जूनोटिक रोगों की पहचान और निगरानी को मिलेगी मजबूती, एनसीडीसी टीम ने परखी बीकानेर की तैयारियां
जूनोटिक रोगों की पहचान और निगरानी को मिलेगी मजबूती, एनसीडीसी टीम ने परखी बीकानेर की तैयारियां

- एसपी मेडिकल कॉलेज की सेंटिनल साइट पर चार बीमारियों की जांच उपलब्ध, जल्द शुरू होगी टॉक्सोप्लाज्मोसिस जांच
बीकानेर, 23 अक्टूबर । जूनोटिक रोगों की समय पर सटीक पहचान, प्रभावी निगरानी और आधुनिक जांच सुविधाओं के विस्तार की दिशा में सरदार पटेल (एसपी) मेडिकल कॉलेज, बीकानेर की तैयारियों की समीक्षा की गई। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के सहायक निदेशक डॉ. जितेश कुवातड़ा ने अपनी टीम के सदस्यों डॉ. सोहनटप्पन और डॉ. अनु नागर के साथ माइक्रोबायोलॉजी विभाग में संचालित ‘सेंटिनल सर्विलांस साइट’ का विस्तृत निरीक्षण किया।


उल्लेखनीय है कि ‘नेशनल वन हेल्थ प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ जूनोसिस’ (NOHP-PCZ) के अंतर्गत संचालित इस साइट की व्यवस्थाओं, रिपोर्टिंग और प्रशिक्षण गतिविधियों की प्रगति जानने यह टीम बीकानेर पहुँची थी। बीकानेर में 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले ‘RAJIAPSM CON 2026’ में भाग लेने आए डॉ. कुवातड़ा का विभागाध्यक्ष डॉ. तरूणा स्वामी ने स्वागत किया।



अप्रैल 2023 से संचालित साइट की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत
प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग की सीनियर प्रोफेसर डॉ. अंजलि गुप्ता के निर्देशन में अप्रैल 2023 से संचालित इस साइट की प्रगति रिपोर्ट को-प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर एवं वरिष्ठ प्रदर्शक डॉ. दीप शिखर आचार्य ने प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यहाँ ब्रुसेलोसिस, स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पायरोसिस और इकाइनोकोकोसिस की जाँच सुविधा उपलब्ध है तथा शीघ्र ही टॉक्सोप्लाज्मोसिस की जाँच भी शुरू कर दी जाएगी। आईएचआईपी-आईडीएसपी (IHIP-IDSP) और जूनोसेस पोर्टल पर नियमित डेटा एंट्री की जा रही है।
जागरूकता, प्रशिक्षण और लैब गुणवत्ता का लिया जायजा
समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस सर्विलांस साइट द्वारा आकाशवाणी इंटरव्यू, सुजस न्यूज वार्ता, पोस्टर प्रदर्शन तथा मेडिकल-वेटरनरी विद्यार्थियों व स्वास्थ्यकर्मियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। डॉ. कुवातड़ा ने माइक्रोबायोलॉजी लैब में उपकरणों व गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं की जाँच करने के साथ-साथ ट्रॉमा सेंटर स्थित ‘एंटी रेबीज क्लिनिक’ का भी जायजा लिया और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
“जूनोटिक रोगों की रोकथाम के लिए मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े विभागों का समन्वय आवश्यक है। एसपी मेडिकल कॉलेज में जाँच और रोग निगरानी की क्षमताओं को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है। एनसीडीसी टीम का मार्गदर्शन आधुनिक जाँच सुविधाओं को आगे बढ़ाने में बेहद उपयोगी साबित होगा।”
— डॉ. सुरेंद्र कुमार, प्राचार्य एवं नियंत्रक, एसपी मेडिकल कॉलेज, बीकानेर
निरीक्षण के दौरान साइंटिस्ट-बी अशोक, लैब टेक्नीशियन हीरालाल माली, नीरज व रानी तथा डेटा एंट्री ऑपरेटर मोहम्मद आदिल एवं देव करण किराडू भी उपस्थित रहे।

