बीकानेर में गहराया पर्यावरण संकट, भानीपुरा और करणीसर में 500 खेजड़ी वृक्षों की कटाई से आक्रोश, 2 फरवरी को महापड़ाव
बीकानेर में गहराया पर्यावरण संकट, भानीपुरा और करणीसर में 500 खेजड़ी वृक्षों की कटाई से आक्रोश, 2 फरवरी को महापड़ाव


बीकानेर, 15 जनवरी । सोलर प्लांट के नाम पर मरुस्थल के गौरव ‘खेजड़ी’ की बलि दिए जाने के विरोध में पर्यावरण संघर्ष समिति का धरना आज 182वें दिन भी जारी रहा। वहीं, खेजड़ला रोही (नोखा दईया) में चल रहे आंदोलन को आज 547 दिन पूरे हो गए हैं। इस लंबे संघर्ष के बीच भानीपुरा और करणीसर भाटियान की रोही से आई 500 हरे पेड़ों की कटाई की खबर ने पर्यावरण प्रेमियों के गुस्से को चरम पर पहुंचा दिया है।


खेजड़ी हमारी आस्था का प्रतीक, सरकार न बने विवेकहीन


विवेक मित्तल धरने को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता विवेक मित्तल ने सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हिंदू धर्म में पीपल और तुलसी पूजनीय हैं, उसी तरह खेजड़ी राजस्थान की जीवनरेखा और पूजनीय वृक्ष है। विकास के नाम पर पर्यावरण को असंतुलित करना आत्मघाती है। उन्होंने अफसोस जताया कि सरकार की नजर में आस्था और पर्यावरण संरक्षण से ऊपर ‘सोलर प्लांट’ हो गए हैं।
भानीपुरा-करणीसर में 500 पेड़ों का कत्लेआम
सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार हनुमाना राम बेनीवाल ने बताया कि भानीपुरा और करणीसर भाटियान की रोही में करीब 500 खेजड़ी वृक्षों को काट दिया गया है। सूचना मिलते ही रामगोपाल बिश्नोई अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बेनीवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि 2 फरवरी के महापड़ाव से पहले हमें टिब्बी के किसानों की तर्ज पर कोई ठोस और बड़ा कदम उठाना होगा, अन्यथा प्रशासन इसी तरह मरुप्रदेश को रेगिस्तान में बदल देगा।
किसान सभा का समर्थन, महापड़ाव की तैयारी
आंदोलन को बड़ी मजबूती देते हुए अखिल भारतीय किसान सभा ने 2 फरवरी को होने वाले महापड़ाव को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है। कॉमरेड जेठाराम लाखूसर ने बताया कि संगठन की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि किसान बड़ी संख्या में इस महापड़ाव का हिस्सा बनेंगे।
आज ये रहे धरने पर मौजूद
आंदोलन स्थल पर आज शिवदान मेघवाल, एडवोकेट रक्षपाल बिश्नोई, रामसिंह राहड़, ताहिर खान, गिरधारी कूकणा, सरदार दरबारा सिंह, प्रफुल्ल हाटीला, हुसैन हिंदुस्तानी और पूर्व सरपंच राधाकिशन सुथार सहित दर्जनों कार्यकर्ता डटे रहे। सभी ने एक स्वर में खेजड़ी कटाई पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
