कैबिनेट के फैसले परिवहन और MSME सेक्टर को मिलेगा विकास का बूस्ट
कैबिनेट के फैसले परिवहन और MSME सेक्टर को मिलेगा विकास का बूस्ट

ITLA का गठन और ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड मंजूर


नई दिल्ली, 06 अक्टूबर । केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को देश के आर्थिक और बुनियादी ढांचे को रफ्तार देने के उद्देश्य से दो दूरगामी एवं महत्वपूर्ण फैसलों पर अपनी मुहर लगा दी है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने ‘इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी’ (ITLA) की स्थापना और 10,000 करोड़ रुपये के ‘स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज ग्रोथ फंड’ (SGF) के गठन को मंजूरी दे दी है। इन पहलों से देश के लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को जबरदस्त वित्तीय एवं संरचनात्मक संबल मिलेगा।


एकीकृत परिवहन योजना के लिए ‘ITLA’ की स्थापना
देश में परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी परियोजनाओं के बेहतर समन्वय, शोध, निगरानी और प्रभाव आकलन के लिए ‘इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी’ (ITLA) राष्ट्रीय शीर्ष निकाय के रूप में कार्य करेगी। यह संस्था 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली सभी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगी। सड़क, रेलवे, बंदरगाह, विमानन और जलमार्ग को एक मंच पर लाने के साथ-साथ यह प्राधिकरण FASTag, e-Way Bill, Vahan और GPS डेटा को एकीकृत कर एक ‘राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार’ तैयार करेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी।
₹10,000 करोड़ के ‘SGF’ से MSME को मिलेगी मजबूती
केंद्रीय बजट में घोषित 10,000 करोड़ रुपये का ‘स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज ग्रोथ फंड’ (SGF) उच्च क्षमता वाले एमएसएमई उद्योगों को दीर्घकालिक इक्विटी पूंजी उपलब्ध कराएगा। इस फंड का मुख्य उद्देश्य उन उद्यमों का बड़े पैमाने पर विस्तार करना है, जिन्होंने अपनी व्यावसायिक क्षमता सिद्ध कर ली है। फंड का एक बड़ा हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के एमएसएमई के साथ-साथ आईटी, इनोवेशन और रणनीतिक सेवा क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमों को आवंटित किया जाएगा, जिससे ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को बल मिलेगा।
