कामिनी विमल भोजक ‘मैया’ वृंदावन में “सौर धर्म सम्मान” से विभूषित
कामिनी विमल भोजक 'मैया' वृंदावन में "सौर धर्म सम्मान" से विभूषित


बीकानेर/वृंदावन, 16 मार्च 2026। भक्ति और अध्यात्म की नगरी वृंदावन में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय समारोह में बीकानेर की वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती कामिनी विमल भोजक ‘मैया’ को उनकी विशिष्ट सेवाओं और सांस्कृतिक योगदान के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान “सौर धर्म सम्मान” से सम्मानित किया गया है।


ब्राह्मण कुल का राष्ट्रीय वैचारिक संगम
वृंदावन में आयोजित इस कार्यक्रम में संपूर्ण भारतवर्ष से आए विद्वानों और मनीषियों ने ‘सनातन धर्म और सूर्य की महत्ता’ पर केंद्रित वैचारिक मंथन में भाग लिया। इस संगम का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति में सूर्य देव की वैज्ञानिक और आध्यात्मिक प्रधानता पर चर्चा करना था। इसी गरिमामयी अवसर पर बीकानेर की कामिनी विमल भोजक को समाजसेवा के क्षेत्र में उनके निरंतर सक्रिय रहने और सनातन मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए इस सम्मान हेतु चुना गया।


प्रमुख विभूतियों ने किया सम्मान
समारोह के दौरान मंचासीन विशिष्ट अतिथियों ने श्रीमती भोजक को सम्मानित किया। सम्मान स्वरूप: उन्हें राधा नाम अंकित पारंपरिक चुनरी ओढ़ाई गई और प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया। अतिथि: इस अवसर पर श्री राजेश कुमार मिश्र, श्री शैलेश पाठक, आचार्य गोपाल मिश्र और श्री श्रीराम शर्मा जैसे ख्यातनाम व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
समाज में हर्ष की लहर
कामिनी विमल भोजक को मिले इस राष्ट्रीय सम्मान से बीकानेर के प्रबुद्धजनों, समाजसेवी संगठनों और शाकद्वीपीय समाज में हर्ष की लहर है। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के सम्मान से न केवल व्यक्ति का मनोबल बढ़ता है, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिलती है।
