पीबीएम की बदहाली पर बरसी कांग्रेस; अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन, यशपाल गहलोत ने विधायक सिद्धि कुमारी को घेरा
पीबीएम की बदहाली पर बरसी कांग्रेस



बीकानेर, 30 मार्च 2026। संभाग के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र पीबीएम अस्पताल में व्याप्त कथित अव्यवस्थाओं और मरीजों को हो रही असुविधाओं को लेकर सोमवार को कांग्रेस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया से मिला। पूर्व विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी यशपाल गहलोत के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में अस्पताल की बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार की मांग की गई।


निशुल्क दवा और जांच योजनाओं पर उठाए सवाल
अधीक्षक से मुलाकात के दौरान यशपाल गहलोत ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरू की गई निशुल्क दवा एवं जांच योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि मरीजों को आवश्यक दवाइयों के लिए मजबूरन निजी मेडिकल स्टोर्स पर भेजा जा रहा है। अस्पताल के भीतर होने वाली जांचों के बजाय मरीजों को बाहर की निजी लैब में रेफर किया जा रहा है, जिससे गरीब जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। सुपर स्पेशलिटी सेंटर सहित पूरे परिसर में साफ-सफाई का बुरा हाल है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है।


विधायक सिद्धि कुमारी पर साधा निशाना
मीडिया से बातचीत करते हुए यशपाल गहलोत ने बीकानेर पूर्व की विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद विधायक ने क्षेत्र की समस्याओं से मुंह मोड़ लिया है। बीकानेर संभाग की ‘लाइफलाइन’ कहे जाने वाले पीबीएम अस्पताल की दुर्दशा पर उनकी चुप्पी क्षेत्र की जनता के साथ विश्वासघात है।
आंदोलन की दी चेतावनी
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अधीक्षक को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि नर्सिंग स्टाफ की कमी दूर नहीं की गई और मरीजों के साथ होने वाले असंतोषजनक व्यवहार पर अंकुश नहीं लगा, तो कांग्रेस पार्टी जनहित में बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होगी।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
ज्ञापन सौंपने के दौरान पीसीसी महासचिव जिया उर रहमान आरिफ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष जावेद पडियार, उपाध्यक्ष टिंकू भाटी, साजिद सुलेमानी, दिलीप बठिया, प्रवक्ता विकास तंवर, विक्की चड्ढा, राहुल जादुसंगत, मनोज किराडू, ब्लॉक अध्यक्ष सुमित कोचर, शहजाद भुट्टो, अकबर खादी, महेंद्र देवड़ा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
