बीकानेर के सरकारी समाचार
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- सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में वार्षिक भौतिक सत्यापन से शेष 2 हजार 984 हजार पेंशनर्स को 31 मई तक करवाना होगा सत्यापन
बीकानेर, 21 मई। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनांतर्गत वार्षिक भौतिक सत्यापन से शेष 2 हजार 984 पेंशनर्स को शीघ्र सत्यापन करवाना होगा। समय पर सत्यापन नहीं करवाने पर पेंशन की राशि लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा नहीं हो पाएगी। उनकी पेंशन का आवेदन स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाएगा।


सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एल.डी पंवार ने बताया कि जिले में 2 लाख 40 हजार 781 पेंशनर्स हैं, इनमें से 1 लाख 74 हजार 171 वृद्धजन पेंशनर्स, 51 हजार 558 विधवा पेंशनर्स, 14 हजार 383 विशेष योग्यजन पेंशनर्स तथा 769 कृषक वृद्धजन पेंशनर्स लाभ ले रहे हैं। जिनमें से दो लाख 37 हजार 797 (98.76 प्रतिशत) द्वारा भौतिक सत्यापन करवा लिया गया है तथा लगभग 3 हजार द्वारा भौतिक सत्यापन करवाया जाना शेष है।


संयुक्त निदेशक ने बताया कि जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों को भौतिक सत्यापन करवाना अनिवार्य है। इसके लिए पेंशन धारक ई मित्र पर बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट इंप्रेशन के माध्यम से भौतिक सत्यापन करवा सकते हैं। बायोमेट्रिक से वंचित रहे पेंशनर्स का भौतिक सत्यापन आइरिस स्कैन से भी करवाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एंड्राइड मोबाइल ऐप के माध्यम से भी फेस रिकॉग्निशन के आधार पर वार्षिक भौतिक सत्यापन किया जा सकता है।
पंवार ने बताया कि किसी पेंशनर का वार्षिक भौतिक सत्यापन नहीं होने की स्थिति में यदि पेंशनर पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी (विकास अधिकारी/ उपखण्ड अधिकारी) के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होता है, तो पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी पोर्टल पर लॉगइन कर संबंधित पेंशनर का पीपीओ नंबर दर्ज करने पर उस पेंशनर के रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के आधार पर भौतिक सत्यापन कर सकते हैं।
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- कोटगेट व सांखला फाटक आरयूबी प्रोजेक्ट को लेकर संभागीय आयुक्त श्री मीणा की व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक
- कोटगेट व सांखला फाटक प्रोजेक्ट को पारदर्शी तरीके से किया जाएगा लागू -श्री विश्राम मीणा, संभागीय आयुक्त, बीकानेर
- कोटेगेट, सांखला फाटक समेत शहर के चार प्रमुख स्थानों पर प्रोजेक्ट डिस्प्ले करने को लेकर बीडीए अधिकारियों को दिए निर्देश
बीकानेर, 21 मई। कोटगेट व सांखला फाटक आरयूबी निर्माण को लेकर संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा की अध्यक्षता में गुरुवार को संभागीय आयुक्त कार्यालय में प्रमुख व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मीणा ने बीडीए और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोटगेट व सांखला फाटक आरयूबी निर्माण का पूरा प्लान कोटगेट व सांखला फाटक के पास डिस्प्ले करने के साथ साथ दो प्रमुख अन्य स्थानों पर भी डिस्प्ले करें ताकि आमजन भी प्लान देखकर कोई सुझाव देना चाहे तो दे सके।
प्रोजेक्ट को लेकर व्यापारियों का लिया गया फीडबैक
संभागीय आयुक्त ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वर्ष 2025-26 की राज्य बजट घोषणा के अंतर्गत कोटगेट व सांखला फाटक पर आरयूबी बनना है। इस संबंध में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शहर के गणमान्य लोगों को बुलाकर बीडीए, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा प्रोजेक्ट समझाया गया। बैठक में व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे।उन्हें भी अच्छे से सुना गया। उन्होंने जो भी सुझाव दिए उन्हें नोट किया गया है। ताकि प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन अच्छे से हो।
बीडीए चार जगहों पर करेगा प्रोजेक्ट डिस्प्ले
साथ ही संभागीय आयुक्त ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पारदर्शी तरीके से लागू करने को लेकर बीडीए के अधिकारियों को शहर के चार प्रमुख स्थानों पर प्रोजेक्ट डिस्प्ले करने को लेकर निर्देशित किया गया है। इसको लेकर लोगों को कोई आपत्ति होगी तो उन आपत्तियों का भी तकनीकी रूप से परीक्षण कराया जाएगा।
आरयूबी कार्य जुलाई से शुरू होकर दिसंबर तक होगा पूर्ण
संभागीय आयुक्त ने बताया कि कोटगेट व सांखला फाटक आरयूबी का कार्य जुलाई में स्लैब डालने के कार्य से शुरू कर दिसंबर तक पूर्ण करने की संभावना है। इसमें वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी बनाया जाएगा। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आर के दास गुप्ता समेत विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस प्रोजेक्ट को लेकर पिछले 35 साल के संघर्ष और सुझाव के बारे में संभागीय आयुक्त को विस्तार से बताया।
कोटगेट से कोटगेट फाटक तक होगी वनवे व्यवस्था
मीणा ने बताया कि बैठक में शहर की ट्रैफिक समस्या, केईएम रोड़ पर पार्किंग समस्या के समाधान को लेकर चर्चा भी हुई। संभागीय आयुक्त ने ट्रैफिक पुलिस को कोटगेट से लेकर कोटगेट फाटक पर आगामी 15 दिनों में वनवे ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त यशपाल आहूजा, पीडब्ल्यूडी एसई डॉ वी.के.गहलोत,पुलिस उपाधीक्षक ट्रैफिक किशन सिंह, पीडब्ल्यूडी अधिशाषी अभियंता विजय कुमार मीणा, सहायक अभियंता विक्रम बिश्नोई, ट्रैफिक इंस्पेक्टर नरेश निर्वाण, बीडीए की डायरेक्टर इंजीनियर श्रीमती वंदना शर्मा, समेत वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के.दास गुप्ता, बीकानेर व्यापार एसोसिएशन अध्यक्ष नरपत सेठिया, कोषाध्यक्ष विनीत अग्रवाल, सचिव उमेश मेहंदीरत्ता, प्रवक्ता श्याम कुमार तंवर, केईएम रोड़ एसोसिएशन अध्यक्ष प्रेम खंडेलवाल, मांगीलाल समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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- जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति की बैठक और जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित
- प्रकरणों का करें समयबद्ध निस्तारण, परिवादियों की दें राहत: जिला कलेक्टर
बीकानेर, 21 मई। जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति की बैठक तथा जिला स्तरीय जनसुनवाई गुरुवार को जिला कलक्टर निशान्त जैन की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई।
इस अवसर पर जिला कलक्टर ने कहा कि त्रिस्तरीय जनसुनवाई, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है। तीनों स्तर पर इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी, जनसुनवाई के प्रकरणों को गंभीरता से लें तथा इनका समयबद्ध निस्तारण करते हुए परिवादी को राहत प्रदान करें। उन्होंने रात्रि चौपाल, दौरे-निरीक्षण, जनसुनवाईयां तथा निरीक्षण निर्धारित नाॅम्र्स के अनुसार करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने सतर्कता समिति में दर्ज प्रकरणों की प्रकरणवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी समिति की गंभीरता समझें तथा प्रत्येक प्रकरण को प्राथमिकता से निस्तारित करें। छोटे-छोटे प्रकरणों को उपखण्ड स्तर पर ही निस्तारित करने के प्रयास करें, जिससे परिवादियों को अपने गांव से दूर जिला मुख्यालय तक नहीं आना पड़े। उन्होंने विभिन्न प्रकरणों के संबंध में अब तक की गई कार्यवाही का फीडबैक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भी लिया।
जनसुनवाई में आए 73 प्रकरण
जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान कुल 73 प्रकरण प्राप्त हुए। इनमें राजस्व से संबंधित 27, बीकानेर विकास प्राधिकरण से संबंधित 11, नगर निगम से संबंधित 8 और पंचायत से संबंधित पांच सहित अन्य विभागों से जुड़े प्रकरण सम्मिलित रहे। जिला कलक्टर ने सभी प्रकरणों को नियमसम्मत और समयबद्धता के साथ निस्तारित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) रमेश देव, उपखण्ड अधिकारी सुश्री महिमा कसाना, बीकानेर विकास प्राधिकरण उपायुक्त कुणाल राहड़, सहायक निदेशक (लोक सेवाएं) मुकेश कुमार मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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- पत्रकार कल्याण और सम्मान के लिए सरकार का अहम निर्णय
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान राशि में वृद्धि को मंजूरी
- सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने जारी की अधिसूचना
- बजट घोषणा के अनुरूप अब मिलेगी 18 हजार रुपये प्रतिमाह सम्मान राशि
जयपुर, 21 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पत्रकार कल्याण, सम्मान एवं सुरक्षा के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने राज्य के पूर्णकालिक वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकारों के लिए सम्मान राशि को 15 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। शर्मा द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर) ने राजस्थान वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान योजना में संशोधन कर पूर्णकालिक वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकारों की सम्मान राशि में वृद्धि करते हुए इसे 18 हजार रुपये करने की अधिसूचना जारी कर दी है।
डीआईपीआर द्वारा जारी राजस्थान वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान योजना (संशोधन) नियम-2026 के अनुसार ऐसे पूर्णकालिक अधिस्वीकृत पत्रकार, जिन्होंने दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक समाचार पत्र, स्वतंत्र पत्रकार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं समाचार एजेंसी में कम से कम 20 वर्षों तक सेवायोजन कार्य किया हो (दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं समाचार एजेंसी के संपादक, प्रकाशक व मालिक सहित) और जिनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है, वे प्रतिमाह 18 हजार रुपये सम्मान राशि के पात्र होंगे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वित्तीय वर्ष बजट 2026-27 में अधिस्वीकृत पत्रकारों की सम्मान राशि 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने की घोषणा की थी। इस बजट घोषणा की अनुपालना में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने यह अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के बाद वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान योजना के तहत लाभार्थी दिवगंत पत्रकार की पत्नी को मिलने वाली सम्मान निधि की राशि भी 7 हजार 500 रुपये से बढ़कर 9 हजार रुपये हो गई है।
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