रेलवे कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, केंद्रीय कैबिनेट ने दी 78 दिनों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को मंजूरी
रेलवे कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, केंद्रीय कैबिनेट ने दी 78 दिनों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को मंजूरी

- 11.40 लाख गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के खातों में आएंगे पैसे, सरकार पर आएगा 2,009 करोड़ का वित्तीय भार
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर । त्योहारी सीजन से ठीक पहले केंद्र सरकार ने देश के लाखों रेलवे कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) के भुगतान को आधिकारिक स्वीकृति मिल गई है। सरकार के इस फैसले से देश के करीब 11.40 लाख गैर-राजपत्रित (Non-Gazetted) रेलवे कर्मचारियों के चेहरों पर खुशी छा गई है।


कुल 2,009 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय भार
सरकार द्वारा स्वीकृत इस बोनस पैकेज पर कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह राशि सीधे पात्र रेल कर्मियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) या उनके वेतन खातों के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी, जिससे दिवाली से पहले बाजारों और कर्मचारियों के घरों में रौनक बढ़ेगी।


किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
यह बोनस मुख्य रूप से भारतीय रेलवे के विभिन्न operational और technical क्षेत्रों में सेवा दे रहे नॉन-राजपत्रित कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
ट्रैक मेंटेनर (Track Maintainers) एवं पॉइंट्समैन (Pointsmen)
लोको पायलट एवं ट्रेन मैनेजर (गार्ड) , स्टेशन मास्टर एवं फील्ड सुपरवाइजर ,तकनीशियन (Technicians) एवं तकनीशियन हेल्पर ,मिनिस्ट्रीयल (Office Support) स्टाफ एवं अन्य ग्रुप ‘C’ कर्मचारी
उत्पादकता और रिकॉर्ड प्रदर्शन बना आधार
सरकार ने यह बोनस रेलवे के पिछले वित्तीय वर्ष के शानदार प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत किया है। भारतीय रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान रिकॉर्ड 1,670 मिलियन टन माल ढुलाई (Freight Loading) और लगभग 7.41 अरब (7.41 billion) यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। रेलवे की इसी उत्कृष्ठ कार्यप्रणाली और परिचालन दक्षता को सराहते हुए यह वार्षिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती रही है।
यह फैसले भी..
- सरकार ने तीन पेंशन योजनाओं से इंदिरा गांधी का नाम हटाकर उनमें प्रधानमंत्री शब्द जोड़ने का फैसला किया है।
- अब दिव्यांगों को 18 साल की बजाय जन्म से पेंशन मिलेगी। कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला भी लिया है।

