बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में बेड के अभाव में मरीज की मौत

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में बेड के अभाव में मरीज की मौत
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026
  • परिजनों ने लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप,जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी गठित

बीकानेर, 14 अक्टूबर । बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के नए मेडिसिन विंग में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है। यहाँ बेड नहीं मिलने के कारण एक मरीज की तड़प-तड़प कर मौत हो जाने का मामला सामने आया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। बढ़ते हंगामे और विरोध को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है।

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17 घंटे तक नहीं मिला बेड, आईसीयू में हुई मौत
जानकारी के अनुसार, श्रीडूंगरगढ़ के पूनरासर निवासी राधेश्याम को उनके परिजन 12 अक्टूबर की रात करीब 2:30 बजे गंभीर हालत में पीबीएम अस्पताल के नए मेडिसिन विंग लेकर पहुँचे थे। परिजनों का आरोप है कि डॉ. विजय तुंडवाल की यूनिट में घंटों चक्कर काटने के बावजूद मरीज को करीब 17 घंटे तक कोई बेड उपलब्ध नहीं कराया गया।

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जब मरीज की हालत अत्यधिक गंभीर हो गई, तब जाकर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया और वेंटिलेटर पर रखा गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। हालाँकि, मौत के वास्तविक कारणों और लापरवाही की पुष्टि अस्पताल द्वारा गठित जाँच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

527 बेड की क्षमता, पर वार्डों में मरीजों का भारी दबाव

मेडिसिन विभाग में मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या के कारण व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। आँकड़ों के मुताबिक, विभाग में कुल 527 बेड हैं, जिनमें से लगभग 380 सामान्य बेड हैं। इसके बावजूद कई वार्डों में स्वीकृत क्षमता से कहीं अधिक मरीज भर्ती हैं। स्थिति यह है कि एक वार्ड में 70 बेड की निर्धारित क्षमता के मुकाबले करीब 100 मरीज भर्ती किए गए हैं, जिसके चलते नए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को दर-दर भटकना पड़ रहा है।

अस्पताल अधीक्षक डॉ बी सी घीया ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते 3 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गयी है। उन्होंने कहा कि वार्डों में क्षमता से अधिक मरीज अस्पताल में आते हैं। यूनिट के हिसाब से सभी को बेड आवंटित किये जाते हैं।

राहत के लिए 10 कॉटेज वार्ड शुरू करने की तैयारी

मरीजों की भारी भीड़ और बेड की किल्लत को दूर करने के लिए अस्पताल प्रशासन अब मेडिसिन विभाग में 10 नए कॉटेज वार्ड शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इससे कुछ हद तक मरीजों को बेड मिलने में आसानी होने की उम्मीद है। इसके अलावा, अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पहले विवाद सामने आ चुका है, जहाँ एक सामाजिक कार्यकर्ता को रोके जाने को लेकर सुरक्षा और सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठे थे।

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