बीकानेर में पेट्रोल ₹111.32 लीटर पहुंचा, 9 दिन में ₹5.12 की भारी बढ़ोतरी

बीकानेर में पेट्रोल ₹111.32 लीटर पहुंचा, 9 दिन में ₹5.12 की भारी बढ़ोतरी
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quicjZaps 15 sept 2025

पेट्रोल पंपों पर नई दरें लागू

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डीजल ₹96.57 प्रति लीटर हुआ; भाड़ा बढ़ने से फल, सब्जी और राशन महंगा होने के आसार

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $70 से बढ़कर $100 प्रति बैरल पार होने का असर

बीकानेर, 24 मई। बीकानेर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी की गई है। इस ताजा वृद्धि के बाद बीकानेर में पेट्रोल की दरें 93 पैसे और डीजल की दरें 92 पैसे प्रति लीटर बढ़ गई हैं। महज 9 दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में यह तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है, जिसने आम जनता के घरेलू बजट को पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया है।

नई दरें लागू होने के बाद बीकानेर में पेट्रोल की कीमत 110 रुपये 39 पैसे प्रति लीटर से बढ़कर 111 रुपये 32 पैसे हो गई है। वहीं, डीजल के दाम 95 रुपये 65 पैसे से बढ़कर 96 रुपये 57 पैसे प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गए हैं। ईंधन की ये नई दरें शनिवार सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर प्रभावी कर दी गई हैं। इससे पहले 15 और 19 मई को भी कीमतों में इजाफा किया गया था। इन 9 दिनों के भीतर पेट्रोल कुल 5 रुपये 12 पैसे और डीजल 4 रुपये 85 पैसे प्रति लीटर महंगा हो चुका है।

रसोई के बजट पर पड़ेगा सीधा असर: डॉ. पीएस वोहरा
आर्थिक मामलों के जानकार डॉ. पीएस वोहरा के अनुसार, ईंधन की कीमतों में इस लगातार वृद्धि के कारण आने वाले दिनों में हर क्षेत्र में महंगाई बढ़ना तय है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के विश्लेषण के अनुसार:

वाहनों का खर्च: यदि किसी परिवार का कार पर मासिक पेट्रोल खर्च 5,000 रुपये है, तो वह अब 250 रुपये बढ़ जाएगा। दो दुपहिया वाहनों का खर्च 1,500 रुपये से बढ़कर 1,700 रुपये तक पहुंच जाएगा।

राशन का बजट: माल ढुलाई महंगी होने से 3,000 रुपये के मासिक राशन पर 500 से 600 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

कैसकेडिंग इफेक्ट: किसी भी वस्तु की कुल लागत में 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा केवल परिवहन (भाड़े) का होता है। इसका सीधा असर रोजमर्रा की सब्जियों, फलों और दूध की कीमतों पर दिखाई देगा।

डीलर्स की बढ़ी वर्किंग कैपिटल, मुनाफे में कोई बढ़ोतरी नहीं
पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरपत सिंह ने बताया कि ईंधन महंगा होने से डीलर्स की वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) 5 प्रतिशत तक बढ़ गई है। निवेश की लागत और बाजार में उधार की क्षमता दोनों बढ़ गई हैं, लेकिन डीलर्स के मुनाफे में कोई इजाफा नहीं हुआ है। डीजल पर 2.52 रुपये और पेट्रोल पर 4.05 रुपये प्रति लीटर का डीलर कमीशन पिछले करीब तीन साल से स्थिर है।

पेट्रोल पंप डीलर श्रीवस्त पांडे के अनुसार, तेल कंपनियों ने सबसे पहले अपना भाड़ा बढ़ाया है। पहले जो 23 हजार लीटर का टैंकर 22.58 लाख रुपये में आता था, वह अब 70 से 80 हजार रुपये अधिक महंगा पड़ रहा है।

दर स्थिर होने पर 15-20% तक बढ़ेगा मालभाड़ा
बीकानेर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सचिव राजेश मुंजाल के अनुसार, वर्तमान में डीजल की दरें अस्थिर होने के कारण ट्रांसपोर्टर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार किश्तों में कीमतें इसलिए बढ़ा रही है ताकि तत्काल महंगाई का बड़ा झटका न दिखे। दरें स्थिर होने के बाद देश भर में माल भाड़ा 15 से 20 फीसदी तक बढ़ना तय है। वर्तमान में डीलर्स के पास डीजल की शॉर्टेज (कमी) भी देखी जा रही है, जिससे मांग के अनुसार पूरा डीजल नहीं मिल पा रहा है।

ईरान-अमेरिका तनाव के कारण बढ़े दाम
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अचानक आई इस तेजी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया उछाल है। ईरान और अमेरिका के बीच शुरू हुए भू-राजनीतिक तनाव से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। इस वैश्विक दबाव के कारण तेल कंपनियों ने अपने घाटे की भरपाई के लिए घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ाई हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संकट लंबा खिंचता है, तो आने वाले दिनों में ईंधन और भी महंगा हो सकता है।

 

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