रसोई गैस संकट पर एक्शन: डीएसओ करेंगे सीधी मॉनिटरिंग, कोताही बरतने वाली गैस एजेंसियों पर गिरेगी गाज
रसोई गैस संकट पर एक्शन


जयपुर/बीकानेर, 11 मार्च । मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) के देशों में जारी युद्ध के कारण उत्पन्न हुए वैश्विक तेल-गैस संकट का असर अब राजस्थान की रसोई तक पहुँचने लगा है। प्रदेश में गैस सिलेंडरों की किल्लत और संभावित कालाबाजारी को रोकने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग के शासन सचिव अंबरीष कुमार ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश भर के रसद अधिकारियों (DSO) और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।


स्टॉक पर भी मॉनिटरिंग रखने पर विचार
सूत्रों के मुताबिक- बैठक में तेल-गैस कंपनियों और सचिव के बीच बैठक में स्टॉक मेंटेन रखने पर भी विचार किया गया। इसमें कंपनियों से किस एजेंसी को रोज कितने सिलेंडर सप्लाई किए गए और उन सिलेंडर का कहां-कहां डिस्ट्रीब्यूशन हुआ। इसका पूरा रिकॉर्ड गैस एजेंसी डीएसओ उसके किसी प्रतिनिधि अधिकारियों को उपलब्ध करवाए। ताकि बाजार में कालाबाजारी को कंट्रोल किया जा सके। साथ ही आम उपभोक्ता तक समय पर सिलेंडर की आपूर्ति हो सके। हालांकि इस पर कोई फाइनल निर्णय नहीं हुआ।


डीएसओ को सौंपी जिम्मेदारी: ‘पैनिक’ रोकने पर जोर
शासन सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों के डीएसओ गैस सिलेंडरों की सप्लाई की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए ताकि जनता में डर या ‘पैनिक’ की स्थिति पैदा न हो।
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को निर्बाध सप्लाई
बैठक में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कुछ क्षेत्रों को प्राथमिकता (Priority) पर रखने के निर्देश दिए गए.
शैक्षणिक संस्थान और अस्पताल: इन आवश्यक सेवाओं के लिए गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
आम उपभोक्ता: यदि किसी आम नागरिक को सिलेंडर मिलने में परेशानी होती है या एजेंसी मना करती है, तो संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कालाबाजारी रोकने के लिए ‘स्टॉक ऑडिट’ की तैयारी
बाजार में सिलेंडरों की अवैध बिक्री और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए विभाग एक नया सिस्टम लागू करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत गैस एजेंसियों को प्रतिदिन प्राप्त होने वाले और वितरित किए गए सिलेंडरों का पूरा रिकॉर्ड डीएसओ को देना होगा। तेल कंपनियां भी अपनी सप्लाई और स्टॉक का ब्योरा विभाग के साथ साझा करेंगी।
मुख्यमंत्री स्तर पर होगी समीक्षा
प्रदेश में बढ़ते इस संकट की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज (बुधवार) देर शाम एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ले सकते हैं। इस बैठक में प्रदेश के वास्तविक गैस स्टॉक और आगामी दिनों की कार्ययोजना पर विस्तृत फीडबैक लिया जाएगा।
