बीकानेर में ‘गांधीगिरी’- स्वास्थ्य मंत्री के बयान के विरोध में नागरिकों ने दिखाया ‘Get Well Soon’ का संदेश; कहा— अपमानजनक टिप्पणी बीमार मानसिकता का प्रतीक

बीकानेर में 'गांधीगिरी'- स्वास्थ्य मंत्री के बयान के विरोध में नागरिकों ने दिखाया 'Get Well Soon' का संदेश; कहा— अपमानजनक टिप्पणी बीमार मानसिकता का प्रतीक
mmtc 31 oct 2026
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

बीकानेर, 12 जून। पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं के स्वास्थ्य के साथ हुई खिलवाड़ और उसके बाद राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा दी गई कथित टिप्पणी का मामला अब शांत होने के बजाय ‘गांधीगिरी’ के रास्ते पर चल पड़ा है। मंत्री के बयान को मातृशक्ति का अपमान मानते हुए बीकानेर के जागरूक नागरिकों ने विरोध का एक अनोखा और शांतिपूर्ण तरीका अपनाकर सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

सत्ता के ‘अहंकार’ पर ‘गेट वेल सून’ की चोट
बुधवार को बीकानेर के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं का एक समूह एकत्रित हुआ। इस दौरान न तो कोई पुतला फूंका गया और न ही उग्र नारेबाजी हुई। इसके उलट, सभी ने अपने मोबाइल फोन की स्क्रीन पर “GET WELL SOON” (ईश्वर आपको जल्द स्वस्थ करे) का संदेश प्रदर्शित कर मौन विरोध जताया।

pop ronak
bhikharam chandmal advertisment change 24 oct 2026

इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नारायण जैन ने बताया कि यह ‘गेट वेल सून’ किसी शारीरिक बीमारी के लिए नहीं, बल्कि उस ‘बीमार मानसिकता’ के लिए है जो एक प्रसूता की असहनीय पीड़ा का उपहास उड़ाती है। उन्होंने कहा कि जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग संवेदना खो देते हैं, तब समाज को उन्हें आईना दिखाना पड़ता है।

बीमार सोच के इलाज की प्रार्थना
नागरिकों का कहना है कि प्रसव वह समय होता है जब एक महिला मौत के मुहाने से गुजरकर नए जीवन को सृजित करती है। ऐसे में मंत्री का यह पूछना कि— “क्या वे नाचती-कूदती अस्पताल आई थीं?”— न केवल संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है, बल्कि यह हर माँ-बहन के स्वाभिमान पर प्रहार है। इस डिजिटल प्रदर्शन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि जनता चुप है, लेकिन वह अपमान को भूली नहीं है।

सार्वजनिक माफी की मांग पर अड़े नागरिक
इस अनोखे विरोध प्रदर्शन में शामिल डॉ. पी.के. सरीन, नितिन वत्सस, एजाज पठान, नीरज शर्मा, मंगल जोशी और कुलदीप सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने एक सुर में कहा कि एक जनप्रतिनिधि का कर्तव्य घावों पर मरहम लगाना होता है, उन पर नमक छिड़कना नहीं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक मंत्री महोदय इस हृदय विदारक बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक माताओं के सम्मान में यह मूक और झकझोर देने वाला विरोध जारी रहेगा।

adv change on 24 oct 2026