पीबीएम अस्पताल में पीडब्ल्यूडी की ‘परमानेंट’ चौकी शुरू; अब साल के 365 दिन होगा मेंटेनेंस, 50 लाख का बजट जारी
पीबीएम अस्पताल में पीडब्ल्यूडी की 'परमानेंट' चौकी शुरू


बीकानेर, 22 जनवरी। उत्तर राजस्थान के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल की जर्जर होती इमारतों और मरम्मत की शिकायतों के स्थायी समाधान के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल परिसर में अब पीडब्ल्यूडी (PWD) की चौकी विधिवत रूप से शुरू हो गई है। इसका मुख्य उद्देश्य अस्पताल में प्लंबिंग, कारपेंटिंग और राजमिस्त्री से जुड़े कार्यों को बिना किसी देरी के 365 दिन सुचारू रखना है।


पुराने आवास में बना दफ्तर, तैनात रहेगा तकनीकी स्टाफ


अधीक्षक डॉ. बीसी घीया ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों के एक पुराने आवास को मरम्मत कर पीडब्ल्यूडी की चौकी का रूप दिया गया है। यहां एईएन (AEN) और जेईएन (JEN) के साथ-साथ कुशल श्रमिक कार्यालय समय में मौजूद रहेंगे। अस्पताल की किसी भी विंग से फर्नीचर टूटने, पाइप लाइन लीकेज या दीवार की मरम्मत की शिकायत आने पर तुरंत टीम मौके पर भेजी जाएगी। संचार व्यवस्था के लिए चौकी को ईपीबीएक्स (EPBX) इंटरकॉम सेवा से भी जोड़ दिया गया है।
एसएमएस हादसे के बाद सरकार हुई गंभीर
गौरतलब है कि मई 2025 में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में छत का प्लास्टर गिरने से दो मरीज घायल हो गए थे। इस गंभीर घटना के बाद राज्य सरकार ने सभी संभाग मुख्यालयों के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में पीडब्ल्यूडी की स्थायी चौकियां खोलने के निर्देश दिए थे। पीबीएम की रियासतकालीन इमारतों में सीलन, गिरते प्लास्टर और जनाना विंग की उखड़ती फॉल्स सीलिंग को देखते हुए यह कदम बेहद जरूरी माना जा रहा था।
बजट की व्यवस्था: 50 लाख ट्रांसफर, 2 करोड़ का प्रस्ताव
मेंटेनेंस कार्यों के लिए पीडब्ल्यूडी ने इस वर्ष 2 करोड़ रुपये के बजट की मांग की है।
तात्कालिक राहत: वर्तमान में 50 लाख रुपये विभाग के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए हैं।
भावी योजना: शेष 1.5 करोड़ रुपये किश्तों में दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी (RMRS) और बीएसएफसी (BSFC) में भी बजट के विशेष प्रस्ताव भेजे गए हैं।
ठेके पर कुशल श्रमिक और डिजिटल ट्रैकिंग
मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के लिए पीडब्ल्यूडी द्वारा प्लंबर, कारपेंटर और राजमिस्त्री जैसे कुशल श्रमिकों को ठेके पर लेने के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। बिजली संबंधी कार्यों के लिए पीबीएम का ईएमडी विभाग सहयोग करेगा। खास बात यह है कि अब हर शिकायत और उसके समाधान का विवरण तारीख सहित रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, जिससे कार्यों की गुणवत्ता और जवाबदेही तय हो सकेगी।
