बेटे-बहू को घर खाली करने का आदेश, अहमदाबाद कोर्ट ने पिता के हक में सुनाया फैसला

बेटे-बहू को घर खाली करने का आदेश, अहमदाबाद कोर्ट ने पिता के हक में सुनाया फैसला
STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025
खमत खामणा
  • 13 साल की कानूनी लड़ाई के बाद बुजुर्ग को मिली राहत

अहमदाबाद, 29 सितम्बर । अहमदाबाद के एक बुजुर्ग पिता को करीब 13 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार बड़ी राहत मिली है। अदालत ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में बुजुर्ग व्यक्ति के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें अपनी गाढ़ी कमाई से बनाए गए मकान से बेटे और बहू को बाहर निकालने का कानूनी अधिकार प्रदान किया है। शहर की सिविल कोर्ट ने इस जोड़े को मकान खाली करने के लिए 90 दिनों का समय दिया है।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

पारिवारिक कलह और 13 साल लंबा कानूनी विवाद

pop ronak

मामले के अनुसार बुजुर्ग व्यक्ति के बेटे और बहू का विवाह वर्ष 2002 में हुआ था। शादी के कुछ समय बाद से ही घर में आपसी कलह और पति-पत्नी के बीच लगातार मनमुटाव व झगड़े रहने लगे। पूरा परिवार एक ही मकान में निवास करता था, जहाँ बुजुर्ग पिता पहली मंजिल पर रहते थे, जबकि बेटा और बहू ग्राउंड फ्लोर पर रहते थे।

पारिवारिक विवाद अत्यधिक बढ़ने के बाद पति-पत्नी अलग-अलग कमरों में रहने लगे और तंग आकर बेटे ने अदालत में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी। घर में रोज़-रोज़ के झगड़ों और मानसिक तनाव से व्यथित होकर बुजुर्ग पिता ने वर्ष 2013 में सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अदालत से प्रार्थना की थी कि स्वयं के द्वारा निर्मित मकान से बेघर करने तथा शांतिपूर्ण जीवन जीने के लिए बेटे और बहू को बेदखल करने का अधिकार दिया जाए। अदालत ने तथ्यों और साक्ष्यों का अनुशीलन करते हुए पिता के अधिकार को न्यायसंगत माना और 13 साल बाद ऐतिहासिक राहत प्रदान की।