भारत तिब्बत सहयोग मंच की बैठक संपन्न, सुधा आचार्य ने कहा— ‘कठिनाइयां तो पुष्प समान हैं, प्रयास से मिलेगी सफलता’


इंदौर , 11 जनवरी । भारत तिब्बत सहयोग मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को खंडवा रोड स्थित कार्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में बीकानेर (राजस्थान) से पधारीं मंच की मध्य क्षेत्र सह-प्रभारी श्रीमती सुधा आचार्य ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। शंखनाद के साथ शुरू हुई इस बैठक में सुधा आचार्य ने मंच के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रहित के कार्यों में कठिनाइयां आनी स्वाभाविक हैं, लेकिन इन्हें पुष्प के समान समझकर निरंतर प्रयत्नशील रहने से सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
श्रीमती आचार्य ने अपने संबोधन में भगवान राम, भगवान कृष्ण और गुरुनानक देव जी के जीवन मूल्यों का उल्लेख किया। उन्होंने महाराणा प्रताप, शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह जी के त्याग और बलिदान की गाथाएं सुनाकर कार्यकर्ताओं में जोश भरा। साथ ही, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक डॉ. हेडगेवार और गुरुजी सदाशिव गोलवलकर के संघर्षमयी जीवन तथा संघ की 100 वर्षों की यात्रा का विवरण प्रस्तुत करते हुए उन्होंने तिब्बत की आजादी और कैलाश मानसरोवर की मुक्ति हेतु एक निर्णायक संघर्ष यात्रा का आह्वान किया।


संगठनात्मक विस्तार और नवीन नियुक्तियां


बैठक में उज्जैन से पधारे मध्य क्षेत्र के संयोजक संजय शर्मा ने सह-प्रभारी सुधा आचार्य और मालवा प्रांत के अध्यक्ष पन्नालाल गुप्ता का स्वागत किया। श्री शर्मा ने मालवा प्रांत के पदाधिकारियों का परिचय कराते हुए मंच के विभिन्न प्रकोष्ठों और जिलों में संगठन के गठन कार्य को एक निश्चित समय सीमा में पूर्ण करने का अनुरोध किया। इसी अवसर पर अनिल आर्य को मालवा प्रांत के महामंत्री पद पर मनोनीत करने की घोषणा की गई, जिसका सभी सदस्यों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।
हिंदू सम्मेलन और तिब्बत मुक्ति का संकल्प
महिला विभाग की प्रांत अध्यक्ष डॉ. नीति दुबोलिया ने आगामी दिनों में होने वाले हिंदू सम्मेलन में सहभागिता की बात कही। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बाबा महादेव की आराधना के साथ तिब्बत की आजादी के विषय को जन-जन तक ले जाने का संकल्प दिलाया। बैठक के अंत में नवनियुक्त महामंत्री अनिल आर्य ने सभी का आभार व्यक्त किया। प्रचार विभाग के गुरमीत होरा ने बताया कि इस बैठक से मालवा प्रांत में संगठन को नई मजबूती मिली है।








