सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कांस्टेबल के परिजनों को न्यायालय ने सुनाया 87.51 लाख रुपये मुआवजे का फैसला

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला- गृहिणियां बनीं 'राष्ट्र निर्माता
STBA 5 JUNE 2026
C M MUDRA MEMORIAL HOSPITAL
quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर, 6 फ़रवरी । मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण, बीकानेर ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल के परिजनों को 87,51,633 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने यह राशि दुर्घटना की तिथि से 7 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करने के निर्देश दिए हैं।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

यह मामला 25 नवंबर 2019 की रात का है। कांस्टेबल भागीरथ सिंह, जो झुंझुनूं जिले के बुडानिया (चिड़ावा) के निवासी थे और बीकानेर में 10वीं बटालियन आर.ए.सी. कैंप में तैनात थे, अपनी मोटरसाइकिल (RJ-07-SE-0644) पर सवार होकर कैंप से शहर की ओर जा रहे थे। रात करीब 9:30 बजे जब वे राजाराम धारणिया ऑटोमोबाइल शोरूम के पास पहुंचे, तो सामने से आ रही एक पिकअप (RJ-07-GC-9287) के चालक हुकमचंद ने लापरवाही और गफ़लत से वाहन चलाते हुए डिवाइडर कट से उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में भागीरथ सिंह को गंभीर चोटें आईं और अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

pop ronak
M ranka bhajanlal cm

मृतक के परिजनों की ओर से एडवोकेट ओम बिश्नोई ‘बोला’ ने न्यायालय में मुआवजे का दावा पेश किया और प्रभावी पैरवी की। मामले की सुनवाई के बाद, माननीय न्यायालय ने माना कि दुर्घटना का एकमात्र कारण पिकअप चालक की लापरवाही थी।

अदालत ने अपने आदेश में पिकअप चालक हुकमचंद, वाहन मालिक ‘श्रीराम एंटरप्राइजेज’ के प्रोपराइटर पवन कुमार और बीमा कंपनी ‘द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड’ को संयुक्त और पृथक रूप से इस मुआवजे के लिए उत्तरदायी माना है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि दावा प्रस्तुत करने की दिनांक से संपूर्ण राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा, जिससे परिजनों को आर्थिक संबल मिल सके।

sjps

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *