पत्नी के प्रेमी की निर्मम हत्या: पति को उम्रकैद की सज़ा, कोर्ट ने कहा- ‘तलाक का रास्ता छोड़कर अपराध चुना
बीकानेर एमएसीटी कोर्ट का बड़ा फैसला



जयपुर की एससी-एसटी विशेष अदालत का फैसला; आरोपी करण सिंह पंजाबी पर 55 हज़ार का जुर्माना भी लगा


बीकानेर/जयपुर। (कानूनी संवाददाता, 19 अक्टूबर) जयपुर मेट्रो द्वितीय की एससी-एसटी मामलों की विशेष अदालत ने पत्नी के अवैध संबंधों के चलते उसके प्रेमी की हत्या करने के आरोपी पति करण सिंह पंजाबी को कठोर सज़ा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश राजेन्द्र सिंह ने अभियुक्त को उम्रकैद और 55 हजार रुपये के जुर्माने की सज़ा का फैसला सुनाया है।


कोर्ट की टिप्पणी: वैधानिक रास्ता छोड़ा
फैसले में विशेष न्यायाधीश राजेन्द्र सिंह ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अभियुक्त की पत्नी और मृतक के बीच अवैध संबंधों के कारण उनके बीच तनाव था। न्यायालय ने माना कि “अभियुक्त अपनी पत्नी से तलाक लेकर अलग रह सकता था, लेकिन उसने वैधानिक रास्ता छोड़कर अपराध का मार्ग चुना और योजनाबद्ध तरीके से हत्या को अंजाम दिया।”
गला रेतकर की थी निर्मम हत्या
लोक अभियोजक मुकेश जोशी ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि अभियुक्त करण सिंह की शादी वर्ष 2012 में हुई थी। वर्ष 2017 में उसकी पत्नी की पहचान दिल्ली निवासी योगेश से हुई, जिसके बाद दोनों के बीच संबंध गहरे हो गए। जब करण सिंह को इन अवैध संबंधों की जानकारी मिली, तो उसने बदले की भावना से हत्या की योजना बनाई।
घटना का विवरण: 20 दिसंबर 2021 को योगेश अपने परिजनों को बताकर जयपुर में करण सिंह के परिवार से मिलने निकला था, क्योंकि उसी दिन अभियुक्त की बेटी का जन्मदिन भी था।
अपराध: देर रात जब करण सिंह की पत्नी योगेश से मिलने निकली, तो करण उसका पीछा करते हुए वीकेआई रोड के पास पहुंच गया।
हत्या: 20 और 21 दिसंबर की दरम्यानी रात को करण सिंह ने धारदार हथियार से योगेश का गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी थी। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर करण सिंह पंजाबी को दोषी करार देते हुए यह कठोर फैसला सुनाया है।
