

पंचायती राज आम चुनाव: तीसरे चरण के मतदान के लिए रवाना हुए मतदान दल, जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया कार्मिकों को संबोधित


लूणकरणसर, श्रीडूंगरगढ़ और रीडी में तीसरे चरण में होंगे चुनाव, 112 ग्राम पंचायतों के लिए बनाए गए 402 मतदान केंद्र



बीकानेर, 2 नवंबर। पंचायती राज आम चुनाव: 2026 के तीसरे चरण के तहत होने वाले मतदान के लिए मतदान दलों की रवानगी राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज परिसर से सोमवार को हुई। मतदान दलों को प्रशिक्षण देने के बाद निर्धारित वाहनों से संबंधित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी निशान्त जैन एवं पर्यवेक्षक श्री नवनीत कुमार मौजूद रहे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान दलों के कार्मिकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया का हिस्सा बनना गर्व का विषय है। सभी कार्मिक अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण गंभीरता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक मतदाता स्वतंत्र एवं भयमुक्त वातावरण में अपने मताधिकार का उपयोग कर सके। उन्होंने पांच दिनों की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया और कहा कि निर्वाचन से जुड़ी प्रत्येक प्रक्रिया को समयबद्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी उम्मेद सिंह, बीकानेर विकास प्राधिकरण सचिव हेमेन्द्र नागर, प्रशिक्षु आईएएस मनु गर्ग, तृतीय चरण की तीनों पंचायत समितियों के रिटर्निंग अधिकारी दयानंद रूयल, झंवर मित्तल और श्रीमती दमयंती कंवर तथा प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के अधिकारी उपस्थित रहे।
तीसरे चरण का यह रहेगा कार्यक्रम
तृतीय चरण में लूणकरणसर, श्रीडूंगरगढ़ और रीडी पंचायत समिति क्षेत्रों की 112 ग्राम पंचायतों में निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होगी। इसके लिए कुल 402 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति की 33 ग्राम पंचायतों में 123, रीडी की 31 ग्राम पंचायतों में 104 तथा लूणकरणसर की 48 ग्राम पंचायतों में 175 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान दलों में पीठासीन अधिकारी सहित प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ मतदान अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। वहीं प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए एक रिटर्निंग अधिकारी भी बनाया गया है।
जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए 3 नवंबर को प्रातः 7 से सायं 6 बजे तक मतदान होगा। वहीं पंच एवं सरपंच पदों के लिए 4 नवंबर को नामांकन प्रक्रिया तथा 5 नवंबर को प्रातः 7 से सायं 6 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्ति के तुरंत बाद संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतगणना की जाएगी। इसके बाद 6 नवंबर को उपसरपंच का चुनाव होगा।
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ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक
मिशन लाइफ के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन
बीकानेर, 2 नवम्बर। भारत में आयोजित होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के संदर्भ में राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में 1 से 7 नवंबर तक ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक का आयोजन किया जा रहा है। जिला कलेक्टर निशान्त जैन के आदेशानुसार तथा जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे के निर्देशन में सप्ताहभर विभिन्न विभागों, पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायतों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
जिला परिषद स्तर पर इसका शुभारम्भ पौधारोपण के साथ किया गया। इस दौरान मिशन लाइफ की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने तथा दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।
सप्ताहभर चलने वाले इस अभियान में स्वस्थ जीवनशैली, ऊर्जा संरक्षण, जल बचत, सतत खाद्य प्रणाली, ई-कचरे में कमी तथा पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत मिशन लाइफ प्रतिज्ञा, योग एवं फिटनेस गतिविधियां, वॉकाथॉन, साइक्लोथॉन, सक्रिय गतिशीलता, ऊर्जा बचाओ तथा घरेलू ऊर्जा संरक्षण से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान के प्रथम दिन स्वस्थ जीवनशैली विषय पर केंद्रित गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें योग, शारीरिक व्यायाम तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में सोमवार को जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ऊर्जा संरक्षण विषय पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इनके माध्यम से बिजली के अनावश्यक उपयोग को रोकने, ऊर्जा दक्ष उपकरण अपनाने तथा दैनिक जीवन में ऊर्जा बचत की आदत विकसित करने का संदेश दिया गया।
इस सप्ताह का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को केवल अभियान तक सीमित न रखकर आमजन की दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना है, जिससे सामूहिक सहभागिता से सतत विकास की दिशा में प्रभावी पहल की जा सके।
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बिना अनुमति संचालित उद्योगों को मिलेगी विशेष छूट, 31 दिसंबर तक कर सकेंगे आवेदन
बीकानेर, 2 नवंबर। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा स्थापना एवं संचालन सम्मति प्राप्त किए बिना संचालित हो रहे उद्योगों, प्रक्रियाओं और परियोजनाओं को राज्य मंडल की सम्मति प्रक्रिया में लाने के लिए विशेष छूट योजना लागू की गई है। योजना के तहत 31 दिसंबर तक आवेदन प्रस्तुत करने वाले उद्योगों को पिछली अवधि का संचालन सम्मति शुल्क (बैक पीरियड फीस) जमा कराने से छूट प्रदान की जाएगी।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी राजकुमार मीणा ने बताया कि मंडल के योजना लागू करने का उद्देश्य ऐसे उद्योगों, प्रक्रियाओं और परियोजनाओं को राज्य मंडल की सम्मति प्रक्रिया में शामिल करना है, जो जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 तथा वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत स्थापना सम्मति (कंसेंट टू एस्टेब्लिश) और संचालन सम्मति (कंसेंट टू ऑपरेट) प्राप्त किए बिना संचालित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से उद्योगों को नियमानुसार सम्मति प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे औद्योगिक इकाइयों को नियमानुसार प्रक्रिया में लाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
क्षेत्रीय अधिकारी ने विभिन्न औद्योगिक संगठनों एवं औद्योगिक इकाइयों से अपील की है कि वे इस विशेष छूट योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें तथा पात्र उद्योगों, प्रक्रियाओं और परियोजनाओं को 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करें, ताकि अधिकाधिक इकाइयां योजना का लाभ उठा सकें और राज्य मंडल की सम्मति प्रक्रिया के दायरे में आ सकें।
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जिला कलेक्टर निशान्त जैन ने संभाग स्तरीय सहकार मेले का किया अवलोकन
सहकारी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का किया आह्वान
संभाग की 51 सहकारी समितियों के उत्पादों का किया जा रहा प्रदर्शन
बीकानेर, 2 नवंबर। जिला कलेक्टर निशान्त जैन ने ग्रामीण हाट में लगाए जा रहे संभाग स्तरीय सहकार मेले का सोमवार को अवलोकन किया। मेले में संभाग की 51 सहकारी समितियों द्वारा तैयार विभिन्न उत्पादों की स्टॉल्स लगाई गई हैं। जिला कलेक्टर ने प्रत्येक स्टॉल के उत्पादों की जानकारी ली तथा उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता और बिक्री की स्थिति के संबंध में स्टॉल धारकों से संवाद किया।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि सहकारी संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से छोटे उत्पादकों, कारीगरों, किसानों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन का बेहतर मंच मिलता है। ऐसे आयोजन उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए आमजन की भागीदारी आवश्यक है। इसके लिए अधिक से अधिक लोगों को मेले में पहुंचकर यहां प्रदर्शित उत्पादों का अवलोकन करना चाहिए और इनकी खरीद को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से समितियों की आय बढ़ेगी तथा इनसे जुड़े कारीगरों और उत्पादकों को भी आर्थिक संबल मिलेगा। उन्होंने सहकारी समितियों से उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, उनकी आकर्षक पैकेजिंग करने तथा विपणन के नए माध्यम विकसित करने का आह्वान किया।
जिला कलेक्टर ने मेले में प्रदर्शित केर, सांगरी, कच्ची घाणी के तेल, देसी शहद, जैविक मोटे अनाज से बने उत्पादों, हैंडीक्राफ्ट आइटम, पापड़, भुजिया, बड़ी, हर्बल उत्पादों, सूखी सब्जियों तथा हस्तशिल्प की विभिन्न वस्तुओं का अवलोकन किया। उन्होंने उत्पादों की विशेषताओं और उनकी बाजार मांग के बारे में जानकारी लेते हुए स्टॉल संचालकों से बिक्री संबंधी फीडबैक भी प्राप्त किया।
अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां श्री संजय गर्ग ने बताया कि यह मेला 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें बीकानेर संभाग की विभिन्न सहकारी समितियों द्वारा अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है। मेले के दौरान प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे आमजन को सहकारी उत्पादों के साथ स्थानीय कला एवं संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिल रहा है।
इस दौरान उप रजिस्ट्रार श्रीमती प्रियंका जांगिड़, सहायक रजिस्ट्रार रोहित कस्वां, सहायक रजिस्ट्रार , श्रीमती कपिला चोयल, उमाकांत व्यास, कनुप्रिया, श्रीमती गायत्री शर्मा तथा भरत कुमार थानवी सहित विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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केंद्रीय मंत्री मेघवाल मंगलवार प्रातः 7.20 बजे बीकानेर पहुंचेंगे
बीकानेर, 2 नवंबर। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मंगलवार प्रातः 7.20 बजे बीकानेर पहुंचेंगे। मेघवाल यहां विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों और बैठकों में भाग लेंगे। वे रात्रि 10.10 बजे बीकानेर रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
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पंचायती राज आम चुनाव 2026
चौथे चरण की नामांकन प्रक्रिया जारी, दूसरे दिन 27 अभ्यर्थियों ने 29 नामांकन पत्र किए प्रस्तुत
बीकानेर, 2 नवंबर। पंचायती राज आम चुनाव-2026 के चौथे चरण में पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए नामांकन प्रक्रिया सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान जसरासर में 14 अभ्यर्थियों ने 14, नोखा में 12 अभ्यर्थियों ने 14 तथा पांचू में एक अभ्यर्थी ने एक नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किया। इस प्रकार तीनों पंचायत समितियों में कुल 27 अभ्यर्थियों ने 29 नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किए।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नाम निर्देशन पत्र 4 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे। नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 5 नवंबर को प्रातः 11 बजे से होगी। अभ्यर्थी 6 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे। नाम वापसी के तुरंत बाद चुनाव प्रतीकों का आवंटन किया जाएगा।
चौथे चरण में जिला परिषद के 10 तथा नोखा, पांचू एवं जसरासर पंचायत समितियों के 59 सदस्यों के निर्वाचन के लिए 14 नवंबर को प्रातः 7 से सायं 6 बजे तक मतदान होगा। वहीं, पंच एवं सरपंच पदों के लिए 15 नवंबर को नामांकन प्रक्रिया होगी तथा 16 नवंबर को मतदान होगा।
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सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स को 31 दिसंबर तक करवाना होगा वार्षिक भौतिक सत्यापन
बीकानेर, 2 नवंबर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनान्तर्गत पात्र पेंशनर्स का वित्तीय वर्ष 2027 के लिए 31 दिसम्बर तक वार्षिक भौतिक सत्यापन करवाया जाना अनिवार्य है।
सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक श्री मनोज कुमार गहलोत ने बताया कि जिले में कुल 2 लाख 56 हजार 714 पेंशनर्स हैं, इनमें से 1 लाख 85 हजार 96 वृद्धजन पेंशनर्स, 55 हजार 167 विधवा पेंशनर्स, 15 हजार 652 विशेष योग्यजन पेंशनर्स तथा 799 कृषक वृद्ध जन पेंशनर्स को नवंबर एवं दिसंबर 2026 में वार्षिक भौतिक सत्यापन करवाना होगा।
उन्होंने ने बताया कि सत्यापन के दौरान शहरी क्षेत्र के पेंशनर्स को अपनी नवीनतम वार्ड संख्या पेंशन पोर्टल पर अद्यतन करवानी होगी। साथ ही सभी ग्रामीण एवं शहरी पेंशनर्स जनआधार पोर्टल पर उपलब्ध फोटो, मोबाइल नंबर, जन्म दिनांक एवं नाम को पेंशन पोर्टल पर भी अपडेट करवा लें, ताकि दोनों पोर्टल पर उपलब्ध विवरण समान रह सके।
उन्होंने बताया कि पेंशन लाभार्थी ई-मित्र कियोस्क अथवा ई-मित्र प्लस मशीन पर बायोमेट्रिक के माध्यम से अंगुली की छाप देकर सत्यापन करवा सकेंगे।
विकसित एंड्रॉयड मोबाइल ऐप (राजस्थान सोशल सिक्योरिटी पेंशन एंड आधार फेसआरडी) के माध्यम से चेहरे की पहचान के आधार पर भी सत्यापन करवाया जा सकेगा। उपरोक्त दोनों प्रक्रियाओं से सत्यापन नहीं होने की स्थिति में पेंशनर संबंधित पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी (उपखंड अधिकारी/विकास अधिकारी) के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर दस्तावेजों की जांच के आधार पर भौतिक सत्यापन करवा सकेंगे।
संयुक्त निदेशक ने बताया कि निर्धारित समयावधि में प्रक्रिया के अनुसार वार्षिक भौतिक सत्यापन नहीं करवाने पर पात्र पेंशनर्स पेंशन योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
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