विदेशी MBBS डिग्री धारकों के लिए बढ़ी मुश्किलें

विदेशी MBBS डिग्री धारकों के लिए बढ़ी मुश्किलें
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  • जितनी ऑनलाइन पढ़ाई की, अब उतनी ही ऑफलाइन क्लास अनिवार्य

बीकानेर/दिल्ली, 16 मार्च । विदेश से एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री लेकर भारत लौटे छात्रों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन माध्यम से की गई पढ़ाई को अब फिजिकल ऑनसाइट (ऑफलाइन) क्लास और क्लिनिकल ट्रेनिंग के माध्यम से पूरा करना होगा। ऐसा न करने की स्थिति में स्टेट मेडिकल काउंसिल छात्रों को स्थायी रजिस्ट्रेशन (Permanent Registration) जारी नहीं करेगी।

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क्या है NMC का नया आदेश?
एनएमसी सचिव डॉ. राघव लांगर की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, यह नियम विशेष रूप से 2020 और 2021 बैच के छात्रों पर लागू होगा।
समान अवधि की भरपाई: यदि किसी छात्र ने एक शैक्षणिक वर्ष ऑनलाइन पढ़ाई की है, तो उसे उतनी ही अवधि के लिए ऑफलाइन थ्योरी और क्लिनिकल ट्रेनिंग लेनी होगी।
फर्जी सर्टिफिकेट पर रोक: आयोग ने पाया कि कुछ विदेशी संस्थान बिना वास्तविक ट्रेनिंग के “कम्पेनसेशन सर्टिफिकेट” जारी कर रहे हैं। एनएमसी ने साफ किया है कि ऐसे प्रमाण पत्र मान्य नहीं होंगे और डिग्री को अवैध माना जाएगा।

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छात्रों में भारी रोष, दिल्ली मुख्यालय पर प्रदर्शन आज
इस आदेश के विरोध में विदेशी मेडिकल स्नातक (FMG) एकजुट हो गए हैं। सोमवार को देश भर से छात्र दिल्ली स्थित एनएमसी मुख्यालय पर एकत्र हो रहे हैं।
छात्रों का तर्क: जयपुर की डॉ. किरन, जिन्होंने कजाकिस्तान से डिग्री ली है, उनका कहना है कि यदि भारत के भीतर ऑनलाइन पढ़ाई को मान्यता दी गई है, तो विदेशी ऑनलाइन क्लास को अस्वीकार करना अनुचित है।
आंदोलन की चेतावनी: छात्र संगठनों ने इस नियम में छूट के लिए अपील की है और मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) ने लागू किए कड़े नियम
राजस्थान मेडिकल काउंसिल ने एनएमसी की गाइडलाइन का पालन करते हुए 12 मार्च 2026 को स्पष्ट आदेश जारी कर दिए हैं।
रजिस्ट्रेशन पर रोक: जिन छात्रों ने ऑनलाइन पढ़ाई के बदले अनिवार्य ऑफलाइन ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट जमा नहीं किया है, उनका स्थायी रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा।
दस्तावेजों की जांच: आरएमसी अब चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के साथ मिलकर प्रत्येक आवेदन की सूक्ष्मता से जांच करेगी।

भारत में प्रैक्टिस के लिए वर्तमान नियम:
विदेश से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को भारत में डॉक्टर के रूप में कार्य करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया पूरी करनी होती है। FMGL परीक्षा: सबसे पहले स्क्रीनिंग टेस्ट या एफएमजीई (FMGE) पास करना अनिवार्य है। CRMI: परीक्षा पास करने के बाद एक वर्ष की अनिवार्य रोटेटरी मेडिकल इंटर्नशिप (CRMI) पूरी करनी होती है।
अंतिम चरण: इन शर्तों और अब नई ऑफलाइन ट्रेनिंग की शर्त को पूरा करने के बाद ही स्टेट काउंसिल स्थायी रजिस्ट्रेशन देती है।

 

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