

- सरदार पटेल की जयंती पर सजी झांकियां, प्रतियोगिताओं में चमके विद्यार्थी
बीकानेर, 31 अक्टूबर । बीकानेर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शिवबाड़ी में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) एवं ‘नो बैग डे’ के पावन अवसर पर एक रंगारंग और प्रेरणादायी उत्सव का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने खेलकूद, कला और देशभक्ति से जुड़े विभिन्न आयोजनों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।


माँ सरस्वती की वंदना और राष्ट्रीय एकता की शपथ



कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती बबीता विश्नोई, उपप्रधानाचार्या श्रीमती अनुपमा शर्मा, श्रीमती रूपिंद्र पुनियानी और समस्त विद्यालय स्टाफ द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके उपरांत, राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को देश की अखंडता और एकता को बनाए रखने की शपथ दिलवाई गई।
वक्ता और चित्रकला में चमकीं छात्राएं
कक्षा 11 और 12 की छात्राओं ने ‘अखंड भारत के शिल्पी’ विषय पर अपने ओजस्वी भाषणों के माध्यम से सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन के प्रेरक प्रसंगों और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को रेखांकित किया। इस दौरान आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सरदार पटेल के जीवन पर आधारित आकर्षक चित्र बनाए, जिनकी एक सुंदर प्रदर्शनी भी लगाई गई।
‘नो बैग डे’ पर खेलकूद और कलात्मक प्रतियोगिताओं की धूम
नो बैग डे के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कई रोचक गतिविधियां कराई गईं
खेलकूद गतिविधियां: कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए जलेबी दौड़ और समूह नींबू दौड़ का आयोजन हुआ, जबकि कक्षा 1 से 5 के नन्हे मुन्नों ने फ्रॉग रेस (मेंढक दौड़) में अपना हुनर दिखाया।
कला और सज्जा प्रतियोगिताएं: बड़ी छात्राओं के लिए मेहंदी, रंगोली और दीपक साज-सज्जा प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्राओं ने विद्यालय परिसर में सुंदर रंगोली सजाई और आकर्षक दीपक तैयार किए।
छात्र-छात्राओं के बौद्धिक और शारीरिक विकास पर जोर
विद्यालय स्टाफ ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की सह-शैक्षणिक गतिविधियों से बच्चों में आत्मविश्वास, टीम भावना, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। दौड़ प्रतियोगिताओं से शारीरिक फुर्ती बढ़ती है, वहीं मेहंदी, रंगोली और दीपक सज्जा जैसी कलाओं से विद्यार्थियों की एकाग्रता और सौंदर्य बोध को बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सराहा गया और सभी ने मिलकर इस यादगार दिवस का भरपूर आनंद लिया।

