डॉ. अमिता शर्मा की बिजनेस एनालिटिक्स पर आधारित पुस्तक का हुआ डिजिटल विमोचन
डॉ. अमिता शर्मा की बिजनेस एनालिटिक्स पर आधारित पुस्तक का हुआ डिजिटल विमोचन


बीकानेर, 21 मई। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (SKRAU) के इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट (IABM) में गुरुवार को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान “बी फ्यूचर रेडी विथ बिज़नेस एनालिटिक्स इन एक्शन विथ आर” (Be Future Ready with Business Analytics in Action with R) नामक पुस्तक का डिजिटल मोड से विमोचन किया गया।


इस अत्यंत उपयोगी पुस्तक की लेखिका आईएबीएम की सहायक प्रोफेसर डॉ. अमिता शर्मा तथा बीएमएल मुंजाल विश्वविद्यालय (गुड़गांव) की प्रोफेसर डॉ. जॉली मसीह हैं। डाटा एनालिसिस के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों और प्रोफेशनल्स के लिए यह पुस्तक मील का पत्थर साबित होगी। आईएबीएम के निदेशक प्रोफेसर विजय प्रकाश ने इस पुस्तक का आधिकारिक विमोचन किया।


वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षाविदों की रही उपस्थिति
ऑनलाइन आयोजित किए गए इस विमोचन कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. देवाराम सैनी और प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. दीपाली धवन सहित कई वरिष्ठ प्रोफेसर इंटरनेट के माध्यम से शामिल हुए। विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजेंद्र बाबू दुबे ने भी लेखिकाओं को इस महत्वपूर्ण पुस्तक के प्रकाशन और विमोचन पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कार्यक्रम का सफल संचालन पीएचडी शोधार्थी लवीना वासवानी ने किया। इस अवसर पर विभिन्न संस्थानों के अधिकारी, संकाय सदस्य, वर्तमान व पूर्व छात्र और आईएबीएम के पूर्व निदेशक भी उपस्थित रहे।
बिजनेस विस्तार में डाटा एनालिसिस की प्रभावी भूमिका
पुस्तक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए लेखिका डॉ. अमिता शर्मा ने बताया कि आज के दौर में ‘बिजनेस एनालिटिक्स’ हर छोटे-बड़े व्यवसाय की प्राथमिक आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने डेटा प्रोसेसिंग सेवाओं से जुड़े वैश्विक ब्लॉग ‘रिवेरी’ के लेखक केविन बार्टली के हवाले से बताया कि वर्ष 2024 में प्रतिदिन 402.74 मिलियन टेराबाइट डाटा उत्पादित हो रहा है। सोशल मीडिया और बदलते उपभोक्ता व्यवहार के कारण डाटा की यह मात्रा लगातार बढ़ रही है।
नैसकॉम (NASSCOM) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में उद्योग जगत को 2 लाख से अधिक प्रशिक्षित डाटा एनालिटिक्स प्रोफेशनल्स की तत्काल आवश्यकता है। आईटी विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक पाठ्यक्रम केवल डाटा टूल्स की जानकारी देते हैं, जिससे छात्रों में व्यावहारिक ‘प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स’ (समस्या समाधान क्षमता) विकसित नहीं हो पाती।
आर प्रोग्रामिंग’ पर आधारित व्यावहारिक केस स्टडीज
डॉ. शर्मा ने बताया कि इस कमी को पूरा करने के लिए यह पुस्तक प्रैक्टिकल केस स्टडीज पर आधारित है। यह उन विद्यार्थियों और प्रोफेशनल्स के लिए ‘हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस’ उपलब्ध कराती है, जो ‘आर प्रोग्रामिंग’ (R Programming) की बुनियादी समझ तो रखते हैं, लेकिन वास्तविक व्यावसायिक समस्याओं में इसका अनुप्रयोग (Application) नहीं कर पाते। यह किताब वैश्विक स्तर के ओपन सोर्स डेटा प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर व्यावहारिक समाधान सिखाती है।
यह पुस्तक मुख्य रूप से निम्नलिखित महत्वपूर्ण केस स्टडीज को कवर करती है- सेल्स स्ट्रेटेजी (बिक्री रणनीति), ग्राहक वर्गीकरण (Customer Segmentation) एवं व्यवहार अध्ययन, स्टॉक मार्केट निवेश और पोर्टफोलियो ऑप्टिमाइजेशन ,वन अग्नि विस्तार मॉडलिंग (Forest Fire Expansion Modeling).
यह महत्वपूर्ण पुस्तक वर्तमान में हार्डकॉपी प्रारूप में उपलब्ध है और बेहद जल्द यह प्रमुख ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर डिजिटल (ई-बुक) मोड में भी पाठकों के लिए उपलब्ध हो जाएगी।


