तकनीकी शिक्षा में ऐतिहासिक कदम: इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर और NIELIT के बीच MoU, छात्रों को मिलेगा इंडस्ट्री-रेडी कौशल

तकनीकी शिक्षा में ऐतिहासिक कदम
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  • साइबर सिक्योरिटी, AI और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रशिक्षण और शोध; बीकानेर बनेगा तकनीकी उत्कृष्टता का हब

बीकानेर। (तकनीकी शिक्षा संवाददाता, 19 अक्टूबर) तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर (ECB) और राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) बीकानेर ने एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता बीकानेर के युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने, उन्हें उद्योग जगत से जोड़ने और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह साझेदारी तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगी।

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तकनीकी सहयोग और नवाचार पर ज़ोर
इस MoU के तहत, दोनों संस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ई-गवर्नेंस और हार्डवेयर डिज़ाइन जैसे उभरते क्षेत्रों में संयुक्त प्रशिक्षण, अनुसंधान और विकास गतिविधियाँ संचालित करेंगे।

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ECB के प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश जाखड़ ने इस सहयोग को छात्रों के लिए ‘लर्न बाय डूइंग’ (करते हुए सीखने) की संस्कृति विकसित करने वाला बताया। वहीं, NIELIT बीकानेर के डायरेक्टर जे. मोहन कोली ने कहा कि यह प्रयास स्थानीय प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। इस अवसर पर ईआईसीई विभागाध्यक्ष डॉ. पूजा भारद्वाज, इनोवेशन सेल के विभागाध्यक्ष डॉ. राहुल राज चौधरी और डॉ. ऋतुराज सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

छात्रों को मिलेंगे विशेष फायदे
इस संयुक्त प्रयास का सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा, जिससे उनकी प्रोफाइल राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त होगी:
इंडस्ट्री-रेडी स्किल डेवलपमेंट: प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योग की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ढाला जाएगा, जिससे छात्र पढ़ाई के दौरान ही रोजगार के लिए सक्षम बन सकेंगे।
संयुक्त प्रमाणपत्र और डिप्लोमा: ECB और NIELIT द्वारा संयुक्त रूप से प्रमाणित कोर्स छात्रों की प्रोफाइल को मजबूत बनाएंगे।
रिसर्च और इनोवेशन: छात्रों को हैकथॉन, इनोवेशन चैलेंज और रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलेगा, जिससे वे पेटेंट एवं स्टार्टअप आइडिया विकसित कर सकेंगे।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का साझा उपयोग: दोनों संस्थानों की आधुनिक प्रयोगशालाओं और सॉफ्टवेयर सुविधाओं का साझा उपयोग छात्रों को अत्याधुनिक सीखने का अनुभव प्रदान करेगा।

प्लेसमेंट और संवाद: दोनों संस्थान मिलकर सरकारी व निजी क्षेत्र की कंपनियों से संपर्क स्थापित कर कैरियर काउंसलिंग और भर्ती अभियान चलाएंगे।

‘नवाचार क्रांति’ की शुरुआत
यह साझेदारी रचनात्मकता और इनोवेशन की संस्कृति को प्रोत्साहित करेगी, जिसमें रिसर्च प्रोजेक्ट्स और इनक्यूबेशन सेंटर शामिल होंगे। दोनों संस्थान इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) पर साझा स्वामित्व रखेंगे, जो पेटेंट और प्रोटोटाइप के विकास को प्रोत्साहित करेगा। यह समझौता भारत सरकार के डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया अभियानों की भावना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे बीकानेर के तकनीकी परिदृश्य में एक “नवाचार क्रांति” की शुरुआत माना जा रहा है।

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