कुदरत के कहर से मूसलाधार बारिश के बाद भीषण भूस्खलन, 8 की मौत और 80 से अधिक लापता

कुदरत के कहर से मूसलाधार बारिश के बाद भीषण भूस्खलन, 8 की मौत और 80 से अधिक लापता
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जकार्ता/जावा, 24 जनवरी। इंडोनेशिया के मुख्य द्वीप जावा में शनिवार तड़के कुदरत ने खौफनाक मंजर पेश किया। कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते हुए भीषण भूस्खलन (Landslide) ने एक हंसते-खेलते गांव को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 82 ग्रामीण लापता बताए जा रहे हैं, जिनके कीचड़ और मलबे में दबे होने की आशंका है।

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सोते समय मलबे में दफन हो गई बस्ती
हादसा पश्चिम जावा प्रांत के वेस्ट बांडुंग जिले के पासिर लांगू गांव में तड़के करीब तीन बजे हुआ। भारी बारिश के कारण पास की नदियां उफान पर थीं, जिससे अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे रिहायशी बस्ती पर आ गिरा। सबसे ज्यादा तबाही पासिर कुनिंग बस्ती में देखी गई, जहां गहरी नींद में सो रहे लोग संभलने का मौका मिलने से पहले ही मिट्टी और मलबे के साथ बह गए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अब तक मलबे से 8 शव निकाले जा चुके हैं।

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युद्ध स्तर पर जारी है बचाव अभियान
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने बताया कि लापता 82 लोगों की तलाश के लिए बचाव दल (SAR Team) युद्ध स्तर पर अभियान चला रहे हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और फिसलन भरे रास्ते बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रहे हैं। राहत की बात यह रही कि आपदा के समय 24 लोग अपनी जान बचाकर सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे। कीचड़ के विशाल ढेर को हटाने के लिए भारी मशीनों को मंगवाया गया है, लेकिन संकरी गलियों के कारण मशीनें पहुँचने में कठिनाई हो रही है।

लगातार बारिश बनी बड़ी चुनौती
इंडोनेशिया में मानसूनी सीजन के दौरान भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं आम हैं, लेकिन इस बार बारिश के रिकॉर्ड स्तर ने तबाही की तीव्रता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में और अधिक बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे राहत कार्यों में लगे बचावकर्मियों के लिए खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है।

 

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