किसान से रिश्वत लेते बिजली कर्मचारी रंगे हाथों गिरफ्तार, वीसीआर सेटलमेंट के नाम पर मांगे थे हजारों रुपए


बीकानेर/श्रीडूंगरगढ़, 5 जनवरी । भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ स्थित सहायक अभियंता (ऊपनी) कार्यालय में दबिश देकर बिजली विभाग के एक कार्मिक को भारी रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी विनोद कुमार पूनिया ने एक किसान के कृषि कुएं की वीसीआर (सतर्कता जांच रिपोर्ट) को कम करवाने और मामले को निपटाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।


एसीबी की टीम ने आरोपी के कब्जे से 1 लाख 45 हजार रुपए की नकद राशि बरामद की है। यह कार्रवाई चूरू एसीबी की टीम द्वारा श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में अंजाम दी गई, जिसके बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।


3.54 लाख की वीसीआर को सेटल करने का झांसा
एसीबी के एडिशनल एसपी महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया कि लिखमीसर उत्तरादा निवासी एक किसान के कृषि कुएं पर विभाग द्वारा 3.54 लाख रुपए की वीसीआर जारी की गई थी। आरोपी कार्मिक विनोद पूनिया ने किसान पर दबाव बनाया कि वह इस बड़ी राशि को केवल 1.50 लाख रुपए में सेटल करवा देगा। काफी मोलभाव के बाद सौदा 1 लाख 45 हजार रुपए में तय हुआ। योजना के तहत आरोपी ने वीसीआर के बदले 1.15 लाख रुपए का नोटिस भी जारी करवा दिया था और शेष राशि रिश्वत के तौर पर अपनी जेब में रखने की फिराक में था।
एसीबी का जाल और गिरफ्तारी
भ्रष्टाचार की इस मांग से परेशान होकर किसान ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद सोमवार को योजनाबद्ध तरीके से परिवादी को रिश्वत की राशि लेकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही परिवादी ने एक लाख 45 हजार रुपए की राशि विनोद पूनिया को थमाई, पूर्व से तैयार एसीबी सीआई महेंद्र कुमार और उनकी टीम ने दबिश देकर आरोपी को दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई है।
पूछताछ और अग्रिम कार्रवाई जारी
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल आरोपी विनोद कुमार पूनिया से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार के खेल में विभाग के अन्य कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवाओं के नाम पर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।








