वाहन मालिकों को बड़ी राहत, ऋण मुक्त होते ही आरसी से स्वतः हट जाएगा बैंक का नाम
वाहन मालिकों को बड़ी राहत, ऋण मुक्त होते ही आरसी से स्वतः हट जाएगा बैंक का नाम


बीकानेर, 16 मार्च । केंद्र सरकार ने वाहन फाइनेंस कराने वाले करोड़ों लोगों को एक बड़ी डिजिटल सौगात दी है। अब बैंक या फाइनेंस कंपनी का कर्ज चुकाने के बाद वाहन मालिकों को अपनी आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) से हाइपोथिकेशन यानी बैंक का नाम हटवाने के लिए परिवहन विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नई डिजिटल व्यवस्था के तहत, जैसे ही वाहन ऋण की अंतिम किस्त जमा होगी, आरसी से बैंक का नोट स्वतः ही हट जाएगा।


पोर्टल से जुड़े बैंक और एनबीएफसी
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस क्रांतिकारी बदलाव को 1 मार्च से प्रभावी कर दिया है। वर्तमान में परिवहन विभाग के ‘वाहन’ सॉफ्टवेयर को एक राष्ट्रीयकृत बैंक और पांच प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) से जोड़ दिया गया है। आने वाले समय में देश के सभी बैंकों और निजी फाइनेंस कंपनियों को इस पोर्टल के दायरे में लाया जाएगा, जिससे ऋण चुकता होते ही आरसी ऑनलाइन अपडेट होने लगेगी।


कैसे काम करेगी यह नई डिजिटल प्रणाली?
इस नई प्रणाली के तहत पूरी प्रक्रिया मानवीय हस्तक्षेप के बिना संपन्न होगी। जैसे ही वाहन मालिक अपना ऋण चुकाएगा, संबंधित बैंक अपने सिस्टम में इसे अपडेट करेगा। बैंक का यह डाटा सीधे परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर से मिलान करेगा और आरसी को अपडेट कर देगा। इस बदलाव की सूचना वाहन मालिक को तुरंत एसएमएस (SMS) के जरिए मिल जाएगी, जिसके बाद वे किसी भी ई-मित्र केंद्र से अपनी अपडेटेड आरसी प्राप्त कर सकेंगे।
पुरानी व्यवस्था की जटिलताओं से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान व्यवस्था में वाहन ऋण चुकता करने के बाद बैंक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की हार्ड कॉपी लेकर परिवहन विभाग जाना पड़ता था। वहां मैनुअल वेरिफिकेशन और मेल के मिलान की लंबी प्रक्रिया के बाद ही आरसी से बैंक का नाम हटाया जाता था। इस जटिल प्रक्रिया के कारण वाहन मालिकों को बैंक और आरटीओ कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब नई तकनीक ने इस पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बना दिया है।
