मोहल्ला चेजारान में उमड़ा साम्प्रदायिक सद्भाव का सैलाब, तिरंगे की रोशनी में हजारों ने एक साथ खोला रोजा
मोहल्ला चेजारान में उमड़ा साम्प्रदायिक सद्भाव का सैलाब


चूरू, 16 मार्च । राजस्थान के चूरू जिला मुख्यालय पर साम्प्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेमिसाल तस्वीर देखने को मिली। वार्ड संख्या 55 व 56 स्थित मोहल्ला चेजारान में आयोजित ‘दावत-ए-इफ्तारी’ ने इस वर्ष अपने भव्य स्वरूप से नया कीर्तिमान स्थापित किया, जिसमें हजारों की संख्या में सर्वसमाज के लोगों ने शिरकत की।
देशभक्ति और इबादत का संगम
इस वर्ष का आयोजन न केवल धार्मिक आस्था बल्कि देशभक्ति के रंगों से भी सराबोर रहा। कार्यक्रम स्थल, मस्जिद चेजारान और मदरसा चेजारान पर लहराता राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा आकर्षण का केंद्र रहा। विशेष बात यह रही कि मस्जिद की मीनार को तिरंगे की रोशनी (तीन रंगों) से सजाया गया था, जो शहर में आपसी भाईचारे का खूबसूरत संदेश दे रहा था।


अमन-चैन और भाईचारे के लिए उठी दुआएं
इफ्तारी के समय उपस्थित जनसमूह ने एक साथ बैठकर रोजा खोला और मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली, आपसी प्रेम और देश की तरक्की के लिए सामूहिक दुआ की।
शहर इमाम प्रतिनिधि सय्यद गुलाम मुस्तफा कादरी ने कहा कि मोहल्ला चेजारान की यह इफ्तारी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए हिंदू-मुलिम एकता का एक सशक्त संदेश है। शहर काजी अहमद अली ने रमजान और रोजों की अहमियत पर रोशनी डालते हुए बताया कि रोजा इंसान को धैर्य, संयम और परोपकार सिखाता है। यह आत्म-शुद्धि और भलाई का मार्ग है।


सर्वसमाज की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
कार्यक्रम में चूरू के प्रबुद्धजनों और गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें डॉ. एफ.एच. गौरी, एडवोकेट सुरेश कल्ला, किशोर दांदू, नारायण बालान, विमल शर्मा, योगेश ढाका, विजय सारस्वत, और अनिस खान सहित विभिन्न समुदायों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। युवाओं की एक बड़ी टीम ने व्यवस्थाओं को बखूबी संभाला, जिससे हजारों लोगों की मौजूदगी के बावजूद कार्यक्रम अत्यंत अनुशासित और शांतिपूर्ण रहा। इस भव्य इफ्तारी ने एक बार फिर साबित किया कि चूरू की मिट्टी में भाईचारे की जड़ें बहुत गहरी हैं।
