण का 7 लाख रुपए तथा सार्वजनिक पार्क के पास सार्वजनिक शौचालय निर्माण का 3 लाख रुपए की लागत से लोकार्पण किया जाएगा।

खाद्य मंत्री सायं 5 बजे गुसाईंसर में अटल पथ के 2 किलोमीटर हिस्से (2 करोड़ रुपए की लागत से तैयार) का लोकार्पण, पानी की टंकी का (99.43 लाख रुपए की लागत से तैयार) लोकार्पण, ट्यूबवेल का लोकार्पण तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में चार कक्षा-कक्ष (लागत 45 लाख रुपए) का शिलान्यास किया जाएगा।
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  • अंतिम छोर तक पहुंच रहा विकास का लाभ, ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत हो रहा आधारभूत ढांचा – खाद्य मंत्र
  • खाद्य मंत्री ने किया विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास
  • खाद्य मंत्री लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र को लगातार दे रहे विकास कार्यों की सौगातें

बीकानेर, 28 सितंबर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार, शहरों के साथ दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों को आधारभूत सुविधाओं की दृष्टि से विकसित और समृद्ध बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। आज गांव-गांव में सड़क, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार के साथ मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक परिवार के जीवन में सुविधाओं तथा अवसरों का विस्तार हो।

मंत्री गोदारा ने सोमवार को लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर विकास कार्यों के लोकार्पण अथवा शिलान्यास कार्यक्रमों में यह बात कही। गोदारा सोमवार को भी लगातार क्षेत्र में रहे और स्थानीय नागरिकों को अनेक विकास कार्यों की सौगातें दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं का उद्देश्य आमजन को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाना है।

उन्होंने कहा कि अच्छी सड़कें गांवों को मुख्य मार्गों और बाजारों से जोड़ती हैं, वहीं नियमित पेयजल और विद्युत आपूर्ति से ग्रामीण परिवारों की दैनिक आवश्यकताओं के साथ कृषि, व्यापार और रोजगार गतिविधियों को भी मजबूती मिलती है। स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण से ग्रामीणों को उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इसी प्रकार पार्कों में जिम एवं झूलों जैसी सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर जीवनशैली और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देती हैं।

मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों को जनता को समर्पित करना केवल निर्माण पूरा होने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि योजनाओं के वास्तविक लाभ को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विकास कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, निर्माण में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं हो तथा निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण किए जाएं। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के साथ आमजन की समस्याओं को सुनकर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

इन स्थानों पर हुए विकास कार्य

मंत्री  गोदारा ने जैतपुर में 2 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 2 किलोमीटर अटल प्रगति पथ, टालीवाला से घनीयासर तक 3 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से बनने वाली 9 किलोमीटर सड़क तथा नोहड़ा चक में राईका चक-शेरपुरा से 19 एमकेडी तक 8 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाली 22 किलोमीटर सड़क का शिलान्यास किया।

घेसूरा में 55 लाख रुपए की लागत से बने उप स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण तथा रामबाग में 55 लाख रुपए की लागत से बनने वाले उप स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास किया गया। रामबाग से घेसूरा तक 90 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित 5 किलोमीटर सड़क तथा विधायक निधि से 3 लाख रुपए की लागत से पार्क में बनाए गए जिम एवं झूलों का लोकार्पण किया गया।

शेरपुरा में 1 करोड़ 43 लाख रुपए की लागत से बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा शेरपुर से अंडरब्रिज तक 1 करोड़ 8 लाख रुपए की लागत से बनी सड़क का लोकार्पण किया गया। राईका चक-शेरपुरा से 19 एमकेडी तक 8 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सड़क का भी शिलान्यास किया गया।

सुई में वार्ड नंबर एक में 5 लाख रुपए की लागत से बने टीन शेड, 15 लाख रुपए की लागत से बने चिकित्सक आवास तथा करनाला ताल में 10 लाख रुपए की लागत से बनी 3 किलोमीटर पानी की पाइपलाइन का लोकार्पण किया गया। बखूसर में 3 करोड़ 19 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 33/11 केवी जीएसएस का शिलान्यास किया गया।

मंत्री ने कहा कि इन विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन, पेयजल, विद्युत और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकास की यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी और स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा कराकर उनका लाभ आमजन तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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डीएलएड प्रथम वर्ष परीक्षा का परिणाम जारी

बीकानेर, 28 सितम्बर। शिक्षा विभाग परीक्षाओं के पंजीयक कार्यालय द्वारा सोमवार को डीएलएड प्रथम वर्ष परीक्षा 2026 का परिणाम जारी किया गया।

पंजीयक कार्यालय के सहायक निदेशक श्री दिनेश कुमार आचार्य ने बताया कि प्रारम्भिक शिक्षा शास्त्र द्विवर्षीय डिप्लोमा (डीएलएड) प्रथम वर्ष परीक्षा का आयोजन 30 जून से 11 जुलाई तक किया गया था। इस परीक्षा में सम्मिलित नियमित श्रेणी के परिक्षार्थियों का परिणाम सोमवार को पंजीयक श्री शीशराम कुलहरि द्वारा जारी किया गया। उन्होंने बताया कि परीक्षा में 24 हजार 727 परीक्षार्थियों का परिणाम जारी किया गया है। इनमें से 22 हजार 571 उत्तीर्ण घोषित हुए हैं। वहीं 1 हजार 810 प्रोन्नत/सशर्त प्रोन्नत तथा 346 अनुत्तीर्ण रहे हैं। सभी परीक्षार्थी अपना परिणाम स्वयं की लागइन आईडी से डीएलएड एग्जाम पोर्टल पर आॅनलाइन देख सकते हैं।
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शिक्षण संस्थानों को घोषित करें ‘ड्रग्स फ्री जोन’, जिले भर में चलाएं जागरुकता की सघन गतिविधियां

जिला स्तरीय नार्कों काॅर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित

बीकानेर, 28 सितम्बर। जिला स्तरीय नार्को काॅर्डिनेशन समिति की बैठक सोमवार को जिला कलक्टर श्री निशान्त जैन की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई।

इस अवसर पर जिला कलक्टर ने कहा कि जिले में नशाखोरी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के साथ नशे के विरूद्ध जागरुकता की गतिविधियों में और अधिक गति लाई जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा नशे के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, स्कूल एवं काॅलेज शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा खेल विभाग द्वारा जिलेभर में नशे के विरूद्ध सघन गतिविधियां आयोजित हों। स्कूल, काॅलेज और विश्वविद्यालयों को ‘ड्रग्स फ्री जोन’ घोषित करें। उन्होंने स्कूलों की प्रार्थना सभाओं, नो बैग डे के अवसर पर तथा वर्तमान में चल रहे विकसित भारत जन सेवा अभियान के दौरान जागरुकता की गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने कहा कि दवाइयों की दुकानों में सीसीटीवी कैमरे इंस्टाॅल करने की रिपोर्ट उपलब्ध करवाई जाए तथा यह सुनिश्चित हो कि यहां कोई भी नशीली दवाई नहीं बिके।

उन्होंने कहा कि बीएसएफ द्वारा सीमांत क्षेत्रों में भी नशे के विरूद्ध जागरुकता की सघन गतिविधियां आयोजित की जाएं। केन्द्रीय कारागृह सहित अन्य जेलों में बीएसएफ एवं पुलिस के सहयोग से योग और मेडिटेशन गतिविधियां प्रारम्भ करने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने कहा कि आने वाले दिनों में नशे के विरूद्ध रिजल्ट ओरिएंटेड गतिविधियां हों। ‘नशामुक्त भारत’ की परिकल्पना को साकार करने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि खेलों की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। प्रत्येक गतिविधि में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा इनका डाक्यूमेंटेशन हो। जिला कलक्टर ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा शिक्षा विभाग द्वारा गत दिनों आयोजित गतिविधियों की समीक्षा की।

पुलिस अधीक्षक श्री मृदुल कच्छावा ने नशाखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। केन्द्र और राज्य सरकार के निर्देशानुसार इस दिशा में सतत कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र होने के नाते बीकानेर जिले में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। सामूहिक प्रयासों से ही नशे पर अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बीकानेर सहित प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा विभिन्न लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इनकी प्राप्ति के लिए प्रत्येक विभाग को गंभीरतापूर्वक कार्य करना होगी। उन्होंने इससे संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया और बताया कि उच्च स्तर पर इन गतिविधियों की नियमित और सघन समीक्षा हो रही है।

बैठक में उप वन संरक्षक श्री वेंकटेश जी., अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) श्रीमती रीना, नगर निगम उपायुक्त श्री रणजीत बिजारणिया सहित विभिन्न संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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इंदिरा गांधी नहर परियोजना से पश्चिमी राजस्थान में जल सुरक्षा को मिल रही मजबूती

चार एस्केप रिजर्वायरों के विकास के लिए 1,274.26 करोड़ रुपए की स्वीकृति, 8,746 एमसीएफटी होगी भंडारण क्षमता

बीकानेर, 28 सितंबर। पश्चिमी राजस्थान का विशाल मरुस्थलीय क्षेत्र लंबे समय से कम वर्षा, अनियमित मानसून, भूजल स्तर में गिरावट तथा खारे और लवणीय भूजल जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में इंदिरा गांधी नहर परियोजना पश्चिमी राजस्थान में पेयजल एवं सिंचाई जल उपलब्धता का प्रमुख आधार बनी हुई है। नहर प्रणाली के सुदृढ़ीकरण और जल संचयन से क्षेत्र में कृषि, पेयजल, ऊर्जा एवं औद्योगिक गतिविधियों को भी मजबूती मिल रही है।

पश्चिमी राजस्थान के अनेक क्षेत्रों में प्राकृतिक जल संसाधन सीमित हैं। कई स्थानों पर भूजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है अथवा उसकी गुणवत्ता पेयजल एवं कृषि उपयोग के अनुकूल नहीं है। ऐसे में नहर के माध्यम से उपलब्ध सतही जल लाखों लोगों के लिए पेयजल का महत्वपूर्ण स्रोत है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ अनेक शहरों और कस्बों की पेयजल आपूर्ति भी नहर आधारित व्यवस्था से जुड़ी हुई है।

राज्य सरकार द्वारा नहर प्रणाली को सुदृढ़ करने, सिंचाई जल की दक्षता बढ़ाने तथा खेतों तक पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कार्य करवाए जा रहे हैं। इनमें जलाशय निर्माण, फव्वारा पद्धति से सिंचाई, जर्जर खालों और नहरों का जीर्णोद्धार सहित जल प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं।

चार एस्केप रिजर्वायर होंगे विकसित

पश्चिमी राजस्थान में जल संचयन, सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा पेयजल उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अंतर्गत चार एस्केप रिजर्वायरों को जल भंडारण स्रोत के रूप में विकसित किया जा रहा है। आरडी 507, आरडी 750, आरडी 1121 एवं आरडी 1356 स्थित इन रिजर्वायरों के विकास के लिए 1,274.26 करोड़ रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। चारों रिजर्वायरों की कुल प्रस्तावित भंडारण क्षमता 8,746 एमसीएफटी है।

2.20 लाख हेक्टेयर में खालों का जीर्णोद्धार

आईजीएनपी क्षेत्र में जल संचयन के साथ सिंचाई प्रणाली को मजबूत करने के लिए स्प्रिंकलर, वाटर कोर्स और नहरों के जीर्णोद्धार के कार्य भी किए जा रहे हैं। बजट घोषणा वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के तहत वर्तमान में कुल 2,20,377 हेक्टेयर क्षेत्र में खालों के जीर्णोद्धार तथा 1,18,248 हेक्टेयर क्षेत्र में स्प्रिंकलर सिंचाई सुविधा स्थापित करने के कार्य प्रगतिरत हैं।

इसके साथ ही सागरमल गोपा शाखा एवं बाबा रामदेव उपशाखा प्रणाली के आसुतार वितरिका तंत्र सहित अन्य नहरी तंत्र, फलौदी लिफ्ट नहर, मुख्य नहर के दोनों पटड़ों का सुदृढ़ीकरण, बाबा रामदेव शाखा, कोलायत वितरिका तथा खिदरत वितरिका के जीर्णोद्धार के कार्य भी प्रगति पर हैं।

वर्ष 2026-27 में 550 करोड़ रुपए के कार्य

बजट घोषणा वर्ष 2026-27 के अंतर्गत कुल 33,543 हेक्टेयर क्षेत्र में खालों के जीर्णोद्धार, सागरमल गोपा शाखा पर बैलेंसिंग रिजर्वायर के निर्माण तथा गजनेर लिफ्ट नहर एवं कोलायत लिफ्ट नहर के जीर्णोद्धार के कार्यों के लिए कुल 550 करोड़ रुपए की घोषणाएं की गई हैं।

कृषि से लेकर उद्योग तक मिल रहा लाभ

इंदिरा गांधी नहर परियोजना पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय और अल्पवर्षा वाले क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास की आधारभूत परियोजना है। नहर निर्माण एवं जीर्णोद्धार से सिंचाई सुविधा मजबूत होने के कारण कृषि उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि के साथ कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी स्थायित्व मिला है।

नहर परियोजना से पश्चिमी, उत्तरी एवं मध्य राजस्थान के 13 जिलों की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल एवं भारतीय सेना के लिए पेयजल उपलब्ध कराने तथा ऊर्जा एवं औद्योगिक परियोजनाओं की जल आवश्यकताओं की पूर्ति में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है।

नहर प्रणाली के विस्तार, सुदृढ़ीकरण और जल संचयन से मरुस्थलीय क्षेत्र में कृषि, पेयजल, ऊर्जा, उद्योग और रोजगार के अवसरों का विस्तार हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है। वर्तमान में किए जा रहे निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य पश्चिमी राजस्थान की जल सुरक्षा को मजबूत करने के साथ क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को दीर्घकालीन आधार प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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संपर्क पोर्टल की परिवेदनाओं का सात दिन में करें निस्तारण

जिला कलेक्टर ने संपर्क पोर्टल, फ्लैगशिप योजनाओं और बजट घोषणाओं की समीक्षा की

बीकानेर, 28 सितंबर। जिला कलेक्टर निशांत जैन ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संपर्क पोर्टल, फ्लैगशिप योजनाओं एवं बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर प्राप्त परिवेदनाओं का अधिकतम सात दिन में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा परिवादी की संतुष्टि का स्तर भी बढ़ाया जाए।

उन्होंने बताया कि जिले में संपर्क पोर्टल पर परिवेदनाओं के निस्तारण का औसत समय 17 दिन है। इसे कम करने के निर्देश देते हुए उन्होंने नगर निगम की सर्वाधिक लंबित परिवेदनाओं को प्राथमिकता से निस्तारित करने को कहा। साथ ही सीएमओ एवं सीपी ग्राम की परिवेदनाओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

ई-फाइलिंग को दें प्राथमिकता
जिला कलेक्टर ने सभी विभागों को ई-फाइलिंग व्यवस्था का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-फाइलिंग से फाइल गुम होने की संभावना नहीं रहती तथा रिकॉर्ड में पारदर्शिता बनी रहती है।

बैंकों में लंबित नहीं रहें प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के आवेदन
फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लंबित ऋण आवेदनों पर जिला कलेक्टर ने एलडीएम को निर्देश दिए कि बैंकों में भेजे गए आवेदनों को शीघ्र स्वीकृत करवाया जाए अथवा नियमानुसार रिजेक्ट किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के ऋण आवेदन बैंकों में अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए।

उन्होंने लाडो प्रोत्साहन योजना, स्वामित्व योजना, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, अटल ज्ञान केंद्र, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर प्रगति बढ़ाने तथा संबंधित कार्यों की स्वीकृतियां शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए।

बजट घोषणाओं पर कार्यवाही तेज करने के निर्देश
जिला कलेक्टर ने डीओआईटी, पीएचईडी, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, स्किल, रीको सहित विभिन्न विभागों की बजट घोषणाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घोषणाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

65 विद्यार्थी सीख रहे जर्मन, 28 विद्यार्थी स्पेनिश
उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा में डूंगर कॉलेज प्रतिनिधि प्रो. बृजरतन जोशी ने बताया कि डूंगर कॉलेज में 65 विद्यार्थी जर्मन भाषा तथा महारानी कॉलेज में 28 विद्यार्थी स्पेनिश भाषा सीख रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में दोनों केंद्र मॉडल के रूप में कार्य कर रहे हैं।

बांठिया स्कूल भीनासर बना ग्रीन एनर्जी स्कूल
स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान सीडीईओ अरुण शर्मा ने बताया कि भीनासर स्थित बांठिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को ग्रीन एनर्जी स्कूल के रूप में नामित किया गया है। इससे संबंधित सामग्री भी राज्य स्तर से विद्यालय को प्राप्त हो चुकी है।

जोड़बीड़ योजना के लिए 30 करोड़ की डीपीआर
पीएचईडी की समीक्षा में अधीक्षण अभियंता जे के चारण ने बताया कि जोड़बीड़ आवासीय योजना में जलापूर्ति के लिए करीब 30 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर लगभग सात दिन पहले राज्य स्तर पर भेजी गई है। जिला कलेक्टर ने इसकी प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्य को जल्द आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

10 या अधिक कार्मिक वाले कार्यालयों का शी-बॉक्स पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक सुश्री अनुराधा सक्सेना ने बताया कि 10 या अधिक कार्मिक वाले सरकारी एवं निजी कार्यालयों का शी-बॉक्स पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। कार्यालय में सभी कार्मिक पुरुष होने पर भी पंजीकरण आवश्यक है। जिला कलेक्टर ने सभी संबंधित कार्यालयों को पोर्टल पर एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बीडीए कमिश्नर सुश्री स्नेहल धायगुडे, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे, आईएएस मनु गर्ग सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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लाइट्स सॉफ्टवेयर समीक्षा बैठक मंगलवार को

बीकानेर, 28 सितम्बर। लाइट्स सॉफ्टवेयर पर न्यायिक प्रकरणों के इन्द्राज और अपडेशन की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन 29 सितम्बर को दोपहर 3.30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में किया जाएगा। उप विधि परामर्शी डॉ. हिमाशु भाटिया ने बताया कि बैठक में समस्त अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण के लिए 20 अक्टूबर तक किए जा सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

बीकानेर, 28 सितम्बर। राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा संख्या 32 के क्रम में विशेष योग्यजनों (दिव्यांगजनों) को संबल एवं सुविधा प्रदान करने के लिए प्रदेश के 25 हजार दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक मनोज कुमार गहलोत ने बताया कि समस्त पात्र दिव्यांगजन 20 अक्टूबर 2026 तक एसएसओ पोर्टल (SSO Portal: www-sso-rajasthan-gov-in) पर ‘SJMS DSAP (CM SAYUKT SAHAYATA ANUDAN YOJANA) मॉड्यूल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजनान्तर्गत आवेदन करने के लिए दिव्यांगजन को विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (न्क्प्क्), आधार कार्ड, जनाआधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र या मूल निवास सम्बंधित अन्य दस्तावेज, आय प्रमाण पत्र (प्रार्थी आयकर दाता नहीं हो)/पीपीओ साथ लाना आवश्यक है।

उन्होंने बतया कि प्राप्त आवेदनों के आधार पर आगामी 3 दिसंबर 2026 (अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस) के अवसर पर संपूर्ण राजस्थान में राज्य एवं समस्त जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में कत्रिम अंग व सहायक उपकरणों का निःशुल्क वितरण किया जाएगा।