तेरापंथी सभा गंगाशहर केअध्यक्ष पद की शपथ नवरतन बोथरा ने अपनी टीम के साथ ली व जतन लाल संचेती  तीसरी बार मंत्री बने

तेरापंथी सभा, गंगाशहर अध्य्क्ष व टीम का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन
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quicjZaps 15 sept 2025
हुलासमल जी लालानी

गंगाशहर , 15 अक्टूबर। जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, गंगाशहर के नव मनोनीत अध्यक्ष नवरत्न बोथरा ने आज उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी के सान्निध्य में 51 सदस्यों की कार्यकारणी सदस्यों के साथ पद और गोपनीयता की शपथ ली। पूर्व अध्यक्ष अमर चन्द सोनी ने शपथ दिलवायी। अपनी टीम में 135 विशेष आमंत्रित सदस्य व 9 परामर्शको को शामिल किया गया।

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उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी

इस अवसर पर उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी स्वामी ने कहा कि कार्यकर्ताओं में कार्य करने की ललक होनी चाहिए। निष्ठा भाव होना चाहिए। देव गुरु धर्म के प्रति श्रद्धा होनी चाहिए। मुनि श्री ने सभी को साथ लेकर कार्य करने की प्रेरणा दी। नवरतन व जतन नाम की विशेषताओ का उल्लेख करते हुए बताया कि जैन धर्म जतना का धर्म है। जतना शब्द का उल्लेख आगमों में आया है। नौ रतन को समाहित करके नवरतन बोथरा नाम है। इनका अध्यक्षीय कार्यकाल ऐतिहासिक बने ऐसा मंगल आर्शीवचन प्रदान किये। ।
 नवरतन बोथरा ने पुनम चन्द बोथरा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष व पवन छाजेड़ एवं डालचन्द भुरा उपाध्यक्ष बनाया। श्री जतन लाल संचेती को मंत्री व श्री मांगीलाल लूणिया को कोषाध्यक्ष व पीयूष लुणिया व शान्तिलाल पुगलिया को सह मंत्री व कमल  भंसाली को संगठन मंत्री बनाया गया है। जतन लाल संचेती तेरापंथ सभा गंगाशहर के तीसरी बार मंत्री बने हैं।इससे पूर्व 2007 में दूलीचन्द जी चोपड़ा व 2024 -25 में जतन लाल छाजेड़ के साथ मंत्री बने थे ।
निवर्तमान अध्यक्ष श्री जतन लाल छाजेड़ के कार्यकाल के प्रतिवेदन की मुख्य कार्यो का उल्लेख करते हुए मंत्री जतन लाल संचेती ने बताया कि सम्पूर्ण भारत में वृहद सभाओं में श्रेष्ठ सभा का प्रथम पुरस्कार गंगाशहर सभा को मिला। पांच दिवसीय संभागीय संस्कार निर्माण शिविर का आयोजन , बच्चों में बचपन से ही नैतिकता, सद्भावना व नशा मुक्ति की भावना के विकास हेतु छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें 2000 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। प्रत्येक ज्ञान शाला का नियमित व व्यवस्थित संचालन करते हैं जिसमे 250 से अधिक बच्चों की उपस्थित रहती है ।
चारित्रत्माओं की चिकित्सा सेवा, चारित्रत्माओं की मार्ग सेवा, आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रवास स्थल, सुरत व अहमदाबाद में चोका सेवा।
आचार्य प्रवर के गंगाशहर में चातुर्मास के लिए “अरदास” अर्ज यात्रा का आयोजन । उपासक श्रेणी के विकास हेतु प्रयास, सभा आपके द्वार कार्यक्रम, सभी संघीय कार्यक्रमों का कुशलता से आयोजन तथा महासभा के द्वारा निर्धारित संविधान के अनुरूप गंगाशहर सभा का संविधान संशोधन किया । महासभा के द्वारा दिशा निर्देशित सभी कार्यो को संपादित करना, जैन विधा परीक्षा व विभिन्न आगम – साहित्यों से सम्बन्धित प्रतियोगिता व परीक्षाएं करवाना। अहमदाबाद में आचार्य श्री महाश्रमण जी के चातुर्मास में 11- 12 सितम्बर को श्रद्धा – प्रणत यात्रा के माध्यम से आचार्य प्रवर से बीकानेर चोखले में लम्बे प्रवास करने का निवेदन किया गया एवं अनेक कार्यो का उल्लेख प्रतिवेदन के माध्यम से श्रावक श्राविकाओं के मध्य किया गया।
शपथग्रहण समारोह में महासभा के संरक्षक जैन लूणकरण छाजेड़ ने नयी टीम को बधाई देते हुए कहा कि एक कार्यकर्ता को तेरापंथ समाज का प्रथम व्यक्ति बनने के लिए समर्पण , सेवा के साथ निरन्तरता बनाये रखनी पड़ती है। छाजेड़ ने कहा की श्रेष्ठ कार्यकर्ता को पद , प्रतिष्ठा व पुरस्कार की लालसा से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवरतन बोथरा 1997 से कार्यकर्ता के रूप में अपनी सेवाएं देते हुए तेयुप व सभा में अनेक पदों पर कार्य किया जिसका ही प्रतिफल है कि आज सर्वोच्च पद की शपथ ली है।

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 नवरतन बोथरा

नव मनोनीत अध्यक्ष श्री नवरतन बोथरा अध्यक्ष ने कहा कि यह पद मेरे लिए सम्मान नहीं, बल्कि तेरापंथ धर्म की ज्योति को और प्रज्वलित करने का, समुदाय को एकजुट करने का और अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह के सिद्धांतों को जीवन में उतारने का एक पवित्र दायित्व है। उन्होंने कहा कि तेरापंथ परंपरा भगवान महावीर व आचार्य श्री भिक्षु के संदेशों का जीवंत स्वरूप है। यहाँ हर कदम पर आत्म-शुद्धि, करुणा और सामूहिक उत्थान की प्रेरणा मिलती है। लेकिन आज के दौर में चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। आधुनिक जीवन की भागदौड़ में हमारी युवा पीढ़ी धार्मिक मूल्यों से दूर होती जा रही है। पर्यावरण संकट, सामाजिक असमानता और नैतिक पतन के बीच तेरापंथी सिद्धांत ही हमारा मार्गदर्शक हो सकते हैं। इसलिए, मेरी प्राथमिकता समाज को जोड़ना होगी। बोथरा ने कहा कि हम महिला मंडल व तेयुप जैसी संस्थाओं के माध्यम से जैन संस्कार, सम्यक दर्शन और भिक्षु दर्शन की कार्यशालाएँ आयोजित करेंगे। गौचरी सेवा और सामाजिक कार्यों में सक्रियता बढ़ाएँगे, ताकि हमारा धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रहे, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बने। नवरतन बोथरा ने कहा “मैं वादा करता हूँ कि सभा के कार्यों में पारदर्शिता, समावेशिता और विनयशीलता का पालन होगा। हर निर्णय सामूहिक सहमति से होगा। महिलाओं और कन्याओं की भागीदारी को प्रोत्साहन देंगे। हम सब मिलकर तेरापंथ को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ। नव मनोनीत अध्यक्ष आचार्य श्री महाश्रमण जी के लाडनू प्रवास में चोका सेवा तेरह माह करने व दिसम्बर में तेरापंथ मेरा पंथ कार्यशाला करवाने की घोषणा की।

श्री गणेश जी बोथरा अध्यक्ष आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान, श्री रतन लाल छल्लाणी अध्यक्ष तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम, श्री ललित राखेचा अध्यक्ष तेरापंथ युवक परिषद्, श्री करणी दान रांका अध्यक्ष अणुव्रत समिति श्रीमती प्रेम बोथरा अध्यक्ष तेरापंथ महिला मंडल, श्रीअमर चन्द जी सोनी पूर्व अध्यक्ष तेरापंथी सभा ने तेरापंथी सभा की पूरी टीम के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त की।

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