गोचर भूमि संरक्षण के लिए बीकानेर में महाअभियान का आगाज: संत सरजूदास जी संभालेंगे कमान; ‘गौमाता’ को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की उठी मांग
गोचर भूमि संरक्षण के लिए बीकानेर में महाअभियान का आगाज: संत सरजूदास जी संभालेंगे कमान


बीकानेर, 24 फरवरी। बीकानेर की ऐतिहासिक और पौराणिक गोचर भूमियों को कब्जों से मुक्त कराने और उनके समग्र विकास के लिए मंगलवार को सरह नथानिया हनुमानजी मंदिर प्रांगण में गौभक्तों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान ‘सरह नथानिया’, ‘सुजानदेसर’ और ‘भीनासर’ गोचर भूमि के संरक्षण हेतु एक विशेष कमेटी का गठन किया गया, जिसकी नेतृत्वकारी जिम्मेदारी राष्ट्रीय संत महामंडलेश्वर श्री सरजूदास जी महाराज को सौंपी गई है।


गौ-अभ्यारण्य का सपना: निराश्रित गौवंश को मिलेगा नया आशियाना
बैठक में गोचर भूमि के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक विकास पर विस्तृत चर्चा की गई।


मुख्यमंत्री को ज्ञापन: शिव गहलोत ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री को इन गोचर भूमियों में आधुनिक गौ-अभ्यारण्य विकसित करने हेतु ज्ञापन सौंपा जाएगा।
अत्याधुनिक सुविधाएं: प्रस्तावित अभ्यारण्य में गायों के लिए उन्नत चिकित्सा व्यवस्था, चारागाह विकास (घास उगाना), नस्ल संवर्धन और पौष्टिक खाद्य व्यवस्था शुरू की जाएगी।
शहर को राहत: बीकानेर शहर की सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंश और नंदियों को इन अभ्यारण्यों में सुरक्षित स्थान दिया जाएगा, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा।
‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा: 27 अप्रैल से शुरू होगा देशव्यापी आह्वान
बैठक को संबोधित करते हुए मनोज सेवग ने गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने के लिए एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
तहसीलवार टीम: इस मांग को मजबूती से उठाने के लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर विशेष कमेटियों का गठन किया जाएगा।
गो सम्मान दिवस: श्री सरजूदास जी महाराज ने घोषणा की कि आगामी 27 अप्रैल और 27 जुलाई को ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत देश भर में ज्ञापन दिए जाएंगे। संत-महात्मा और गौभक्त राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को संबोधित मांग पत्र जिला कलेक्टर और तहसीलदारों को सौंपेंगे।
पोस्टर विमोचन और पौधरोपण के साथ संकल्प
कार्यक्रम की शुरुआत गौ-पूजन और पौधरोपण के साथ हुई। इस अवसर पर अभियान के पोस्टर का विमोचन किया गया। पर्यावरणविद् मिलन गहलोत ने कहा कि यह आंदोलन किसी निश्चित समय के लिए नहीं, बल्कि गोचर की सुरक्षा हेतु सदैव के लिए है। इस अवसर पर श्रीभगवान अग्रवाल, हेम शर्मा, मोहन सिंह नाल, पं. राजेन्द्र किराड़ू, अलका बिश्नोई सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और गौभक्त उपस्थित रहे। उपस्थित सभी जनों ने एक स्वर में गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने और गौवंश की सेवा का संकल्प लिया।
