अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह में जीवन विज्ञान दिवस’ के रूप में अर्हम इंग्लिश एकेडमी में मनाया गया सातवां दिन
अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह में जीवन विज्ञान दिवस' के रूप में अर्हम इंग्लिश एकेडमी में मनाया गया सातवां दिन

बीकानेर/गंगाशहर, 07 अक्टूबर । अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के निर्देशन में अणुव्रत समिति गंगाशहर द्वारा आयोजित अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का सातवां दिन नोखा रोड स्थित अर्हम इंग्लिश एकेडमी के प्रांगण में “जीवन विज्ञान दिवस” के रूप में अत्यंत उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों, विद्यालय के शिक्षकों तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।


अणुव्रत आचरण की पद्धति है, जीवन को देती है सही दिशा: डॉ. अर्पिता गुप्ता


कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के अध्यक्ष करणीदान रांका द्वारा मंगलाचरण से हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. अर्पिता गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अणुव्रत केवल नियमों या संकल्पों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाली आचरण की पद्धति है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जहां बच्चे तनाव, प्रतिस्पर्धा और सोशल मीडिया जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं, वहीं जीवन विज्ञान उन्हें अपनी भावनाओं को समझने, क्रोध पर नियंत्रण रखने, एकाग्रता बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने की प्रेरणा देता है।
संस्कार और सकारात्मक सोच ही दिलाते हैं वास्तविक सफलता- डागा
अर्हम इंग्लिश एकेडमी के प्रबंधक सुरेंद्र डागा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना ही सफलता नहीं है, बल्कि अच्छे संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और श्रेष्ठ व्यवहार ही व्यक्ति को जीवन में वास्तव में सफल बनाते हैं। कार्यक्रम प्रभारी राजेंद्र नाहटा ने बताया कि समिति द्वारा मुख्य वक्ता डॉ. अर्पिता गुप्ता एवं प्रबंधक सुरेंद्र डागा का पताका पहनाकर तथा अणुव्रत साहित्य भेंट कर सम्मान किया गया।
नैतिक मूल्यों और संयम के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम प्रभारी देवेंद्र बोथरा एवं बछराज गुलगुलिया ने बताया कि इस सप्ताह के माध्यम से समाज और विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों व संस्कारों का बीजारोपण किया जा रहा है। आयोजन में करणीदान रांका, मनोज सेठिया, कन्हैयालाल बोथरा, मनोज छाजेड़, राजेंद्र नाहटा, हेमराज गुलगुलिया, ताराचंद गुलगुलिया, धरमचंद सोनी, बछराज गुलगुलिया, दिलीप सिरोहिया, आशीष गर्ग, डालचंद बुच्चा, नवरतन रांका सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। दिलीप सिरोहिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में विद्यार्थियों ने “अच्छे विचार–अच्छा व्यवहार–श्रेष्ठ जीवन” के ध्येय वाक्य के साथ जीवन में संयम और अनुशासन अपनाने का संकल्प लिया।
