लक्षित प्रकरणों की कार्ययोजना का विरोध, बीकानेर बार एसोसिएशन ने आगामी आदेशों तक न्यायिक कार्य स्थगित करने का लिया निर्णय
लक्षित प्रकरणों की कार्ययोजना का विरोध


बीकानेर, 31 अगस्त । राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा लक्षित प्रकरणों (Targeted Cases) के निस्तारण हेतु जारी ‘Phase-VI’ कार्ययोजना के विरोध में बार एसोसिएशन बीकानेर ने आगामी आदेशों तक न्यायिक कार्य से विरत रहने (स्ट्राइक) का बड़ा निर्णय लिया है। 31 अगस्त को आयोजित आमसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर अधिवक्ताओं ने इस कार्ययोजना पर गहरी चिंता जताई।


बार एसोसिएशन की आमसभा में अधिवक्ताओं ने कहा कि लक्षित प्रकरणों में नए मामलों को जबरन शामिल किया जा रहा है और न्याय की गुणवत्ता के बजाय केवल मुकदमों के संख्यात्मक निस्तारण को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे अधिवक्ताओं की प्रभावी पैरवी प्रभावित हो रही है और उनके व्यक्तिगत व पारिवारिक जीवन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बार अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित ने प्रदेश के अन्य बार संघों के पदाधिकारियों से विचार-विमर्श करने के बाद बीकानेर में आगामी आदेशों तक कार्य स्थगन रखने का फैसला किया।


अध्यक्ष अजय पुरोहित ने स्पष्ट किया कि अधिवक्ता प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के पक्ष में हैं, लेकिन न्याय की गुणवत्ता और मानवीय दृष्टिकोण से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। यह निर्णय न्यायपालिका के असम्मान के लिए नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं की व्यावहारिक समस्याओं से उच्च न्यायालय को अवगत कराने के लिए लिया गया है। इस संबंध में जिला एवं सेशन न्यायाधीश के माध्यम से राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
