नरेंद्र भवन में प्रदेश सह प्रभारी चिरंजीवी राव के सामने भिड़े दो दिग्गज कांग्रेस नेता, तीखी बहस के साथ लगे आरोप-प्रत्यारोप
सह प्रभारी चिरंजीवी राव के सामने भिड़े दो दिग्गज कांग्रेस नेता



बीकानेर, 30 सितम्बर । नगर निगम चुनाव में पार्षदों का बहुमत होने के बावजूद उपमहापौर चुनाव में मिली हार की कसक बीकानेर कांग्रेस में एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। बुधवार को नरेंद्र भवन में आयोजित बैठक के दौरान कांग्रेस के दो कद्दावर नेताओं के बीच प्रदेश सह प्रभारी चिरंजीवी राव के समक्ष ही तीखी बहस हो गई और दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोपों की बौछार कर दी।


एक ने कहा- मीटिंग का फोन नहीं करते, दूसरे ने कहा- मुझे अध्यक्ष ही नहीं मानते


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत कांग्रेस शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल और पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल के बीच हुई। बैठक के दौरान पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने सह प्रभारी चिरंजीवी राव से शिकायत करते हुए कहा कि संगठन की किसी भी मीटिंग के लिए शहर अध्यक्ष या उनके कार्यालय की ओर से उन्हें कोई सूचना या फोन नहीं दिया जाता।
इस आरोप पर पलटवार करते हुए शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने कहा कि पूर्व मंत्री उन्हें शहर अध्यक्ष स्वीकार ही नहीं करते। उन्होंने कहा कि विगत दिनों आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पूर्व मंत्री ने सभी के सामने पूर्व अध्यक्ष यशपाल गहलोत को अध्यक्ष कहकर संबोधित किया था।
उपमहापौर चुनाव में हार और सिंबल चोरी के लगे गंभीर आरोप
बहस के दौरान पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने आक्रामक रुख अपनाते हुए प्रदेश सह प्रभारी से सवाल किया कि सह प्रभारी जी यह जांच करवाएं कि नगर निगम में स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस उपमहापौर का चुनाव कैसे हार गई? उन्होंने आरोप लगाया कि भीतरघात और मिलीभगत करके अल्पसंख्यक प्रत्याशी को हराने का काम किया गया तथा सिंबल चोरी किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि दोनों ही नेता पूर्व में कांग्रेस के टिकट पर बीकानेर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। बहस के उग्र होने पर मौके पर मौजूद पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों व नेताओं ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराया।
अध्यक्ष बोले- विवाद नहीं, अपनी बात रखी
इस घटनाक्रम के बाद जब मीडिया प्रतिनिधियों ने शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल से संपर्क किया, तो उन्होंने किसी भी तरह के बड़े विवाद से इनकार करते हुए कहा कि प्रदेश सह प्रभारी चिरंजीवी राव के समक्ष दोनों नेताओं ने केवल अपनी-अपनी बात रखी है। वहीं, इस संबंध में पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे फोन पर बात नहीं हो सकी।
स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निकाय चुनाव के बाद से बनी यह आपसी खींचतान यदि समय रहते शांत नहीं हुई, तो आगामी पंचायती राज चुनावों में पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
